--Advertisement--

कककक

कककक

Danik Bhaskar | Jan 27, 2018, 11:01 AM IST
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मं केंद्रीय मानव संसाधन विकास मं

झाबुआ/आलीराजपुर। पद्यांश और तुकबंदी के रूप में लिखी गई देश की पहली किताब ‘अद्भुत श्रीमद भागवत गीता-मौत से मोक्ष की कथा’ की सराहना आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत द्वारा किए जाने के बाद केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने इसका अध्ययन शुरू किया है। खास बात यह है कि इस किताब के लेखक आलीराजपुर जिले में पदस्थ आबकारी विभाग के सहायक आयुक्त नागेश्वर सोनकेसरी है। उन्होंने सात साल की मेहनत के बाद इसे लिखा। वह भी उस वक्त जब वे जीवन के सबसे कठिन और अवसाद भरे दौर से गुजर रहे थे। जब इसकी जानकारी केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री जावड़ेकर को लगी तो उन्होंने तत्काल किताब बुलवाई। वे खुद भी ये देखकर दंग रह गए कि एक आबकारी विभाग का अधिकारी आध्यात्म, भक्ति, वैराग्य और मोक्ष जैसे विषयों पर इतना अद्भुत ग्रंथ लिख सकता है।



- बारह स्कंधों में समायी 500 पृष्ठों की ‘अद्भुत श्रीमद भावगत-मौत से मोक्ष की कथा’ में 700 से अधिक दोहे तो 1100 से अधिक चौपाय है। चूंकि ये अपनी तरह की एक अलग किताब है इसलिए इसे गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल किया गया है। साथ ही वर्ल्ड बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड भी मिल चुका है। इसी किताब के लिए फरवरी माह में श्री सोनकेसरी का सम्मान ब्रिटिश संसद-हाउस ऑफ कामंस के साथ हाउस ऑफ लॉर्ड्स में किया जाएगा।

शैव महोत्सव में भागवत को भेंट की थी किताब
- उज्जैन में आयोजित शैव महोत्सव में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को भानपुरा पीठ के शंकराचार्य स्वामी दिव्यानंदजी तीर्थ ने सोनकेसरी द्वारा लिखित भागवतजी भेंट की थी। साथ ही बताया कि पंद्यांश स्वरूप श्रीमद भागवत इतने सरल शब्दों में है कि इसके अर्थ को कोई भी व्यक्ति आसानी से समझ सकता है। आरएसएस प्रमुख ने शंकराचार्य स्वामी दयानंदजी तीर्थ को किताब पढ़ने के बाद पत्र के माध्यम से सोनकेसरी का उत्साहवर्धन करने की बात कही थी।

रॉयल्टी का उपयोग गरीबों के उपचार में करेंगे
- सोनकेसरी ने किताब की रॉयल्टी से प्राप्त होने वाली आय को गरीबों के उपचार में खर्च करने का निर्णय लिया है। वर्तमान में वे इंदौर के एमवाय अस्पताल में भर्ती गरीब मरीजों को अपनी तरफ से नि:शुल्क दवाइयां और अन्य आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराते हैं। गौरतलब है कि पेंग्विन के सेल्फ पब्लिकेशन हाउस नोशन पे्रस चैन्नई द्वारा किताब का प्रकाशन किया गया है। अब तक 5 हजार किताबों की बुकिंग हो चुकी है। इसे ऑनलाइन भी लिया जा सकता है।