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पत्नी के साथ बैलगाड़ी से ब्रिज पार कर रहा था युवक, बैल बिदका और सब नदी में डूबने लगे

पत्नी के साथ बैलगाड़ी से ब्रिज पार कर रहा था युवक, बैल बिदका और सब नदी में डूबने लगे

Danik Bhaskar | Dec 16, 2017, 12:17 PM IST
घनश्याम अपनी पत्नी के साथ नर्म घनश्याम अपनी पत्नी के साथ नर्म

इंदौर। खलघाट पर एक पति-पत्नी की जान पर उस समय बन आई जब उनका बैल बिदक गया। ये लोग बैलगाड़ी में सवार होकर खलघाट से सुबह नर्मदा नदी के बिना रेलिंग वाले पुराने पुल से गुजर रहा है। जब बैलगाड़ी ब्रिज से गुजरी तो अचानक बैल बिदक गया और बैलगाड़ी सहित इसमें सवार पति-पत्नी नदी में जा गिरे। पति ने पहले पत्नी को बचाया और फिर बैल को बचाते हुए बैलगाड़ी से उसे खोल दिया और वह तैर कर बाहर निकल गया, जबकि एक की मौत हो गई।



- मिली जानकारी अनुसार बैलगाड़ी से मोरगड़ी निवासी जितेंद्र पिता घनश्याम व उसकी पत्नी हिंदूबाई लकड़ी लेने के लिए खलघाट से उस पार जा रहे थे। जब इनकी बैलगाड़ी नर्मदा नदी पर बने बिना रैलिंग वाली ब्रिज से गुजर रहे थे। तभी अचानक एक बैल बिदक गया और बैलगाड़ी का बैलेंस बिगड़ गया। बैल के बिदकने से दूसरे बैल का पैर ब्रिज से नीचे जा खिसक गया।


- इसके बाद बैल बैलगाड़ी और पति-पत्नी सभी नदी में जा गिरे। नदी में गिरते ही बैलगाड़ी डूब गई, जबकि बैल तैरने लगे। घनश्याम तत्काल पत्नी को पकड़कर बाहर लाया और उसके बाद नदी में बैलों को बचाने उतर गया। इस दौरान उसने एक बैल को बैलगाड़ी से मुक्त कर दिया, जबकि दूसरे को वह जब निकाल रहा था तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।


- धनश्याम ने गोताखोरों की मदद से सभी को बाहर निकाला, लेकिन बैल को नहीं बचा पाने से वह बहुत दुखी हो गया। पटवारी कमलेश सेन ने पंचनामा बनाया। खलघाट के पुराने पुल पर ग्राम पंचायत द्वारा संकेतक बोर्ड लगाने के बावजूद लोग वाहन निकालते हैं। जबकि इस पुराने पुल पर बरसों से रेलिंग नहीं है।