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हादसा एक

हादसा एक

Danik Bhaskar | Jan 06, 2018, 04:06 PM IST
मंदसौर में कर्ज से परेशान नरेश मंदसौर में कर्ज से परेशान नरेश

इंदौर। मंदसौर में गुरुवार को एक युवक द्वारा आत्महत्या के मामले में सिटी कोतवाली पुलिस ने रविवार को एक व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज किया है। जांच में सामने आया है कि आरोपी ने मृतक युवक से अवैध वसूली की। सिटी कोतवाली टीआई विनोदसिंह कुशवाह ने बताया गुरुवार शाम गांधीनगर के नरेश रामवानी ने शिवना नदी में कूदकर आत्महत्या कर ली। सुसाइड नोट से मामला अवैध ब्याज वसूली के लिए परेशान किए जाने व संपत्ति हड़पने का सामने आया। इसमें नवीन नाहटा के खिलाफ आत्महत्या के लिए प्रेरित करने तथा अवैध वसूली की मांग करने का केस दर्ज किया है। पढ़ें, सुसाइड नोट...

 

 

 

मैं सभी से क्षमा चाहता हूं, मेरे परिवार से और जिन लोगों का पेमेंट नहीं किया है, उनसे। इसलिए मुझे यह कदम उठाना पड़ रहा है। मेरे मरने के बाद मैं यह चाहता हूं फाइनेंस वाले मकान बेचकर अपना कर्जा वसूल कर ले। इस मकान में नवीन नाहटा या साहिल नाहटा का कोई भी हक नहीं है। उन्होंने जो भी कागजी कार्रवाई की है, वह सब गलत है। उन्होंने बैंक में भी पैसे डालकर वापस निकाल लिए ताकि साबित कर सकें कि एक-नंबर में पैसे दिए हैं। मैं तो यही चाहता हूं कि मेरे परिवार वालों को कोई परेशान ना करे और नवीन नाहटा को सजा दी जाए, क्योंकि उसकी वजह से एक जान जा चुकी है और दूसरी जा रही है। उसने काफी लोगों को परेशान कर रखा है...। 

 

3 लाख उधार लिए थे, हर माह 3 हजार रु. ब्याज देता था 
मृतक के पिता ने बताया नरेश ने नवीन से 3 लाख रुपए उधार लिए थे। इस पर वह हर माह 3 हजार रुपए ब्याज चुकाता था। लंबे समय से इतना ब्याज भर कर नरेश परेशान हो चुका था। इस दौरान नवीन ने फर्जीवाड़ा कर किटयानी स्थित मकान पर भी कब्जा कर लिया। इससे परेशान होकर ही नरेश ने आत्महत्या कर ली। 

 

 

नवीन के भतीजे ने कहा, हमने मकान खरीदा था, ईमानदारी से रुपए भी दिए 

- मामले में नवीन नाहटा के मोबाइल 9039286651 पर चर्चा करने की कोशिश की लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। आरोपी उनके भतीजे साहिल से बताया मैं एयरटेल में मेंटेनेंस का काम करता हूं। हमें मकान की जरूरत थी। नरेश ने लोन लेकर मकान खरीदा था। किस्त नहीं चुका पा रहा था इसलिए 32 लाख में हमें मकान बेचा। एग्रीमेंट भी हुआ। नरेश ने ही पजेशन दिया। फाइनेंस कंपनी को नरेश को 14 लाख रुपए चुकाने थे। इसलिए वो एनओसी नहीं ला पा रहा था ना रजिस्ट्री कर रहा था। हमारा 27 दिसंबर का चेक नरेश के पास था। हमने कहा था जब तक एनओसी नहीं मिलेगी चेक क्लियर नहीं होगा। हमने ईमानदारी से रुपए दिए। सारे आरोप निराधार हैं। 


नवीन नाहटा के कारण छह माह में आत्महत्या करने का दूसरा मामला 
नवीन से परेशान होकर आत्महत्या करने का यह जिले में दूसरा मामला है। इससे पहले 30 जून को नारायणगढ़ थाना क्षेत्र के डोरवाड़ी निवासी किसान लक्ष्मणसिंह पिता रामसिंह ने जहरीला पदार्थ खा लिया था। किसान की इलाज के दौरान उदयपुर में मौत हो गई थी। पीएम के दौरान लक्ष्मणसिंह की जेब से 9 पेज का सुसाइड नोट मिला था। इसके आधार पर पुलिस ने नवीन के खिलाफ केस दर्ज किया था। मामले में नवीन ने हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत ली थी। जांच अधिकारी एसआई बीएस बामनिया के अनुसार सभी दस्तावेजों में नवीन का नाम निर्मल लिखा है जबकि सुसाइड नोट में नाम नवीन लिखा है। अत: शंका के आधार पर उसे जमानत मिली थी।