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बाबा वीरेंद्र देव के आश्रम में आसान नहीं थी एंट्री, पढ़ें, यहां से मिली लड़की की कहानी

बाबा वीरेंद्र देव के आश्रम में आसान नहीं थी एंट्री, पढ़ें, यहां से मिली लड़की की कहानी

Rajeev Tiwari | Last Modified - Dec 26, 2017, 07:31 PM IST

इंदौर। दिल्ली के बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित का अनुयायी बनकर परदेशीपुरा इलाके में जो आश्रम का संचालन किया जा रहा था वह काफी संदेहास्पद है। दरअसल आश्रम को आध्यात्मिक विश्व विद्यालय बताकर यहां धर्म की शिक्षा देने का कार्य करने करवाए जाने की बात सामने आ रही है, लेकिन पुलिस की प्राथमिक जांच में ये स्पष्ट हुआ है कि किसी भी विश्वविद्यालय के लिए जो जरूरी नियम होने चाहिए वह इस आश्रम में लागू नहीं थे। यहां जो भी आता था उसकी सिर्फ रजिस्टर में इंट्री होती थी और उसे टीवी पर सीडी दिखाकर बाबा का अनुयायी बनाया जाता था। बताते हैं बिहार की जिन लड़कियों को यहां रखा था वे बाबा की इस कदर भक्त बन गई हैं कि उनके बारे में कुछ भी बुरा सुनना उन्हें बुरा लगता है। वे बाबा को कृष्ण अवतार मानकर उनकी पूजा करती हैं।

- सीएसपी परदेशीपुरा आरती सिंह ने बताया कि तीन पुलिया इलाके में दिल्ली के बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित के अनुयायी बनकर उनके नाम पर आध्यात्मिक विश्व विद्यालय संचालित करने की सूचना पर पुलिस ने आश्रम पर दबिश दी थी। यहां से दो किशोर बालिकाओं को हिरासत में लेकर चाइल्ड लाइन के सुपुर्द किया है। दरअसल बालिकाएं बाबा की इतनी बड़ी समर्थक हैं कि उन्हें बाबा के बारे में कुछ भी बुरा सुनना पसंद नहीं है। पुलिस ने उनकी अलग से भी काउंसलिंग की, लेकिन वे बाबा के प्रवचन और सीढिय़ां देख उनके प्रति आत्मीय रूप से जुड़ी हैं।


- सीएसपी सिंह ने बताया कि आश्रम को लेकर कई तरह की संदिग्ध बातें पुलिस को पता चली थी। वहीं जब मौके पर पहुंचे तो पाया कि आश्रम में जाने का रास्ता आरोपी सतीश कचौलिया की दुकान के काउंटर से होकर ही जाता है। वहीं 1500 रुपए महीने पर उन्होंने उक्त आश्रम के लिए मकान की पहली व दूसरी मंजिल किराए पर दे रखी थी।


विश्व विद्यालय की मान्यता कैसे
- सीएसपी आरती सिंह ने बताया कि आश्रम को आध्यात्मिक विश्व विद्यालय के नाम से संचालित किया जा रहा था, लेकिन किसी भी विश्व विद्यालय के लिए कई तरह के नियम होते हैं जो यहां लागू ही नहीं हो रहे थे। बावजूद इसके ये आश्रम संचालित हो रहा था। वहीं आश्रम में आने वाले किसी भी श्रद्धालु को सतीश की दुकान के काउंटर से होकर ही गुजरना पड़ता था। ये भी एक संदिग्ध बिंदु रहा है। इसके अलावा आश्रम के रजिस्टर में कई तरह के पुरुष व महिलाओं व वृद्ध महिलाओं के आने की जानकारी इंट्री रजिस्टर में मिली है। इंट्री के आधार पर सभी श्रद्धालुओं से भी पूछताछ करेंगे की कहीं कोई संदिग्ध गतिविधियां तो यहां संचालित नहीं की जा रही थी।


आसपास के लोग बोले लोग आते-जाते रहते थे
इधर आसपास के दुकानदारों ने बताया कि आश्रम में दिन भर लोगों का आना-जाना रहता था। लेकिन कोई संदिग्ध गतिविधियां चलने की किसी को जानकारी नहीं थी। कुछ लोगों ने बताया बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित भी कभी कभार यहां रुकने आ चुके हैं उस दौरान आश्रम में काफी भीड़ जुट जाती थी।

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Web Title: baba ke aashrm mein mili bihaar ki ladkiyan, dukan ke andr se thaa aisaa raastaa
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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