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श्रीनगर में फौजी की मौत के बाद फंदे पर झूली मंगेतर, ४ दिन से थी गहरे सदमे में

श्रीनगर में फौजी की मौत के बाद फंदे पर झूली मंगेतर, ४ दिन से थी गहरे सदमे में

Danik Bhaskar | Dec 09, 2017, 12:35 PM IST
दिवंगत सैनिक नीलेश धाकड़ की मौ दिवंगत सैनिक नीलेश धाकड़ की मौ

इंदौर। दिवंगत सैनिक नीलेश धाकड़ की मौत के चार दिन बाद उसकी मंगेतर ने भी फांसी लगाकर जान दे दी। मंगेतर रानी उसकी मौत की खबर के बाद से ही गहरे सदमे में थी। उसने खाना-पीना तक छाेड़ दिया था। शनिवार अलसुबह जब सारे लोग सो रहे थे तब उसने पीछे बने बाड़े में जाकर फांसी लगा ली। सुबह भाई ने देखा तो बहन लोहे की रॉड से लटक रही थी। उसे इस हाल में देख भाई चीखते हुए भागा और अन्य लोगों को जानकारी दी। दोनों की शादी अगले साल 28 अप्रैल को होनी थी।



- टीआई बीएस गोरे ने बताया कि बरखेड़ा सोमा निवासी रानी पिता मनोहरलाल धाकड़ की शादी दिवंगत सैनिक नीलेश धाकड़ से होनी थी। मनोहरलाल की दो बेटियां ज्योति और रानी हैं और बेटा नीलेश है। मंगेतर की मौत के बाद से ही उसका रो-रोकर बुरा हाल हो गया था। शनिवार सुबह करीब 5 बजे उसने घर के पीछे बने बाड़े में जाकर फांसी लगा ली।


- रानी के चचेरे भाई दशरथ ने बताया कि मंगेतर नीलेश की मौत की सूचना लगते ही रानी सदमे में चली गई थी। उसने खाना-पीना भी नहीं के बराबर कर दिया था। उसकी यह हालत देख हमें डर था कि वह कहीं कोई गलत कदम ना उठा ले, इसलिए उसे लगातार सदमे से बाहर निकालने की कोशिश कर रहे थे। हमेशा चहकने वाली रानी चार दिन से गुमसुम थी। शनिवार सुबह पिताजी खेत पर चले गए थे और मां काम कर रही थी।


- भाई नीलेश जब सोकर उठा और पीछे गया तो बहन रानी बाड़े में फंदे पर झूल रही थी। उसे इस हाल में देख घबराया भाई चीखते हुए बाहर अाया। मां ने उससे पूछा तो उसने रोते हुए बहन के फांसी में लटके होने की बात कही। यह सुनते ही मां बदहवास हो गई। चीख सुन अन्य परिजन घर पर पहुंचे और पिता को सूचना दी। दशरथ ने बताया कि उसके भाई और बहन की शादी हो चुकी थी। बेटी की शादी को लेकर पूरा परिवार उत्साहित था, लेकिन हमारे सपने चकनाचूर हो गए।

मंगेतर नीलेश की चार दिन पहले मौत हुई थी
- देवास के घिचलाय के रहने वाले सेना के जवान नीलेश धाकड़ की मंगलवार को श्रीनगर में एक हादसे में गोली लगने से मौत हो गई थी। गुरुवार शाम को सैन्य सम्मान के साथ गांव में ही उसका अंतिम संस्कार हुआ था। परिजनों ने नीलेश की मौत की सूचना जब बेटी को बताई तो वह सदमें में चली गई थी। परिजनों ने उसे खूब समझाया, लेकिन वह सदमे से बाहर ही नहीं आ पा रही थी। संभवत: इसी कारण उसने मौत को गले लगा लिया।