इंदौर

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साल में एक बार बाबा देते हैं ४४ घंटे दर्शन, महाकाल के दर्शन को एक लाख से ज्यादा लोग पहुंचे

साल में एक बार बाबा देते हैं ४४ घंटे दर्शन, महाकाल के दर्शन को एक लाख से ज्यादा लोग पहुंचे

Dainik Bhaskar

Feb 13, 2018, 11:15 AM IST
महाशिवरात्रि पर बाबा महाकाल क महाशिवरात्रि पर बाबा महाकाल क

इंदौर। महाशिवरात्रि पर ज्योतिर्लिंग महाकाल में लाखों की संख्या में भक्त अपने अाराध्य के दर्शन को पहुंचे हैं। बाब महाकाल भी भक्तों को दर्शन देने के लिए निरंतर 44 घंटे तक जागेंगे। सोमवार-मंगलवार मध्य रात 2 बजे मंदिर के पुजारी ने गर्भगृह के पट खोलकर भगवान को जगाया व रात 2.30 बजे से भस्मारती की। भस्मारती बाद अलसुबह 5 बजे से मंदिर में आम दर्शनों का सिलसिला शुरू हुअा, जो 14 फरवरी की रात 11 बजे तक चलेगा। 11 बजे शयन आरती के साथ महाकाल का भी शयन होगा। साल में एक बार ही ऐसा अवसर आता है, जब राजा महाकाल पूरी रात शयन नहीं करते।

महाशिवरात्रि पर मंगलवार को महाकाल मंदिर में आम श्रद्धालुओं को कतार में लगने के बाद एक से डेढ़ घंटे और 250 रुपए की टिकट वालों को 45 से 50 मिनट में प्रशासन ने दर्शन कराने की तैयारी थी, लेकिन दर्शन के लिए भक्तों को इससे कहीं ज्यादा समय लग रहा है। मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक अवधेश शर्मा ने बताया प्रशासन ने यह व्यवस्था दो से ढाई लाख श्रद्धालुओं की भीड़ के अनुमान को देखते हुए की है। आम भक्तों के लिए हरसिद्धि के सामने से व्यवस्था की गई है। जबकि श्रद्धालु यहां तक दर्शन के लिए नहीं अा सकते हैं उनके लिए समिति ने वेबसाइट www. mahakaleshwar.nic.in पर लाइव दर्शन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।


नदियों के जल से अभिषेक
- महापूजा के दौरान गर्भगृह में महाकाल का भस्म धुलन, भू-शुद्धि, भूत-शुद्धि, अंतर मातृका न्यास, लघु न्यास, रुद्र और पंचवत्र क्रिया से पूजा कर सात फल (अनार, सेब, अंगूर, मौसंबी, चीकू, नारियल पानी व गन्ने) के रस, दूध, दही, घी, शकर, शहद, गुलाब जल, गंगा जल, शिप्रा, नर्मदा जल और कोटितीर्थ कुंड के जल से अभिषेका।

सबके लिए अलग-अलग लाइन

- आम श्रद्धालु:हरसिद्धि चौराहे के सामने पीले बेरिकेड्स में लाइन में लगे।
- 250 टिकट, वीआईपी पासधारी: रुद्रसागर के पास नीले शंख के सामने फेसेलिटी सेंटर से।
- दिव्यांग, गर्भवति महिला, पुजारी, पत्रकार: पुलिस चौकी प्याऊ के पास भस्मारती गेट नंबर 3 से

महाकाल के कल सेहरे के दर्शन, दिन में भस्मारती
- 14 फरवरी को भगवान महाकाल को पुजारी चांदी का सप्तधान का मुघौटा, जरी व मखमल के वस्त्र पहनाकर फूलों व फलों से निर्मित सेहरा बांधकर दूल्हे रूप में शृंगारित करेंगे। शृंगार में सोने के कुंडल, सोने का छत्र, मोर के पंख, सोना का त्रिपुंड लगाया जाएगा। और दूल्हा बने भगवान महाकाल पर चांदी के बिल्वपत्रों और सिक्के न्यौछावर करेंगे। सुबह 6 बजे से 10.30 बजे तक श्रद्धालु सेहरे के दर्शन कर सकेंगे। दोपहर 12 बजे वर्ष में एक दिन दोपहर में होने वाली भस्मारती होगी। सुबह 7.30 आर 10.30 बजे की आरती भी इस दिन भस्मारती के बाद दोपहर 2.30 बजे से होगी। शिवरात्रि की पूरी रात गर्भगृह महापूजा चलेगी। 11 पंडित शिव सहस्त्र नामावली से महाकाल काे सवा लाख बिल्वपत्र चढ़ाएंगे।

ऐसा है पूजन का समय...
सुबह 7.30 बजे दद्योदक आरती
सुबह 10.30 बजे भोग आरती
दोपहर 12 बजे सरकारी पूजन
शाम 4 बजे होल्कर व सिंधिया परिवार की ओर से पूजन
शाम 6.30 बजे संध्या आरती
रात 9 बजे कोटितीर्थ कुंड पर कोटेश्वर महादेव का अभिषेक
रात 11 बजे गर्भगृह में 11 पंडितों द्वारा अभिषेक।

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महाशिवरात्रि पर बाबा महाकाल कमहाशिवरात्रि पर बाबा महाकाल क
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