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बीटेक, एमएससी पास युवा बनने आए थे चपरासी, ऐसी हुई हालत की रोते हुए मांगने लगे मदद

बीटेक, एमएससी पास युवा बनने आए थे चपरासी, ऐसी हुई हालत की रोते हुए मांगने लगे मदद

Dainik Bhaskar

Jan 28, 2018, 05:03 PM IST
16 पदों के लिए उज्जैन कोर्ट में 16 पदों के लिए उज्जैन कोर्ट में

इंदौर। देश में बेरोजगारी का आलम कैसा है इसका अंदाजा उज्जैन जिला कोर्ट के बाहर रविवार को दिखाई दिया। चपरासी, ड्राइवर और स्वीपर बनने के लिए यहां युवाओं का हुजूम उमड़ पड़ा। हालत ऐसी हो गई कि कुछ लोग तो भीड़ में दबकर रोने तक लगे। इंटरव्यू देने आए 5 हजार युवाओं को रोकने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस मौजूद थी। हालात को काबू में करने के लिए हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।


- मिली जानकारी अनुसार उज्जैन कोर्ट में चपरासी, ड्राइवर और स्वीपर के 16 पदों के लिए रविवार को इंटरव्यू हुए। इंटरव्यू देने यहां शनिवार रात से ही युवाओं का आना शुरू हो गया था। सुबह कोर्ट परिसर में 5 हजार युवा इंटरव्यू के लिए पहुंचे। आवेदनकर्ताओं में 70 प्रतिशत युवा हायर एजुकेटेड थे। इसमें बीटेक, एमएससी, बीई, एमए, एमकॉम सहित बड़ी संख्या में यूजी और पीजी वाले युवा शामिल थे। चपरासी जैसे पद के लिए युवक-युवतियों की ऐसी भीड़ देख हर कोई दंग रह गया।

- भीड़ को संभालने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद था, लेकिन भीड़ को कंट्रोल कर पाना मुश्किल हो रहा था। इस दौरान धक्का-मुक्की के बीच कई लोग नीचे गिर गए और दब गए। वहीं कुछ युवा ऐसे फंसे की उनकी चीख निकल गई। रोते हुए वे पुलिस वालों से मदद मांगने लगे।

- हायर एजुकेशन के बाद चपरासी बनने आए युवाओं का कहना था कि क्या करें, अच्छी नौकरी के लिए इतनी पढ़ाई की थी। बावजूद नौकरी नहीं मिल रही है। प्राइवेट नौकरी कर रहे हैं, लेकिन जब मन हो वे निकाल देते हैं। महंगाई इतनी बढ़ गई है कि बिना कुछ किए गुजारा करना मुश्किल है। सोचा चपरासी ही बन जाएं, लेकिन यहां भीड़ देखकर रोना आ रहा है।

सरकारी नौकरी चाहिए पद कोई भी हो

- भृत्य के पद पर नियुक्ति के लिए छिंदवाड़ा से आए बीएसी पास रामकृष्ण ने बताया वह एक दिन पहले ही यहां आ गया था। नौकरी नहीं मिलने की वजह से उन्होंने भृत्य के लिए आवेदन किया है। वे कहते हैं सरकारी नौकरी होना चाहिए पद कोई सा भी हो।

- राजस्थान के सवाई माधोपुर से आए नरेंद्रकुमार भी सरकारी नौकरी की तलाश में हैं। बीएससी के अलावा उन्होंने कम्प्यूटर कोर्स भी कर रखा है, लेकिन आवेदन भृत्य पद के लिए किया। सरकारी नौकरी की चाह उन्हें राजस्थान से मप्र ले आई। वे कहते हैं बेरोजगारी के दौर में कोई भी नौकरी चलेगी।


- बड़वानी जिले के टेमला गांव से आए बीएससी पास संतोष डावर के परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। पिता मजदूरी करते हैं। उन्होंने कहा शुरू से गरीबी देखी है ऐसे में सरकारी नौकरी मिल जाए तो परिवार की स्थिति सुधर सकती है।


- आलीराजपुर से भी बीएससी कर चुके दिलीप देवड़ा ने कहा नौकरी नहीं मिलने की वजह से भृत्य के पद के लिए आवेदन किया है। अगर सरकारी नौकरी मिल जाएगी तो परिवार का पालन-पोषण कर सकूंगा। अभी चार भाई-बहनों की पूरी जिम्मेदारी मेरे कृषक पिता पर ही है।

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16 पदों के लिए उज्जैन कोर्ट में 16 पदों के लिए उज्जैन कोर्ट में
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