• Home
  • Mp
  • Indore
  • Bank Note Press, Police Arrested An Officer For Stealing 90 Lakhs Dewas Indore Mp
--Advertisement--

जूते में नोट छुपाकर चोरी करने वाले अफसर ने बर्खास्तगी आदेश देख दिया ये रिएक्शन, कहा कुछ ऐसा

जूते में नोट छुपाकर चोरी करने वाले अफसर ने बर्खास्तगी आदेश देख दिया ये रिएक्शन, कहा कुछ ऐसा

Danik Bhaskar | Jan 23, 2018, 11:40 AM IST

इंदौर। देवास बीएनपी से नोट चोरी के आरोपी डिप्टी कंट्रोलर मनोहर वर्मा को जेएमएफसी कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसकी पुलिस रिमांड 24 जनवरी तक बढ़ा दी गई है। बर्खास्तगी आदेश देख आरोपी बोला पुराना पैसा क्यों नहीं मिलेगा इस पर कैसे साइन कर दूं। मुश्किल से उसने कागज पर साइन किए। वहीं पुलिस ने बीएनपी के अन्य अधिकारियों को तलब किया है। मामले में एटीएस उज्जैन के बाद इंटिलिजेंस ब्यूरो ने भी संज्ञान लिया है। बीएनपी सूत्रों के अनुसार घटना को लेकर केंद्र सरकार ने भी संज्ञान ले लिया है। कार्पाेरेट ऑफिस से टीम आ चुकी है, सीएमएडी मंगलवार को बीएनपी आ सकते हैं।



कोर्ट रूम लाइव : आरोपी पूछता रहा-34 साल की नौकरी का पुराना पैसा क्यों नहीं मिलेगा
- सोमवार दोपहर के तकरीबन चार बज रहे थे। रिमांड पर सुनवाई हो चुकी थी। इसके बाद कुछ देर बाद बीएनपी पुलिस आरोपी मनोहर को लेकर फिर कोर्ट रूम में आती है। इस बार उसके साथ बैंक नोट प्रेस के अफसर भी थे जो उसे बर्खास्त कर दिए जाने का आदेश देने आए थे। तामिल कराने के लिए मनोहर के दस्तखत लेने। मनोहर ने जैसे ही लंबा-चौड़ा आदेश पढ़ा तो उसके हाथ कांपने लगे। वह दंग था कि बर्खास्त, यह कैसे। वह साइन करने से पहले इंकार करने लगा और आदेश की आखिरी लाइन पढ़-पढ़कर अफसरों से पूछता रहा कि सेवालाभ नहीं मिलेगा। यह कैसे। वहां यहां तक बोला कि आगे नहीं मिलेगा, चलो मानते हैं पर 33-34 साल पुरानी नौकरी का पैसा क्यों नहीं मिलेगा। मैं साइन कैसे करूं। पुलिस ने आश्वस्त किया कि यह हमारा आदेश नहीं है, बीएनपी का है, उनसे पूछिए। इसी बीच आरोपी के वकील आए और निलंबन आदेश को तामिल कर लेने पर सहमति दी। साथ ही यह भी समझाया कि ये तो निचली अदालत है, हम इसके खिलाफ ऊपर भी जा सकते हैं। करीब 10 मिनट की चर्चा के बाद कांपते हाथों से उसने ऑर्डर तामिल किया और फिर पूछा कि- सर, मेरा सवाल गलत तो नहीं था, पिछला क्यों नहीं मिलेगा।

परिवार ने मनोहर वर्मा को बगैर बताए कर लिया नया वकील तो पुराना वकील मांगने पहुंचा मेहनताना
- कोर्ट में तब विचित्र स्थिति बन गई जब आरोपी वर्मा को सुनवाई के दौरान अचानक अपना वकील बदलना पड़ा। हुआ यूं कि कोर्ट में सुनवाई के समय इंदौर के वकील ने अारोपी वर्मा की ओर से पक्ष रखना चाहा। चूंकि वकील पत्र पर पहले दूसरे के नाम थे, ऐसे में सवाल शुरू हुए। इंदौर से आए वकील ने कहा कि मुझे परिवार ने संपर्क कर रखा है। अंतत: जज ने मनाेहर से ही प्रश्न किया कि- आपका वकील कौन है। मनोहर को ही संशय हुआ। जब वकील ने बताया कि मुझे परिवार वालों ने रखा है, तब मनोहर ने जज के समक्ष कहा कि इन्हें रखने के लिए मेरे परिवार वालों का दबाव है इसलिए ठीक। इसी बीच पूर्व में जिन वकील ने पहली पेशी पर आरोपी की ओर से पैरवी की थी, वे आ गए और उन्होंने कहा कि मुझे अपना मेहनताना नहीं मिला है। इस पर भी आपस में चर्चा चलती रही, अंतत: जज ने इंदौर से वकील का पक्ष सुना जिसने कहा कि पुलिस रिमांड नहीं दिया जाए क्योंकि अब जब्ती के लिए कुछ नहीं बचा है। हालांकि, कोर्ट ने दलील खारिज करते हुए दो दिन का रिमांड बढ़ा दिया।

3 लॉकर आवंटित थे आरोपी को
- पुलिस जांच में पता चला है कि आरोपी वर्मा को बीएनपी में अपनी शाखा में तीन लॉकर आवंटित थे। वह बरसों तक नोट छपने के बाद वाली शाखाओं में ही पदस्थ रहा है।

पुलिस ने इन 8 बिंदुओं पर मांगा बीएनपी से जवाब
- फिनिशिंग की नोट सत्यापन शाखा में 20 जनवरी 2017 से 20 जनवरी 2018 तक नष्ट करने के लिए भेजे गए नोटों के आंकड़े मूल रजिस्टर के साथ।
- नोट सत्यापन शाखा में 1 अक्टूबर 2017 से 19 जनवरी 2018 तक के फुटेज व हार्ड कॉपी।
- फिनिशिंग से रिजेक्ट किए गए नोटों की पंचिंग की कार्रवाई कब और किसके आदेश से बंद की गई।
- बैंक नोट प्रेस के मेनुअल की कॉपी।
- पिछले एक साल में नोट वेरिफिकेशन ब्रांच में पदस्थ अधिकारी, कर्मचारियों की सूची, पद व निवास की जानकारी।
- आरोपी मनोहर वर्मा को कुल कितने पर्सनल लॉकर दे रखे थे
- अारोपी को भर्ती, तरक्की और बर्खास्तगी का आदेश।
- नोट वेरिफिकेशन ब्रांच के कॉरिडोर में ड्यूटीरत अधिकारी-कर्मचारियों की तलाशी के संबंध में जारी दिशा-निर्देश की प्रतिलिपि।