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१४७ किमी में १५ सौ लड़कियां कर रही हैं गंदा काम, लड़की बोली इसलिए रखती हूं सहेली का फोटो

१४७ किमी में १५ सौ लड़कियां कर रही हैं गंदा काम, लड़की बोली इसलिए रखती हूं सहेली का फोटो

Dainik Bhaskar

Dec 02, 2017, 11:33 AM IST
बांछड़ा समाज की 15 लड़कियां गलत का बांछड़ा समाज की 15 लड़कियां गलत का

इंदौर. मप्र में रतलाम- नीमच हाईवे पर 68 गांवों मेें बांछड़ा समाज की 15 सौ बच्चियां देह व्यापार में लिप्त हैं। इस मामले में लगी जनहित याचिका पर हाई कोर्ट ने सरकार को नोटिस जारी किया है। सरकार को चार सप्ताह में बताना है कि बच्चियों के साथ हो रहे शोषण को रोकने के लिए वह क्या कर रही है। गौरतलब है कि बांछड़ा समाज के पुरुष गांवों और ढाबों पर बच्चियों से देह व्यापार करवाते हैं। 

 


  
 - जस्टिस पीके जायसवाल और जस्टिस वीरेंदर सिंह की बेंच के समक्ष आकाश चौहान ने यह जनहित याचिका दायर की है। याचिका में उल्लेख किया है कि बांछड़ा समाज की बच्चियों को उनके जन्म के कुछ साल बाद ही इस काम में धकेल दिया जाता है।
 
 - इस हाईवे पर बरसों से यह काम हो रहा है। 2012 में यहां पर बाहर से युवतियों व बच्चियों को बुलाकर देह व्यापार करवाने का मामला भी सामने आया था। उस वक्त केस भी दर्ज हुआ था, लेकिन इस अनैतिक व्यापार को बंद नहीं किया गया।
 
 - बांछड़ा समाज में यह व्यापार जायज है, एेसी धारणा बनी होने के कारण इस पर रोक लगाने के लिए कोई पहल नहीं होती। 10 से लेकर 20 वर्ष तक की युवतियों व बच्चियों को पढ़ाने-लिखाने के बजाय परिजन पैसों के लिए इस काम में लगा देते हैं।
 
 - हाई कोर्ट ने महिला बाल विकास और गृह विभाग को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है। पुलिस ने बच्चियों से देह व्यापार कराने के मामले में आखिरी बार 2008-09 में परवलिया गांव में कार्रवाई की थी। पुलिस ने बच्चियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया था और परिजन के खिलाफ केस दर्ज किया था।
  
 147 किमी हाईवे के दोनों ओर बसा है बांछड़ा समाज
 - रतलाम- नीमच हाईवे पर 147 किमी हाईवे के दोनों ओर  68 गांवों मेें बांछड़ा समाज बसा हुआ है। मप्र और राजस्थान में रहने वाली बांछडा जाति में सदियों से बहू, बेटियों से देह व्यापार करवाने की कुप्रथा चल आ रही है। आश्चर्य की बात ये है कि इस जाति के लोग इसे गलत या बुरा नहीं मानते, उल्टा इनके यहां मां भाभी और बड़ी बहन खुद कम उम्र की बच्चियों को देह व्यापार में ढकेलती हैं। इस काम को फैलाने के लिए स्मार्टफोन, इंटरनेट और वाट्स एप्प का उपयोग भ किया जाने लगा है।


 ड्रेसअप बदला सोच नहीं 
 - रतलाम, नीमच और मंदसौर से गुजरने वाले हरेक हाईवे पर शाम ढलते ही एक अलग नज़ारा नज़र आने लगता है। यहां बने लगभग हर ढाबे या चाय की दुकान पर आसपास रहने वाली कुछ लडकियां शहरी लडकियों की तरह स्लीव लेस सलवार सूट, जीन्स-टीशर्ट या किसी अन्य माड ड्रेस में अपने स्मार्ट फोन से खेलती हुई नज़र आती हैं। दरअसल ये लड़कियां इन रास्तों पर अपने जिस्म का सौदा करने के लिए जमा होती हैं। पहले इनका रहन-सहन और पहनावा ठेठ आदिवासियों की तरह होता था, लेकिन अब लड़कियां स्टाइलिश हो गई हैं। समय के साथ इनका ड्रेसअप और गेटअप तो बदल गया है, लेकिन सोच नहीं बदली।
  
 लड़की बोली, हम रखते हैं मोबाइल पर सहेलियों के फोटोज
 - नाम छुपाने की शर्त पर एक लड़की ने बताया कि उनके गांव की ज़्यादातर लड़कियां यही काम करती हैं। उसने कहा कि ज़्यादातर लड़कियों ने नई तरह के कैमरे वाले फोन खरीद लिए हैं, जिन पर ये अपनी सहेलियों के फोटोज और कई बार वीडियो भी रखती हैं। यदि कोई ग्राहक इनकी जगह किसी और लड़की की डिमांड करता है तो ये तत्काल उसे अपने मोबाइल से अपनी सहेलियों के फोटो निकालकर दिखा देती हैं। जरूरी होने पर कभी-कभी वाट्स एप पर भी भेज देती हैं।
  
  

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