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भय्यू महाराज ने की खुदकुशी: बेटी का आरोप- डॉ. आयुषी के कारण पिता ने यह कदम उठाया

भय्यू महाराज की पत्नी ने कहा कि तनाव जैसी कोई बात नहीं थी।

DainikBhaskar.com | Last Modified - Jun 13, 2018, 10:53 AM IST

      • भय्यू महाराज की पहली पत्नी माधवी का नवंबर 2015 में पुणे में निधन हो गया था
      • 30 अप्रैल 2017 को मध्य प्रदेश के शिवपुरी की डॉ. आयुषी के साथ दूसरी शादी की थी
      • मध्य प्रदेश सरकार ने अप्रैल 2018 में राज्यमंत्री का दर्जा दिया, हालांकि उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया

      इंदौर.अध्यात्मिक गुरु भय्यू महाराज (50) ने मंगलवार को यहां अपने सिल्वर स्प्रिंग स्थित घर पर गोली मारकर खुदकुशी कर ली। बताया जा रहा है कि वे पारिवारिक विवाद से परेशान थे। बेटी कुहू ने इसके लिए सौतेली मां डॉ. आयुषी पर आरोप लगाया। कहा- उनकी वजह से ही पिता ने यह कदम उठाया। उन्हें जेल में डाल दो। वहीं, डॉ. आयुषी का कहना है कि कुहू उन्हें पसंद नहीं करती थी। वे तो गुरुजी के साथ अच्छे से रह रही थीं। भय्यू महाराज का अंतिम संस्कार बुधवार को किया जाएगा। अंतिम दर्शन के लिए पार्थिव शरीर को उनके बापट चौराहे स्थित सूर्यादय आश्रम में रखा जाएगा।

      दाईं कनपटी पर गोली लगी, अस्पताल पहुंचने से पहले मौत

      - घटना के वक्त भय्यू महाराज ने खुद को कमरे में बंद कर लिया था। बॉम्बे हॉस्पिटल के डॉ. राहुल पाराशर के मुताबिक, भय्यू महाराज को जब अस्पताल लाया गया, उससे आधा घंटे पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी। उन्हें दाईं कनपटी पर गोली लगी थी।

      पत्नी ने कहा- तनाव जैसी कोई बात नहीं थी

      - भय्यू महाराज को अस्पताल लाने के कुछ देर बाद पत्नी आयुषी भी अस्पताल पहुंचीं। वे भय्यू महाराज के शव से लिपट गईं। वे बार-बार कहती रहीं कि तनाव जैसी बात गुरुजी ने नहीं कही। घर में किसी प्रकार के तनाव की बात नहीं थी, फिर उन्होंने ऐसा क्यों किया?

      12.30 बजे हुई घटना, बेटी के स्टडी रूम में खुद को गोली मारी

      - सीएसपी जयंत राठौर ने बताया कि प्रारंभिक जांच के मुताबिक, ये घटना करीब 12.30 बजे हुई। भय्यू महाराज के ऑफिशियल ट्विटर से 1.57 बजे आखिरी ट्वीट किया गया। हालांकि, हो सकता है कि ट्विटर कोई और हैंडल कर रहा हो। पुलिस ने पिस्टल बरामद की है। परिवार वालों का कहना है कि ये लाइसेंसी पिस्टल है। हालांकि, पुलिस जांच कर रही है कि लाइसेंस किससे नाम है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल के जरिए भी घटना की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

      पत्नी और मां के अलावा 4 नौकर भी मौजूद थे, सभी ने गोली की आवाज सुनी

      - राठौर के मुताबिक, "घटना के वक्त भय्यू महाराज की मां, उनकी पत्नी और 4 नौकर घर में मौजूद थे। गोली की आवाज सुनकर सभी कमरे की ओर दौड़े। आवाज देने पर दरवाजा नहीं खुला तो गेट को तोड़ा गया। भय्यू महाराज वहां लहूलुहान पड़े थे।"

