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कुलपति के घर को अपना बता दूसरे ने ले लिया लोन, नहीं चुकाने पर कुर्की करने पहुंचे बैंक अधिकारी

यह लोन कुलपति के घर के एवज में लिया गया था, जिसे चुकाया नहीं गया।

Dainik Bhaskar

May 18, 2018, 05:50 AM IST
Bank officer arrived for attachment to house of Vice Chancellor of devi Ahilya University

इंदौर. देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. नरेंद्र धाकड़ के तिलक नगर स्थित घर की कुर्की के लिए गुरुवार दोपहर बैंक अधिकारी दल-बल के साथ पहुंच गए। खबर लगते ही कुलपति ने बैंक व प्रशासनिक अधिकारियों को फोन कर इस मामले में कानूनी विवाद होने और सिविल कोर्ट में केस चलने का हवाला दिया, इसके बाद बैंक अधिकारियों ने कुर्की को रोका।


मामला कुलपति के घर पर एलएंडटी हाउसिंग सोसायटी फाइनेंस कंपनी से गुरु कृपाल सिंह सुजलाना और उनकी पत्नी चरणजीत कौर सुजलाना द्वारा लिए गए लोन का है। यह लोन कुलपति के घर के एवज में लिया गया था, जिसे चुकाया नहीं गया। इस पर अपर कलेक्टर कोर्ट में केस भी चला और लोन नहीं चुकाए जाने पर कोर्ट ने बैंक को मकान कुर्क कर लोन राशि वसूलने के आदेश भी दे दिए। इसी आदेश को लेकर बैंक अधिकारी पहुंचे थे।

कूटरचित दस्तावेज बनाकर लिया लोन

कुलपति डॉ. धाकड़ ने कहा कि 1995 से यह संपत्ति मेरे बेटे अमित धाकड़ के नाम है। कूटरचित दस्तावेज से एक अन्य विक्रय पत्र बनाकर नाहटा ने चरणजीत कौर सुजलाना के पक्ष में इस मकान की रजिस्ट्री कर दी और बाद में सुजलाना दंपति ने इस पर लोन भी ले लिया। इस मामले में सिविल कोर्ट में केस चल रहा है। इसकी जानकारी बैंक को दी गई और कानूनी विवाद पता चलने पर उन्होंने कुर्की रोक दी। बैंक प्रबंधन ने दस्तावेजों, मौके पर कब्जे की स्थिति जाने बिना ही संबंधित को लोन दे दिया।

यह है विवाद

सहकारी संस्था से यह मकान मन्नालाल नाहटा ने लिया और फिर उनके स्वर्गवास के बाद भतीजे विजय नाहटा ने ले लिया। बाद में उन्होंने अनिल पोखरना को दिया। पोखरना ने 1995 में इसका एक हजार वर्गफीट का हिस्सा कुलपति डॉ. धाकड़ के बेटे अमित धाकड़ को बेच दिया तथा बाद में 500 वर्गफीट का एक हिस्सा और उन्होंने लिया।

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Bank officer arrived for attachment to house of Vice Chancellor of devi Ahilya University
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