भोपाल-इंदौर एक्सप्रेस वे : 12 किमी का फासला और 30 मिनट का वक्त बचाने के लिए 4260 करोड़ रु. खर्च करेगी सरकार

3 वर्ष पहले
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  • एक्सप्रेस वे बनने के बाद यह दूरी 180 किमी रह जाएगी और सफर करीब ढाई घंटे में पूरा होगा
  • यानी 30 मिनट का समय कम करने के लिए 4260 करोड़ रुपए खर्च करने पड़ेंगे

भोपाल.  भोपाल से इंदौर के बीच ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे बनने जा रहा है, जो मौजूदा फोरलेन से अलग होगा। इसकी प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट लगभग तैयार हो चुकी है। रिपोर्ट के मुताबिक नया एक्सप्रेस वे मंडीदीप और औबेदुल्लागंज के बीच खेतों से होकर गुजरेगा।

भोपाल से इसकी लंबाई हाटपिपल्या-करनावद तक 142 किलोमीटर होगी। इससे आगे इंदौर शहर पहुंचने के लिए नेशनल हाईवे 59 तक एक्सप्रेस वे को जोड़ना होगा। इस तरह कुल 180 किमी की दूरी होगी। लगभग 1704 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित करनी होगी। प्रोजेक्ट पर 4260 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसमें मुआवजे पर ही 2556 करोड़ रुपए खर्च हो जाएंगे। सरकारी दावा है कि इससे दो से ढाई घंटे में इंदौर पहुंच सकेंगे। हालांकि इस दावे पर सवाल भी है। भास्कर की पड़ताल में सामने आया है कि मौजूदा फोरलेन को ही सिक्सलेन में कन्वर्ट कर दिया जाए तो नए एक्सप्रेस वे की जरूरत ही नहीं होगी। सिर्फ 1143 करोड़ रुपए में ही मौजूदा फोरलेन को सिक्सलेन में अपग्रेड किया जा सकता है। इसमें भी सफर करीब ढाई घंटे में पूरा हो सकेगा।

अधिग्रहण की प्रक्रिया... किसानाें को पांच गुना मुआवजा देना पड़ेगा :  राजस्व विभाग औऱ एमपीआरडीसी अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू करेंगे। सबसे पहले 3-ए बनता है। इसमें कौन से गांव आएंगे। कौन सी जमीन और खसरा आएगा। प्रकाशन होगा। दावे-आपत्ति बुलाए जाएंगे। 3-डी में किस किसान की कितनी जमीन है। कितना मुआवजा बनेगा। फिर मुआवजा बंटना शुरू हाेगा।

कितना समय लगेगा... एक्सप्रेस वे के लिए 120 मीटर जमीन अधिग्रहित करना होगी।  एक्सप्रेस वे खेतों के बीच गुजरने से काफी समय लगेगा। केवल अधिग्रहण में कम से कम एक साल लग जाएगा। भोपाल-जबलपुर हाईवे का अधिग्रहण अभी तक चल रहा है। इस पूरी प्रक्रिया के बाद एजेंसी तय होने और निर्माण शुरू होने में दो साल तय है।  
खेतों के बीच से सड़क... एक्सप्रेस वे बनाने के लिए चिह्नित जमीन पूरी ग्रीनफील्ड पर है। इसमें कोई गांव बीच में नहीं आएगा। किसानों के खेतों के बीच से पूरी नई सड़क बन सकेगी।
क्या है डिजाइन स्पीड... इंडियन रोड कांग्रेस-2013 की गाइडलाइन के मुताबिक एक्सप्रेस वे की डिजाइन स्पीड 120 किलोमीटर प्रतिघंटा की होगी। इस स्पीड से गाड़ी चलने पर 180 किलोमीटर की दूरी दो से ढाई घंटे में पूरी होगी। ऐसे ही सिक्स लेन की डिजाइन स्पीड 100 किलोमीटर प्रतिघंटा होती है। इस स्पीड में 180 किमी की दूरी तीन घंटे में तय हो सकेगी।
राज्य को भूमि अधिग्रहण का खर्च उठाना होगा : भोपाल-इंदौर एक्सप्रेस वे के लिए केंद्र सरकार से चिट्‌ठी मिल चुकी है। भारत माला स्कीम में प्रोजेक्ट को शामिल किया गया है। राज्य सरकार को भूमि अधिग्रहण का खर्च उठाना होगा। केंद्र निर्माण की राशि देगा। डीपीआर में 15 से 20 दिन अभी लगेंगे। इसका विस्तृत ब्यौरा एमपीआरडीसी ही देगा। - मोहम्मद सुलेमान, प्रमुख सचिव, पीडब्ल्यूडी

