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Dainik Bhaskar

Feb 01, 2018, 01:26 PM IST
घरवाले दिव्या पर पढ़ाई छोड़कर श घरवाले दिव्या पर पढ़ाई छोड़कर श

इंदौर। झाबुआ में दादी शादी के लिए दबाव डाल रही थी और पोती को आगे की पढ़ाई करनी थी। जब लगा कि परिवार के आगे नहीं चलेगी तो पोती विद्रोह कर सीधे एसपी के पास पहुंची। उनसे कहा मैं आगे पढ़ना चाहती हूं और घरवाले शादी करने को कह रहे हैं। ऐसे में एसपी ने मां और दादी को तलब कर उन्हें समझाइश दी। जिसका असर हुआ कि वे न केवल बेटी को आगे पढ़ाने के लिए तैयार हो गई बल्कि दहेज-दापे की रकम लौटाने का भी निर्णय ले लिया।



ऐसी है दिव्या की पूरी कहानी...

- पढ़ाई के प्रति ऐसी जिद दिखाने वाली यह लड़की है कल्याणपुरा के ग्राम संदला की रहने वाली 17 वर्षीय दिव्या पिता पवन गरवाल। एक साल पहले घरवालों ने उसकी सगाई पास के गांव रूपारेल के एक युवक से तय कर दी थी।


- दिव्या को 9वीं कक्षा में पूरक आई तो उसने प्राइवेट विद्यार्थी के रूप में 10वीं की परीक्षा देने का निर्णय लिया। इसके लिए फॉर्म भी भर दिया। इस बीच दिव्या की दादी श्यामाबाई उस पर शादी करने के लिए दबाव डालने लगी।


- उनका कहना था आगे पढ़कर क्या करेगी, तुझे घर के कामकाज तो करना है। परंतु दिव्या का शादी करने का बिलकुल भी मन नहीं था। उसने ठान लिया कि चाहे कुछ भी हो जाए वह आगे अपनी पढ़ाई जारी रखेगी।


- जब लगा कि परिवार का दबाव बढ़ रहा है तो दिव्या एसपी महेशचंद जैन से मिलने पहुंच गई। उसने अपनी पूरी व्यथा बताई। चूंकि एसपी स्वयं बालिका सशक्तिकरण महाभियान चला रहे हैं तो उन्होंने तत्काल दिव्या के घरवालों को बुला लिया। बीमारी की वजह से पिता पवन नहीं आ पाए। दादी श्यामाबाई व मां मीनाबाई पहुंचे।

- एसपी ने दिव्या के सामने ही दोनों से बात की। उन्होंने कहा आपको तो खुश होना चाहिए कि आपकी बेटी पढ़ना चाहती है। शादी के लिए इस पर दबाव न डालें। वैसे भी अभी ये नाबालिग है और यदि जबर्दस्ती शादी की तो आपके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई हो सकती है।


- एसपी की बात दादी और मां को समझ में आ गई। उन्होंने कह दिया कि साहब जब तक बेटी की इच्छा होगी हम उसे पढ़ाई करने से नहीं रोकेंगे। एसपी ने दिव्या को अपना मोबाइल नंबर देकर कहा कि यदि तुम्हें कोई समस्या आए तो सीधे मुझे बताना।

ऐसे पहुंची एसपी के पास
- दिव्या को पता चला था कि एसपी द्वारा बालिका सशक्तिकरण महाभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान वे बालिकाओं को कम से कम 18 साल तक पढ़ाई करने की शपथ दिलाते हैं। लिहाजा उसने एसपी से ही मदद मांगने का निश्चय किया और पहुंच गई।

15 हजार बालिकाओं को दिला चुके हैं संकल्प
- एसपी महेशचंद जैन पिछले 14 महीने में कन्या हाईस्कूल व हायर सेकंडरी स्कूलों में जाकर 35 बालिका सशक्तिकरण सम्मेलन कर चुके हैं। इस दौरान करीब 35 हजार बालिकाओं को पढ़ने की शपथ दिलाई।

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