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हेमेंद्र डोंगरे ऑनर किलिंग केस पर फैसला कल: फैसले पर लगी सबकी निगाह

हेमेंद्र डोंगरे ऑनर किलिंग केस पर फैसला कल: फैसले पर लगी सबकी निगाह

Danik Bhaskar | Dec 16, 2017, 06:00 PM IST
करीब दो साल पहले हेमेंद्र डोंग करीब दो साल पहले हेमेंद्र डोंग

इंदौर। लगभग सवा दो साल पहले घटे शहर के चर्चित हेमेंद्र डोंगरे ऑनर किलिंग कांड में 18 दिसंबर को फैसला होगा। अदालत द्वारा तारीख तय करते ही फैसले पर सबकी निगाह लगी हुई है। गौरतलब है कि अगस्त 2015 में रक्षाबंधन के लिए पति हेमेंद्र डोंगरे के साथ पत्नी अर्चना गंगा देवी नगर स्थित मायके राखी बांधने पहुंची थी। प्रेम विवाह करने से अर्चना के परिजन उससे नाराज थे। घटना के दिन अर्चना को उसके माता पिता ने खुद फोन करके राखी बांधने बुलाया था। जैसे ही वह मायके पहुंची, उसके पिता, मां सहित चार परिजनों ने उन पर हमला किया, जिसमें हेमेंद्र की मौत हो गई थी और अर्चना गंभीर घायल हो गई थी।

ये कहा था पहले बयान में ...

- अर्चना ने पुलिस अनुसंधान अधिकारी एवं जेएमएफसी कोर्ट के समक्ष दिए बयान में कहा था कि उसकी आंखों के सामने उसके परिजनों ने पति की हत्या की है। बाद में ट्रायल के दौरान वह अपने बयान से पलट गई। उसने कहा कि उसके सामने पति की हत्या नहीं हुई। वह पति के साथ बाइक पर जा रही थी तभी दूसरे बाइक वाले से टक्कर हो गई थी। दूसरे बाइक वालों की मारपीट में उसके पति की मौत हो गई। घटना के बाद घटनास्थल पर पहुंचे अर्चना के चाचा भी अपने बयान पलट गए हैं। वहीं जांच अधिकारी और विजयनगर थाने के तत्कालीन टीआई और अन्य पुलिसकर्मियों ने घटना का समर्थन किया है।

- एक कांस्टेबल ने कहा कि घटना की सूचना मिलने पर वह एक अन्य साथी कांस्टेबल के साथ घटना स्थल पर पहुंचा तब हेमेंत डोंगरे के साथ गई उसकी दो छोटी भांजियों ने रोते हुए आरोपियों की ओर इशारा करते हुए कहा था कि इन्होंने हेमंत और अर्चना को मारा है। कांस्टेबल ने ट्रायल कोर्ट में आरोपियों को पहिचाना भी था। वैसे कुल 19 गवाहों में नौ गवाह पलटे, शेष ने घटना का समर्थन किया है। शासकीय जिला लोक अभियोजक विमलकुमार मिश्रा ने अंतिम बहस में जोर दिया कि सभी सरकारी गवाहों ने घटना का समर्थन किया है और हमने पूरे साक्ष्य जुटाए हैं। उन्होंने आरोपियों को कड़ी सजा की मांग की। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता एल.एल. यादव ने विभिन्न तर्क देकर आरोपियों को निर्दोष का कहना है