 

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एक्सप्रेस वे बनाने का उद्देश्य क्या?
- इसे इंडस्ट्रियल हब की तरह बनाया जाएगा। हाईवे के दोनों तरफ इंडस्ट्रियल और रेसीडेंशियल प्लॉट विकसित होंगे। इकोनॉमिक कॉरिडोर की तरह होगा। इसमें टाउनशिप आने के साथ ही बड़ी इंडस्ट्री को निवेश के लिए बुलाया जाएगा।
इससे भोपाल को क्या फायदा?
- भोपाल को कम मंडीदीप को ज्यादा फायदा होगा। मंडीदीप और इंदौर के बीच कनेक्टिविटी बेहतर हो जाएगी। व्यापारिक रूप से इंदौर से सीधे जुड़ाव होगा।
भोपाल से एक्सप्रेस वे तक कैसे पहुंचेंगे?
- पहले भोपाल से मंडीदीप जाना होगा। एक्सप्रेस वे मंडीदीप और औबेदुल्लागंज के बीच बनेगा। भोपाल से करीब 30 किमी के इस रास्ते को पार करने के बाद ही एक्सप्रेस वे से कनेक्ट हो सकेंगे। 
वर्तमान रोड सिक्सलेन नहीं बन सकता?
- इंदौर-भोपाल फोरलेन को लालघाटी से देवास तक 143 किमी सिक्स लेन बना दें तो सिर्फ 1143 करोड़ रु. खर्च होंगे। इसके दोनों ओर 50 मीटर जमीन पहले से अधिग्रहित है। सिक्सलेन के लिए सिर्फ 10 मीटर अधिग्रहण की जरूरत होगी। तीन से चार फ्लाईओवर भी बन जाएंगे। ऐसा करके मौजूदा फोर लेन को ही एक्सप्रेस वे में कन्वर्ट किया जा सकता है। इससे 3117 करोड़ रुपए की बचत हो सकेगी।

 

यह तैयारी... भोपाल-इंदौर एक्सप्रेस वे एनएच से जुड़ेगा

- मंडीदीप व औबेदुल्लागंज के बीच से होकर रातीबड़, बिल्किसगंज, शिकारपुर, इछावर, ढींगाखेड़ी, हाटपीपल्या-करनावद तक होते हुए एनएच-59 से जुड़ेगा। 
- इंदौर सिटी तक होगी लंबाई 142 और 38 किलोमीटर यानी 180 किमी।

ऐसा होगा फाॅर्मूला (142 किमी पर)

जमीन अधिग्रहण- 1704 हेक्टेयर

मुआवजा- 2556 करोड़ रु.

सड़क लागत- 1704 करोड़ रु.

कुल लागत- 4260 करोेड़ रु.

विकल्प... लालघाटी से देवास तक बनाना होगा सिक्सलेन

-भोपाल-इंदौर फोर लेन (वर्तमान) लालघाटी से सीहोर, आष्टा, सोनकच्छ, देवास और इंदौर बायपास तक कुल लंबाई 170 किलोमीटर है। 
- इंदौर सिटी तक लंबाई 170 और 22 किलोमीटर यानी 192 किमी।

ऐसा होगा फाॅर्मूला (143 किमी)

 

जमीन अधिग्रहण- 429 हेक्टेयर

मुआवजा- 643 करोड़ रु.

सड़क लागत- 500 करोड़ रु.

कुल लागत- 1143 करोड़ रु.

प्रमुख एक्सप्रेस वे की स्पीड 

- अहमदाबाद से वडोदरा एक्सप्रेस वे- दूरी 93.1 किमी, समय 1.5 घंटे

- मुंबई-पुणे एक्सप्रेस-वे दूरी 94.5 किमी, समय 1.5 घंटे

- यमुना एक्सप्रेस-वे दूरी 165 किमी, समय 2 घंटे

 

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