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डामोर केस

डामोर केस

Danik Bhaskar | Jan 09, 2018, 12:04 PM IST
शाजापुर के बेरठा में अनमोल अपह शाजापुर के बेरठा में अनमोल अपह

इंदौर। शाजापुर जिले के बेरछा में शनिवार को हुए अनमोल अपहरण में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस आरोपियों को पकड़ा तो उसमें से एक बच्चे का चाचा निकला। पुलिस के अनुसार पूरा षड्यंत्र देवास में रचा गया था। तीनों आरोपियों ने यह मानकर अपहरण की योजना बनाई कि अनमोल माता-पिता की इकलौती संतान है, जो उनकी शादी के 10 साल बाद हुआ था। यह बात आरोपी राकेश को पता थी। बच्चे का अपहरण कर करीब 15 लाख रुपए फिरौती मांगने की योजना थी। पुलिस ने तीनों आरोपियों को फिरौती मांगने से पहले ही गिरफ्तार कर लिया। पुलिस आरोपियों को मंगलवार शाम को न्यायालय पेश करेगी।

- एसपी शैलेंद्र चौहान ने बताया घटना के बाद से ही पुलिस ने तीन स्तर पर टीम बनाकर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी थी। पहली टीम में एएसपी ज्योति सिंह ठाकुर ने साइबर सेल से जितनी जानकारी निकल सकती थी, निकाली। इसी को आधार बनाकर एसडीओपी आर.एस. अंब ने स्थानीय स्तर पर जांच शुरू करते हुए टीआई उदयसिंह अलावा के नेतृत्व में टीम को रवाना किया।


- एसपी के अनुसार बच्चे की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने एहतियात बरती और देवास पहुंचकर बच्चे को अपने कब्जे में लिया। राकेश के साथी गगन और उसकी पत्नी तक पहुंची जहां से बेरछा पुलिस ने देवास स्थित उनके घर से अपहरण में प्रयुक्त की गई सिल्वर कलर की मारुति वैन भी जब्त कर ली।

थाने में पुलिसकर्मियों के साथ मस्ती करता रहा अनमोल
- बेरछा पुलिस ने बड़ी ही चतुराई से रात-दिन एक कर बच्चे को सकुशल लेकर आ गई। जैसे ही अनमोल के मिलने की खबर आई वैसे ही पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल हो गया। लोगों ने बेरछा पुलिस जिंदाबाद के नारे लगाए। पुलिसकर्मी अनमोल के साथ सेल्फी ले रहा थे। एक पुलिसकर्मी ने बताया जब अनमोल को देवास से लेकर आए तो उसने थाने में बहुत मस्ती की। पुलिसकर्मियों के साथ ही खेलने में मशगूल रहा।

2.5 लाख का कर्ज और नए मकान के रुपए चुकाना थे
- वारदात को अंजाम देने वाले तीनों आरोपी पढ़े-लिखे और नौकरी करते हैं। मुख्य राकेश बीएससी की पढ़ाई के बाद देवास की धोनी कंपनी में स्टोर इंचार्ज था व गगन शर्मा इंदौर के एक अस्पताल में काम करता था। गगन की पत्नी अमृता और राकेश दोनों एक ही कंपनी में काम किया करते थे। यहीं तीनों ने मिलकर योजना बनाई। बताया जा रहा है राकेश पर 2.5 लाख रुपए कर्ज के साथ देवास में ही बनाए एक मकान के रुपए का लेन-देन है। इसी के चलते अपने मामा के इकलौते बेटे के अपहरण की योजना बनाई।

ये है मामला...
- बेरछा से शनिवार को गायब दस माह के अनमोल पिता राकेश को पुलिस ने रविवार को ढूंढ निकाला था। अनमोल का अपहरण उसके पिता के ममेरे भाई राकेश पिता मनोहरलाल ने किया था। उस पर ढाई लाख रुपए का कर्ज था। साथ ही देवास में बनाए मकान की राशि भी चुकानी थी। अपहरण में आरोपी का साथ दोस्त और उसकी पत्नी ने दिया था, जो महज 60 हजार रुपए का कर्ज चुकाने के लिए अपहरण में शामिल हो गए। आरोपी अनमोल के पिता से 15 लाख रुपए की फिरौती मांगने वाले थे। फरियादी राकेश का ममेरा भाई राकेश पिता मनोहरलाल कारपेंटर निवासी देवास अपहरण का मुख्य सरगना निकला। आरोपी ने अपने साथी गगन पिता उमाकांत शर्मा तथा उसकी पत्नी अमृता निवासी पिपरिया हाल मुकाम तिलकनगर देवास के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। राकेश तीन दिन पहले फरियादी के घर पहुंचा और अनमोल से नजदीकी बढ़ाने के लिए उसके साथ खेलता रहा। शनिवार को राकेश ने योजना अनुसार शाम 7 बजे अनमोल को पलंग से उठाने का प्रयास किया। हालांकि पलंग के पास बैठी बच्चे की बड़ी मम्मी ने यह कहकर मना किया कि वह सो रहा है। राकेश ने कहा बच्चे को शाम के समय नहीं सुलाना चाहिए।