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सीसीटीवी में फुटेज में सच आया सामने... नंदी हॉल में ये सब हुआ था अरुणिमा के साथ

सीसीटीवी में फुटेज में सच आया सामने... नंदी हॉल में ये सब हुआ था अरुणिमा के साथ

Danik Bhaskar | Dec 26, 2017, 10:40 AM IST
महाकाल मंदिर में एवरेस्ट फतेह महाकाल मंदिर में एवरेस्ट फतेह

इंदौर। एवरेस्ट फतेह करने वाली पहली दिव्यांग अरुणिमा सिन्हा को उज्जैन में महाकाल मंदिर में दर्शन से रोकने व अभद्रता के मामले में मंदिर समिति ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो सच सामने आ गया। फुटेज में नंदी हाॅल में कर्मचारी अरुणिमा का अपमान करते दिखाई दिए। इसके बाद मंदिर समिति ने अपनी गलती स्वीकार कर ली। महाकाल मंदिर प्रशासक अवधेश शर्मा ने कहा कि वे खुद फरवरी में लखनऊ जाएंगे। वहां अरुणिमा के घर जाकर माफी मांगेंगे। ससम्मान दर्शन के लिए आमंत्रित करेंगे।



- शर्मा ने मंदिर समिति के अध्यक्ष व कलेक्टर संकेत भोंडवे से चर्चा के बाद यह बयान दिया। साथ ही उन्होंने ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति ना हो इसके लिए मंदिर में कुछ नई व्यवस्थाएं लागू करने की बात भी कही। गौरतलब है कि अरुणिमा सिन्हा के साथ हुई अभद्रता की खबर सबसे पहले दैनिक भास्कर ने प्रकाशित कर मामले को उजागर किया था। अरुणिमा सिन्हा रविवार तड़के मंदिर पहुंची थीं, तब उनके साथ यह घटना हुई थी। इधर, अरुणिमा की मेजबान महिला एवं बाल विकास मंत्री अर्चना चिटनीस ने भी मामले को संज्ञान में लिया है।


उधर, अरुणिमा सिन्हा ने पीएमओ और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को ट्वीट किया है। ट्वीट में कहा, ‘महाकाल मंदिर में मेरी दिव्यांगता का मजाक बना। मुझे यह बताते हुए बहुत दुख है कि एवरेस्ट चढ़ने में इतनी तकलीफ नहीं हुई, जितनी मुझे उज्जैन में महाकाल के दर्शन में हुई।’
- अरुणिमा को नंदीहॉल से गर्भगृह में जाने के दौरान तैनात कर्मचारियों ने उन्हें रोक दिया। वे भीतर जाने देने का आग्रह करती रहीं, लेकिन उन्हें रोका जाता रहा। बार-बार कर्मचारी उन्हें रोकते-टोकते व बहस करते दिखे। एक व्यक्ति अंगुली से इशारे करते हुए उन्हें बाहर कर देने को कहता दिखाई दे रहा है। इस बीच अरुणिमा सिन्हा ने नंदी हॉल से ही दर्शन किए और यहां से चली गई। इससे पहले अरुणिमा को नंदीगृह में आने के लिए भी चैनल गेट से प्रवेश नहीं दिया जा रहा था। दो-तीन बार रोका गया। बाद में बड़ी मुश्किल से उन्हें भीतर आने दिया।


प्रशासक अवधेश शर्मा से सीधी बातचीत
अरुणिमा के साथ अभद्रता क्यों हुई?
जवाब: भस्मारती के बाद निर्धारित वेशभूषा में ही गर्भगृह में प्रवेश दिया जाता है। हो सकता है उन्होंने साड़ी नहीं पहनी होगी इसलिए रोका होगा।
वे मंत्री की मेहमान भी थी फिर क्यों उनके प्रोटोकाल का ध्यान नहीं रखा गया ?
जवाब: सभी श्रद्धालुओं का ध्यान रखा जाता है। कर्मचारियों को निर्देश दे रहे हैं। अब दर्शन व्यवस्था की जानकारी एनाउंस करके दी जाने की व्यवस्था जल्द शुरू करेंगे।
अरुणिमा से अभद्रता हुई है तो अब क्या कार्रवाई करेंगे?
जवाब: इस संबंध में सुबह ही मेरी समिति अध्यक्ष व कलेक्टर से चर्चा हुई है। वे अवकाश पर हैं। प्रशासक होने के नाते मेरी नैतिक जिम्मेदारी भी बनती है। उनकी भावना को ठेस पहुंची है तो फरवरी में मैं स्वयं उनके निवास लखनऊ मैं क्षमा मांगने जाऊंगा। उन्हें ससम्मान दर्शन के लिए आमंत्रित करूंगा।
दिव्यांगों के लिए मंदिर को पुरस्कार मिला, फिर ऐसी घटना क्यों?
जवाब: दिव्यांगों को सुगमता से दर्शन की व्यवस्था है। पता चला कि मंदिर में महिलाओं के कपड़े बदलने की सुविधा नहीं है। इसलिए विशेष चेंजिंग रूम बनाए जाएंगे।


राजपत्रित को करेंगे तैनात
- महाकाल मंदिर की पुलिस चौकी पर अब राजपत्रित अधिकारी को तैनात किया जाएगा। सोमवार को मंदिर प्रशासक के साथ पुलिस ने संयुक्त दौरा कर व्यवस्था देखी। नीरज पांडे, एएसपी सिटी

मुख्य सचिव को पत्र लिखेंगे

- अरुणिमा पद्मश्री हैं। मप्र में हमारी मेहमान थी। महाकाल मंदिर में उनके साथ जो भी हुआ उसे लेकर मुख्य सचिव को पत्र लिखेंगे। अर्चना चिटनीस, मंत्री महिला एवं बाल विकास विभाग