भास्कर अभियान / अब ट्रैफिक में नंबर वन बनने की बारी, इंदाैर वासियों की यातायात नियम पालन करने की तैयारी

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  • ट्रैफिक को सुगम बनाने के लिए भास्कर ने चलाया ट्रैफिक में भी नंबर-1 बनने का अभियान
  • बीआरटीएस पर 30 दिन में 30 से ज्यादा संस्थाएं करेंगी वाहन चालकों को जागरूक
  • पुलिस, निगम और आईपीएस एकेडमी ने पहले दिन संभाला अभियान का जिम्मा

दैनिक भास्कर

Aug 16, 2019, 07:31 PM IST

इंदौर. शहर के ट्रैफिक को सुगम बनाने के लिए एलीवेटेड रोड, फ्लाईओवर सहित कई काम स्वीकृत करवाने के बाद अब भास्कर ने इसे जनआंदोलन बनाने की ओर कदम बढ़ा दिया है। सफाई में नंबर वन बनने की हैट्रिक हुई अब ट्रैफिक में हो जाए नाम। इस अभियान की शुरुआत शुक्रवार शाम भास्कर ऑफिस में एडीजी वरुण कपूर, निगम आयुक्त आशीष सिंह, एसएसपी रुचिवर्धन मिश्र ने की। पहले दिन आईपीएस के साथ संस्था बेसिक्स चौराहों पर अभियान का हिस्सा बनी और इंदौरियों को ट्रैफिक नियम समझाए। 

 

इस अभियान के तहत बीआरटीएस (Bus Rapid Transit System) पर एक माह तक 30 से ज्यादा संस्थाएं, पुलिस, नगर निगम और आईपीएस एकेडमी के बच्चे हर वाहन चालक को लेन, ट्रैफिक लाइट, हेलमेट-सीट बेल्ट से जुड़े नियम का पालन करने के लिए समझाइश देंगे। लक्ष्य यह है कि हर रोज होने वाली इस मनुहार से शहर का हर व्यक्ति खुद ही धीरे-धीरे इस रोड पर और फिर सभी मार्गों पर नियमों में चलना शुरू कर दे। शाम के व्यस्त समय 5 से 7 बजे तक यह सघन अभियान चलेगा, लेकिन साथ ही पूरे दिन पुलिस भी इस मार्ग पर सख्त रहेगी। नियमों का पालना करने वाले और तोड़ने वाले, दोनों अच्छे-बुरे उदाहरण के फोटो अगले दिन भास्कर में छपेंगे।

 

कॉलेज, यूनिवर्सिटी, कोचिंग, मॉल, अस्पताल की भरमार 
होलकर, आर्ट्स एंड काॅमर्स, यूनिवर्सिटी, जीपीओ, आयकर भवन, स्टेडियम, भाजपा कार्यालय, एआईसीटीएसएल, मेडिकल कॉलेज, एमवायएच, गीता भवन, सभी बड़े कोचिंग इंस्टीट्यूट, शिखर सेंट्रल, इंडस्ट्री हाउस, मल्हार मेगा मॉल, सी-21, सहित 5 बड़े मॉल, आईटी व टेलीकालिंग कंपनी, निगम के पांच जोन, अस्पतालों में एमवायएच, सीएचएल, विशेष, सुयश, मेंदाता, गुर्जर, एप्पल, आंनद, गीता भवन सहित 20 से ज्यादा हास्पिटल, बड़े व्यावसायिक संस्थान सहित और भी कई बड़े संस्थान हैं, जिनसे प्रतिदिन हजारों लोगों की आवाजाही होती है।

 

इन प्रमुख सड़कों, क्षेत्रों के लिए भी यहीं मध्य रेखा 
खंडवा रोड, नेमावर रोड, एमआर-10, एमआर-9, कनाड़िया रोड, मूसाखेड़ी, जेल, रेसीडेंसी, एमजी रोड, ट्रांसपोर्ट नगर, सपना-संगीता रोड, छावनी, आरएनटी, पलासिया, मिल क्षेत्र, आईडीए की 10 से ज्यादा स्कीम और सभी प्रमुख बड़े होटल में आने-जाने का भी यहीं रास्ता है। 

 

औसत 70 प्रतिशत ट्रैफिक चलता है मिक्स लेन में, 30 प्रतिशत बस में 

  • एआईसीटीएसएल के लिए हुए इस सर्वे के मुताबिक सबसे ज्यादा ट्रैफिक होता है पलासिया चौराहे पर। यहां एक दिन में 1, 28,843 वाहन गुजरते है। इसमें सर्वाधिक संख्या टू-व्हीलर की 88 हजार, 181 है। इसके बाद कार,वेन और जीप की संख्या 22455 है। यहां बीआरटीएस का ट्रैफिक 20 प्रतिशत है, जिसमें 53 हजार यात्री गुजरते है तो मिक्स लेन में 80 प्रतिशत ट्रैफिक के साथ 2 लाख, 17 हजार यात्री। 
  • जीपीओ चौराहे के ट्रैफिक की बात करे तो यहां से प्रतिदिन 64 हजार वाहन गुजरते है और करीब 1.32 लाख यात्री। यहां 22 प्रतिशत ट्रैफिक बीआरटीएस लेन में है तो 78 प्रतिशत मिक्स लेन में। हालांकि 24 घंटे की ट्रैफिक स्टडी का रेशो यहां 30-70 है। 
  • इसी तरह सबसे ज्यादा परेशानी वाला जो चौराहा है उसमें एलआईजी भी शामिल है। यहां दअरसल 200 फीट की रोड 100 फीट में तब्दिल हो जाती है। बावजूद यहां 71 प्रतिशत ट्रैफिक मिक्स लेन में चलता है। यहां से 79 हजार वाहन बीआरटीएस के अलावा प्रतिदिन गुजरते है। 
  • इसी तरह नवलखा चौराहे पर 71 प्रतिशत ट्रैफिक मिक्स लेन से गुजरता है। नेमावर रोड के वाहनों, मंडी और भारी वाहनों के कारण भी यहां ट्रैफिक का दवाब रहता है। हाल ही में बस स्टैंड बनने से परेशानी और बढ़ गई है। हर दिन यहां 57 हजार वाहन क्रास होते है। 

शहर में एक सूचारू ट्रैफिक सभी की जरूरत है। इसलिए हम सब यह प्रण लें, कि ट्रैफिक नियमों का स्वेच्छा से पालन करें। ताकि हमें भी सुविधा मिले और दूसरों को भी। यह अकेले किसी एक के नियंत्रण से नहीं होगा, लेकिन यदि इंदौर का हर वाहन चालक यह तय कर ले तो हम ट्रैफिक में भी नंबर-1 होंगे।

वरुण कपूर, एडीजी, इंदौर संभाग

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