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ऑनर किलिंग केस में सभी आरोपी बरी, ऐसी है इंजीनियर हेमेंद्र की मौत की कहानी

ऑनर किलिंग केस में सभी आरोपी बरी, ऐसी है इंजीनियर हेमेंद्र की मौत की कहानी

Dainik Bhaskar

Dec 18, 2017, 05:24 PM IST
करीब दो साल पहले 2015 में हेमेंद् करीब दो साल पहले 2015 में हेमेंद्

इंदौर। शहर के चर्चित हेमेंद्र डोंगरे ऑनर किलिंग मामले में कोर्ट ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। अगस्त 2015 में रक्षाबंधन के दिन पत्नी की आंखों के सामने इंजीनियर हेमेंद्र डोंगरे की हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने इस मामले में हेमेंद्र के सास-ससुर, साले और चाचा ससुर को गिरफ्तार किया था। अदालत ने सोमवार को इन्हें हत्या के आरोप से बरी कर दिया। ये है पूरा मामला...


- घटना अगस्त 2015 की है। राखी के दिन अर्चना अपने पति हेमेंद्र के साथ गंगा देवी नगर स्थित अपने मायके राखी बांधने पहुंची थी। उसे उसके छोटे भाई ने कॉल कर घर आने को कहा था। अर्चना ने अपने साथ पढ़ने वाले हेमेंद्र के साथ प्रेम विवाह किया था, जिससे उसके परिजन नाराज थे। शादी के बाद उन्होंने अर्चना से रिश्ता तोड़ लिया था। शादी के करीब सालभर बाद तक उन्होंने ना तो उससे बात की ना ही अपने घर आने दिया था।


- ऐसे में छोटे भाई का कॉल आने पर वह राखी बांधने पति के साथ मायके गई थी। जैसे ही वह मायके पहुंची, उसके पिता, मां सहित चार परिजनों ने उन पर हमला कर दिया, जिसमें हेमेंद्र की मौत हो गई थी और अर्चना गंभीर घायल हो गई थी। उसने पुलिस अनुसंधान अधिकारी एवं जेएमएफसी कोर्ट के समक्ष बयान देकर उसके सामने पति की हत्या होना स्वीकार किया था, लेकिन ट्रायल के दौरान बयान पलट दिया था। उसने कहा कि उसके सामने पति की हत्या नहीं हुई। वह पति के साथ बाइक पर जा रही थी, तभी दूसरे बाइक वाले से टक्कर हो गई। बाइक वालों की मारपीट में उसके पति की मौत हो गई। घटना के बाद घटनास्थल पर पहुंचे अर्चना के चाचा ने भी बयान पलट दिए।

- उधर, जांच अधिकारी और विजय नगर थाने के तत्कालीन टीआई और अन्य पुलिसकर्मियों ने ऑनर किलिंग की घटना का जिक्र किया। एक काॅन्स्टेबल ने कहा कि घटना की सूचना मिलने पर वह एक अन्य साथी जवान के साथ घटना स्थल पर पहुंचा, तब हेमंत डोंगरे के साथ गई उसकी दो छोटी भानजियों ने रोते हुए आरोपियों की ओर इशारा करते हुए कहा था कि इन्होंने हेमंत और अर्चना को मारा है। काॅन्स्टेबल ने ट्रायल कोर्ट में आरोपियों को पहचाना भी था। ट्रायल के दौरान 19 गवाहों में से नौ गवाह पलट गए, जबकि अन्य से घटना का समर्थन किया। बहस के बाद सोमवार को कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए सभी को बरी कर दिया।

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करीब दो साल पहले 2015 में हेमेंद्करीब दो साल पहले 2015 में हेमेंद्
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