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6 लाख का लोन पास करने के लिए 30 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहा था बैंक प्रबंधक, लोकायुक्त ने पकड़ा

खंडवा में जिला सहकारी बैंक के प्रबंधक के साथ ही पीएचई विभाग इंदौर में कार्यरत कार्यपालन यंत्री को भी पकड़ा।

Danik Bhaskar | May 18, 2018, 07:21 PM IST

इंदौर। लोकायुक्त पुलिस ने एक बैंक प्रबंधक को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा है। मामला खंडवा जिले का है, जहां जिला सहकारी बैंक प्रबंधक एक व्यक्ति के 6 लाख रुपए के लोन को पास करने के लिए 30 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहा था। शिकायत पर लोकायुक्त पुलिस ने शुक्रवार को आरोपी को रंगे हाथ पकड़ा। वहीं एक अन्य कार्रवााई में पीएचई विभाग इंदौर में कार्यरत कार्यपालन यंत्री रामचंद्र पुरोहित को 8 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा।


- लोकायुक्त पुलिस के अनुसार खंडवा जिले के बोरगांव बुजुर्ग गांव के निवासी कमल पाटिल ने शिकायत दर्ज कराई थी कि गांव के जिला सहकारी बैंक का प्रबंधक गोपाल सिंह दरबार उससे 30 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहा है।

- शिकायतकर्ता ने बताया कि डेरी फार्म का कारोबार करने के लिए उसे 6 लाख रुपए की आवश्यकता थी। इसके लिए उसने जिला सहकारी बैंक में लोन के लिए आवेदन किया था।

- ऋण के लिए कमल ने सभी दस्तावेज बैंक को उपलब्ध कराए थे। बैंक कर्मचारियों ने उसका लोन ओके कर दिया था, लेकिन उसकी लोन फाइल बैंक मैनेजर गोपल सिंह ने रोक ली थी।

- मामले में जब कमल बैंक मैनेजर से मिला तो बैंक मैनेजर ने लोन पास कराने के लिए 30 हजार रुपए रिश्वत के रूप में मांगे। कमल को लोन की आवश्यक्ता थी इसलिए वह बैंक मैनेजर को रिश्वत देने के लिए राजी हो गया।

- बाद में कमल ने बैंक मैनेजर द्वारा रिश्वत मांगे जाने की शिकायत लोकायुक्त में की। शिकायत मिलने पर लोकायुक्त की टीम ने आरोपी को रंगे हाथों पकड़ने की योजना तैयार की।

योजना बनाकर पकड़ा

- योजना के तहत कमल को तय की गई रिश्वत की राशि 30 हजार रुपए में से प्रथम किश्त के रूप में 4 हजार रुपए लेकर बैंक मैनेजर को देने के लिए भेजा गया। मौके पर लोकायुक्त की टीम पहले से ही सादी वर्दी में तैनात थी। जैसे ही कमल ने आरोपी बैंक मैनेजर गोपाल सिंह को रिश्वत के चार हजार रुपए दिए वैसे ही लोकायुक्त पुलिस ने रिश्वतखोर को धर दबोचा। लोकायुक्त पुलिस द्वारा मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।

इंदौर में कार्यपालन यंत्री को भी रंगे हाथ पकड़ा
लोकायुक्त ने एक अन्य कार्रवाई में पीएचई विभाग इंदौर में कार्यरत कार्यपालन यंत्री रामचंद्र पुरोहित को 8 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा। जानकारी के अनुसार कार्यपालन यंत्री अपने स्टाफ के ड्राइवर राजकुमार सिंह के जीपीएफ के 2.5 लाख रुपए पास करने के एवज में 12 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहा था।