इंदौर

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भाजपा विधायकों का विरोध जारी, सोनकर के खिलाफ भी फूटा गुस्सा, निरस्त करनी पड़ी विकास यात्रा

इससे पहले देपालपुर से भाजपा विधयक मनोेज पटेल के लिए जूतों की माला तैयार की थी ग्रामीणों ने।

Dainik Bhaskar

Jun 12, 2018, 05:30 PM IST
देपालपुर विधायक के लिए ग्रामी देपालपुर विधायक के लिए ग्रामी

इंदौर। भाजपा द्वारा निकाली जा रही विकास यात्रा का विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। देपालपुर के विधायक मनोज पटेल के लिए जूतों की माला लेकर विरोध होने के बाद सांवेर विधानसभा के भाजपा विधायक राजेश सोनकर को भी ग्रामीणों की नाराजगी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्र में सड़कों की समस्या सबसे ज्यादा है और ग्रामीणों का गुस्सा इसी बात को लेकर है कि एक तरफ सरकार के मुखिया प्रदेश की सड़कों को अमेरिका से अच्छी बता रहे हैं वहीं गांवों में सड़कों के नाम पर सिर्फ बड़े-बड़े गड्‌ढे हैं।


हमारे यहां तो सड़क ही नहीं है
सांवेर के भाजपा विधायक राजेश सोनकर की विकास यात्रा पालिया क्षेत्र में निकाली गई तो इस यात्रा का स्वागत से ज्यादा विरोध हुआ। बलोदा गांव के लोगों ने सड़क पर उतरकर यात्रा का जोरदार विरोध किया। ग्रामीणों का कहना है कि मुख्यमंत्री कहते हैं कि मप्र की सड़के अमेरिका से अच्छी है लेकिन हमारे गांव में तो सड़क ही नहीं है, फिर अच्छी या खराब का सवाल ही नहीं उठता है।

विरोध को देखते हुए निरस्त कर दी यात्रा
विधायक के प्रति ग्रामीणों का विरोध इतना अधिक था कि विधायक सोनकर को अपनी विकास यात्रा आधे में ही निरस्त करना पड़ी। विधायक महोदय जिस भी गांव में गए वहां उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों का कहना था कि चार साल में कोई विकास नहीं हुआ सिर्फ जुमलेबाजी हुई। लोगों का कहना था कि जो भी विकास हुआ है वह सिर्फ विज्ञापनाें, पोस्टर्स और होर्डिंग में ही हुआ है जमीन को तो विकास छू भी नहीं पाया है।


यहां हुआ जमकर विरोध
पालिया, बालोदा के साथ ही काकरिया पाल, पिपलिया कायस्थ, कछालिया, खतेड़िया, रंगरेज, हरियाखेड़ी, बीबीखेड़ी, रतनखेड़ी, जिंदाखेड़ा, नाहरखेड़ा गांव में भाजपा की विकास यात्रा का जमकर विरोध किया गया।

पटेल को जूतों की माला पहनाने पर आमादा हुए खरसोदा के लोग
देपालपुर के भाजपा विधायक मनोज पटेल को अपने ही विधानसभा क्षेत्र खरसोदा गांव में ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। विधानसभा चुनाव के समय किए वादों को पूरा नहीं किए जाने से ग्रामीण इतने नाराज हुए कि सोमवार को विधायक के पहुंचने की जानकारी लगते ही जूतों की माला तैयार कर ली। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि साढ़े चार साल तक विधायक यहां नहीं आए। उन्होंने कोई भी काम नहीं करवाया। यहां के रहवासी सड़क, ड्रेनेज और अन्य बुनियादी सुविधाओं को तरस गए। हालांकि इस बात की जानकारी लगते ही विधायक पटेल ने पुलिस बुलाई और फिर गांव में पहुंचे, लेकिन ग्रामीणों का गुस्सा थमा नहीं और वे विधायक के खिलाफ लगातार नारेबाजी करते रहे।

ग्रामीण बोले- भाजपा को अब नहीं देंगे वाेट
खरसोदा गांव के रहवासियों का कहना है विधायक जीतने के बाद आए ही नहीं। उनसे मिलना बेहद मुश्किल है। उनसे फोन पर भी बात नहीं हो पाती है। खरसोदा गांव भाजपा समर्थक गंवों में माना जाता है लेकिन भाजपा का विरोध उसके वोटर्स द्वारा ही किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि अब वह भाजपा को वोट नहीं देंगे।

विधायक ने लगाया कांग्रेस पर आरोप
ग्रामीणों के विरोध से परेशान भाजपा विधायकों ने इसके लिए कांग्रेस को दोषी बताया है। देपालपुर विधायक मनोज पटेल का कहना है कि कांग्रेस ने भोले-भाले गांववालों को भड़काया है। विधायक पटेल ने भास्कर से कहा कुछ कांग्रेसियों ने जानबूझकर विरोध करवाया। पूरा गांव साथ है। स्कूल की बिल्डिंग, डामर की नई सड़क का भूमिपूजन और आंगनवाड़ी बनवाने जैसे अहम काम किए। गांव में सीमेंटेड सड़कें बनवाईं।

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