      इंदौर आश्रम में अंतिम दर्शनों के लिए रखा जाएगा पार्थिव शरीर

      - भय्यू महाराज के शव का पोस्टमार्टम एमवाय अस्पताल में शाम 6 बजे किया गया। फिलहाल शव बॉम्बे अस्पताल में रखा गया है। जानकारी के मुताबिक बुधवार सुबह 9 से 12 बजे तक उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शनों के लिए बापट चौराहे स्थित आश्रम में रखा जाएगा। इसके बाद विजय नगर स्थित मुक्तिधाम में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

      पहली पत्नी की मौत के डेढ़ साल बाद की थी दूसरी शादी

      - भय्यू महाराज की पहली पत्नी माधवी का नवंबर 2015 में पुणे में निधन हो गया था। वे महाराष्ट्र के औरंगाबाद की रहने वाली थीं। पहली शादी से उनकी एक बेटी कुहू (18) है। वो पुणे में पढ़ाई कर रही है। भय्यू महाराज ने 30 अप्रैल 2017 को मध्य प्रदेश के शिवपुरी की डॉ. आयुषी के साथ दूसरी शादी की थी।

      कर्ज में डूबा बताकर सार्वजनिक जीवन से संन्यास लिया था
      - महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में उनका खासा प्रभाव था। उन्होंने खुद को कर्ज में डूबा हुआ बताकर सार्वजनिक जीवन से संन्यास लेने का ऐलान किया था। संन्यास के बावजूद उनके सार्वजनिक और आध्यात्मिक कार्य संचालित होते रहे। सिंहस्थ से पहले हुए धर्म सम्मेलन में सरकार द्वारा नहीं बुलाने पर वे नाराज हो गए थे।

      राज्य मंत्री का दर्जा ठुकराया था
      - मध्य प्रदेश सरकार के 2 जुलाई 2017 को 6.67 करोड़ पौधे लगाने के दावे को महाघोटाला करार देकर कुछ संतों ने ‘नर्मदा घोटाला रथ यात्रा’ निकालने का ऐलान किया था। इनमें नर्मदानंदजी, हरिहरानंदजी, कंप्यूटर बाबा, भय्यू महाराज और पं. योगेंद्र महंत शामिल थे।
      - राज्य सरकार ने अप्रैल 2018 में इन सभी को राज्यमंत्री का दर्जा दिया। हालांकि, भय्यू महाराज ने सरकार के इस ऑफर को लेने से मना कर दिया। उन्होंने कहा था कि वे नर्मदा मैया की सेवा बिना किसी पद के साथ भी करते रहेंगे।

      मोदी, अण्णा हजारे का अनशन तुड़वाने पर सुर्खियों में आए
      - भय्यू महाराज 2011 में तब चर्चा में आए जब यूपीए सरकार ने उन्हें दूत बनाकर अन्ना हजारे के अनशन खत्म करवाने के लिए भेजा था। बाद में अन्ना ने उनके हाथ से जूस पीकर अनशन तोड़ा था। उस वक्त उनके साथ महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख भी थे।
      - सितंबर 2011 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी सद्भावना उपवास पर बैठे थे। तब उपवास खुलवाने के लिए उन्होंने भय्यू महाराज को आमंत्रित किया था।

      प्रतिभा पाटिल से शरद पवार तक आ चुके उनके आश्रम
      - पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विलासराव देखमुख, शरद पवार, लता मंगेशकर, उद्धव ठाकरे, राज ठाकरे, आशा भोंसले, अनुराधा पौडवाल और फिल्म एक्टर मिलिंद गुणाजी भी उनके आश्रम आ चुके हैं।

      जमींदार परिवार से रखते थे ताल्लुक
      - 1968 को जन्मे भय्यू महाराज का मूल नाम उदयसिंह देखमुख था। वे शुजालपुर के जमींदार परिवार से ताल्लुक रखते थे।
      - भय्यू महाराज ने कभी कपड़ों के एक ब्रांड के विज्ञापन के लिए मॉडलिंग भी की थी। सद्गुरु दत्त धार्मिक ट्रस्ट उनकी ही देखरेख में चलता था। उनका मुख्य आश्रम इंदौर के बापट चौराहे पर है।

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      भय्यू महाराज ने 30 अप्रैल 2017 को शिवपुरी की डॉ. आयुषी के साथ दूसरी शादी की थी।
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