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जब एक साथ जली चार मासूमों की चिता हर आंख से छलके आंसू, देखें फोटोज

जब एक साथ जली चार मासूमों की चिता हर आंख से छलके आंसू, देखें फोटोज

Danik Bhaskar | Jan 06, 2018, 01:26 PM IST
रीजनल पार्क मुक्तिधाम पर शनिव रीजनल पार्क मुक्तिधाम पर शनिव

इंदौर. बायपास पर शुक्रवार को हुए भीषण हादसे में मृत चारों मासूम बच्चों का अंतिम संस्कार एक साथ किया गया। शनिवार सुबह जब श्रृति, कृति, स्वस्तिक और हरमीत कौर की अंतिम यात्रा रीजनल पार्क मुक्तिधाम पहुंची। यहां एक साथ चार चिताएं जलती देख हजारों की संख्या में पहुंचे लोगों की आंखें छलक आईं। सभी ने नम आंखों से नन्हों को अंतिम विदाई दी।



ऐसे हुअा हादसा

- डीपीएस की बस शाम को छुट्‌टी के बाद बच्चों को छोड़ने उनके घर जा रही थी। पुलिस के अनुसाार बस भोपाल से महू की ओर जा रही थी, जबकि ट्रक महू से भोपाल की ओर जा रहा था। इस दौरान बिचौली मर्दाना बायपास पर ब्रिज के पास अचानक बस के ब्रेक फेल हो गए और वह डिवाइडर से टकराकर दूसरी ओर ट्रक से जा भिड़ी। बताया जा रहा है कि बस के स्पीड में होने के कारण हादसा इतना भीषण हो गया। टक्कर के बाद का नजारा कंपाने वाला था। बस का अगला हिस्सा बिखर गया था और ड्राइवर सीट पर ही चिप गया था। वहीं बस के भीतर का नजारा देख लोग कांप गए। बच्चे एक दूसरे के ऊपर गिरे हुए थे और दर्द से कराह रहे थे। चीख पुकार के बीच लोगों ने बच्चों को बाहर निकालने की कोशिश की और अस्पताल लेकर भागे।


हादसे के बाद की कहानी...
- स्ट्रेचर पर खून से लथपथ बच्चे पापा-मम्मी का नाम लेकर चीखते रहे। उनकी नजरें माता-पिता को ढूंढ रही थीं। डॉक्टरों के अनुसार जितने बच्चे भर्ती हैं, वे भी गंभीर रूप से घायल हैं। इनमें से किसी का हाथ टूट चुका है तो किसी का पैर। कुछ बच्चों को लिवर व किडनी में गंभीर चोट आई है।


दर्द से चीखते बच्चे बोले- मम्मी जल्दी घर चलो
- अस्पताल में घायल बच्चे दर्द से कराह रहे थे। किसी के हाथ-पैर में फ्रैक्चर है तो किसी के सिर में चोट। दर्द से कराहते वे जिद कर रहे थे कि मम्मी जल्दी घर ले चलो।


बच्चे ने कहा- तेज बस चलाते थे ड्राइवर अंकल
- जिस बस का एक्सीडेंट हुआ, उससे 10वीं का एक छात्र भी स्कूल जाता था। शुक्रवार को वह छुट्टी पर था। हादसे की जानकारी लगी तो साथियों का हालचाल जानने परिजन के साथ अस्पताल पहुंचा। घायल साथियों को देख उसके आंसू बह निकले। बच्चे ने कहा समय पर स्कूल पहुंचने का काफी दबाव रहता था। ड्राइवर अंकल गाड़ी भी तेज चलाते थे। हमने कई बार उनसे कहा भी कि गाड़ी की स्पीड कम करो। बच्चे के पिता ने कहा कि ड्राइवर भांग खाने का आदी था। इसकी शिकायत भी उन्होंने स्कूल प्रबंधन से की थी।


रक्तदान करने के लिए मना करना पड़ गया
- हादसे की सूचना वायरल होते ही रक्तदान करने वालों का मजमा लग गया। अस्पताल प्रबंधन को अनाउंस करना पड़ा कि पर्याप्त खून की व्यवस्था है।


शाम 4.20 बजे बच्चे नहीं पहुंचे तब घबरा गए परिजन
छात्र दैविक वाधवानी की बस खातीवाला टैंक में पारस मेडिकल के पास शाम 4.20 बजे पहुंच जाती है। दैविक को शुक्रवार को बुआ लेने गई थी। बस 20 मिनट बाद भी नहीं आई तो बुआ ने स्कूल में कॉल किया। वहां किसी ने रिसीव नहीं किया। परिजनों ने इसी बस के पीछे आने वाली दूसरी बस के ड्राइवर को कॉल किया। तब पता चला कि दैविक की बस का एक्सीडेंट हो गया है।

10 मिनट पहले पहुंच जाता था ड्राइवर
- आईसीयू के बाहर अपने बच्चे की सलामती के लिए दुआ कर रहे माता-पिता ड्राइवर को भी कोसते नजर आए। बोले कई बार शिक्षकों को भी बोला कि ड्राइवर 10 मिनट पहले पहुंच जाता है। गाड़ी तेज चलाता है, पर ध्यान नहीं दिया।


जीपीएस, रिकाॅर्डिंग से सामने आएगा सच
- परिवहन विभाग ने बस की जांच की। इसमें सामने आया कि बस में जीपीएस सीसीटीवी कैमरे भी लगे थे। आरटीओ एमपी सिंह ने बताया शनिवार को सीसीटीवी और जीपीएस की पूरी जानकारी ली जाएगी। जीपीएस से पता चलेगा कि बस कितनी स्पीड में थी। सीसीटीवी से कारणों का पता लग जाएगा।