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पेटलावद में १०० साल पुराना पुल गिरा, देखते ही देखते हुआ धराशायी

पेटलावद में १०० साल पुराना पुल गिरा, देखते ही देखते हुआ धराशायी

Danik Bhaskar | Dec 26, 2017, 03:38 PM IST
मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले का म मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले का म

इंदौर। मप्र के झाबुआ में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। यहां झाबुआ और रतलाम को जोड़ने वाला एक पुल मंगलवार को अचानक धराशायी हो गया। खुशकिस्मती की बात ये है कि घटना के समय पुल पर कोई  वाहन नही था इसलिए कोई जनहानि नही हुई। ग्राम रामनगर में हुई इस घटना से रास्ता जाम हो गया और पुल के दोनों तरफ़ गाडिय़ों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। 

 

- रायपुरिया-कल्याणपुरा मार्ग पर अलस्याखेड़ी (रामनगर) के समीप कुडवा़स फाटे पर बना लोक निर्माण विभाग का 40 साल पुराना पुल मंगलवार दोपहर करीब डेढ़ बजे ढह गया। पीडब्ल्यूडी ईई धमेंद्र जायसवाल का कहना है कि पुराना होने से पुल कमजोर हो गया था और यातायात के दबाव को नहीं झेल सका। जांच के उपरांत अन्य कारणों का पता चलेगा। फिलहाल लोगों को आवागमन में असुविधा न हो इसलिए नाले पर से एक एप्रोच रोड बना दी है।

 

- मिली जानकारी अनुसार यह पुल जिस मार्ग से जुड़ा है, वह क्षेत्र को एक तरफ झाबुआ-दाहोद तो दूसरी तरफ रतलाम- उज्जैन को जोड़ता है। दोपहर में एक यात्री बस गुजरने के कुछ देर बाद अचानक पुल के दो हिस्से हो गए। ग्रामीणों के अनुसार पुल काफी जर्जर हो चुका था और उसकी मरम्मत की ओर अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया। पिछली बारिश में ही पुल के समीप की मिट्टी धंस गई थी। उस वक्त ग्रामीणों ने शिकायत की तो अधिकारियों ने मिट्टी की भराई करके पुल को फिट बता दिया था। मंगलवार दोपहर में पुल टूटने के बाद आसपास ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर पीडब्ल्यूडी ईई धर्मेंद्र जायसवाल, पेटलावद एसडीओ गिरीश बंसल व अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। सबसे पहले लोगों की सुविधा के लिए एक एप्रोच रोड बनवाई गई ताकि आवागमन में किसी तरह की दिक्कत न हो। पुल कैसे ढहा और इसके लिए कौन जिम्मेदार है इसकी अलग से जांच की जाएगी।
 

 

बदलना पड़ा रास्ता
पुल के टूटने के कारण झाबुआ की ओर से आने वाले वाहन कुडवास से रूपगढ़ होकर पेटलावद निकले। वहीं भारी वाहन अंतरवेलिया से थांदला होकर पेटलावद रवाना हुए। झाबुआ से उज्जैन की ओर जाने वाले यात्रियों को भी परेशानी उठानी पड़ी। वे पहले सारंगी होकर गुजरते थे, लेकिन पुल टूट जाने से उन्हें पेटलावद होकर जाना पड़ा। इसमें करीब 15 किमी का सफर बढ़ गया। इसी तरह रायपुरिया से झाबुआ जाने वाले यात्री को पेटलावद रूपगढ़ होकर होकर कुडवास पहुंचना पड़ा। इसमें 10 किमी का अतिरिक्त सफर हो गया।

 

काफी पुराना हो गया था पुल
- प्रारंभिक तौर पर तो यही कह सकते हैं कि-पुल काफी पुराना हो गया था। यातायात के अत्यधिक दबाव को झेल नहीं पाया और टूट गया। विस्तृत जांच के बाद अन्य कारणों का पता चलेगा। यदि किसी स्तर पर लापरवाही बरती गई है तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
धमेंद्र जायसवाल, ईई, पीडब्ल्यूडी, झाबुआ