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ये हैं एमपी की नई राज्यपाल, चार्टर्ड बस से बेटी के साथ आईं शपथ लेने

ये हैं एमपी की नई राज्यपाल, चार्टर्ड बस से बेटी के साथ आईं शपथ लेने

Danik Bhaskar | Jan 22, 2018, 05:54 PM IST
मप्र की नई गवर्नर आनंदीबेन पटे मप्र की नई गवर्नर आनंदीबेन पटे

इंदौर/झाबुआ। गुजरात की पूर्व सीएम आनंदीबेन पटेल मप्र के 27वें राज्यपाल के तौर पर मंगलवार सुबह 10 बजे भोपाल में शपथ लेंगी। वह एमपी की दूसरी महिला राज्यपाल होंगी। इसके पहले 1989 में सरला ग्रेवाल एमपी की पहली महिला राज्यपाल बनी थीं। शपथ ग्रहण के लिए वे सोमवार को झाबुआ के रास्ते भोपाल पहुंचीं। खास बात ये थी कि मप्र की सीमा में प्रवेश के समय उन्हें लेने राजभवन के वाहनों का काफिला गया था, लेकिन उन्होंने बैठने से इनकार कर दिया और गुजरात से चार्टर्ड बस (जीजे 38 टी 5853) में परिवार के सदस्यों के साथ सवार होकर उज्जैन पहुंचीं। यहां बाबा महाकाल के दर्शन कर भोपाल रवाना हुईं।



- गुजरात-मप्र की सीमा पर स्थित पिटोल में कलेक्टर आशीष सक्सेना व एसपी महेशचंद जैन ने प्रशासनिक अमले के बीच आनंदीबेन पटेल की अगवानी की। जिले के प्रतीक चिह्न के रूप में उन्हें तीर-कमान भेंट किए गए। पिटोल में बड़ी संख्या में भाजपा नेता व कार्यकर्ता उनके स्वागत के लिए खड़े थे। ऐसे में आनंदीबेन बस के दरवाजे तक आईं और पार्टी नेताओं का अभिवादन किया।

आनंदीबेन पटेल ने कहा- मंगलवार को भोपाल में मप्र के राज्यपाल की शपथ ग्रहण करुंगी। इसके पहले सफल कार्यकाल के लिए भगवान महाकाल से आशीर्वाद लेने आई हूं। प्रशासन व मंदिर समिति ने उन्हें राजकीय अतिथि के रूप में सम्मान दिया। मंदिर परिसर में प्रवेश के लिए चौकी का मुख्य गेट खोला गया। लाल कारपेट बिछाया व नंदीहॉल में मंदिर समिति की ओर से विधायक डॉ. मोहन यादव के साथ कलेक्टर संकेत भोंडवे ने सम्मान किया। आनंदीबेन सिंहस्थ 2016 में उज्जैन आई थीं व महाकाल दर्शन किए थे।

रंगपंचमी पर आने का निमंत्रण
पुजारी संजय गुरु ने आनंदीबेन को बताया रंगपंचमी पर महाकाल से बाबा का ध्वज चलसमारोह निकाला जाता है, जिसके लिए पूजन हेतु ध्वज राजभवन से ही आता है। उन्होंने आनंदीबेन को रंगपचंमी पर राज्यपाल के रूप में आकर ध्वज चल समारोह में ध्वज पूजन का निमंत्रण दिया।


पटेल मध्य प्रदेश की 27th गवर्नर
- गुजरात की पूर्व मुख्यमंत्री आनंदी बेन पटेल मध्य प्रदेश की 27th गवर्नर बनाई गईं। वे ओम प्रकाश कोहली का स्थान लेंगी। आनंदी बेन गुजरात की मोदी सरकार में कई विभागों की कैबिनेट मंत्री रह चुकी हैं। उन्हें नरेंद्र मोदी के बाद गुजरात में सबसे बड़े रिफार्मर के तौर पर जाना जाता है। सितंबर में, 2016 में रामनरेश यादव का टेन्योर खत्म होने के बाद कोहली को मध्य प्रदेश के एडिशनल गवर्नर का चार्ज सौंपा गया था।

कब और कैसे चर्चा में आई थीं आनंदी बेन?
- आनंदी बेन 1988 में बीजेपी में शामिल हुई। पहली बार वे उस समय चर्चा में आईं। जब उन्होंने अकाल पीड़ितों के लिए इंसाफ मांगने के कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
- साल 1995 में शंकर सिंह वाघेला ने जब बगावत की थी, तो उस कठिन दौर में उन्होंने नरेंद्र मोदी के साथ पार्टी के लिए काम किया। इसी वक्त वह मोदी की भरोसेमंद हो गईं।
- 1998 में गुजरात कैबिनेट में आने के बाद से उन्होंने शिक्षा, महिला एवं बाल कल्याण जैसे मंत्रालयों का जिम्मा संभाला। उन्हें 1987 में "वीरता पुरस्कार" से भी नवाजा जा चुका है। बता दें कि आनंदी बेन के पति मफतभाई पटेल भी साइकोलॉजी के प्रोफेसर थे।