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राजकीय सम्मान के साथ हुअा शहीद का अंतिम संस्कार, पिता बोले, मुझे भी सेना में भेज दो

राजकीय सम्मान के साथ हुअा शहीद का अंतिम संस्कार, पिता बोले, मुझे भी सेना में भेज दो

Dainik Bhaskar

Dec 07, 2017, 03:41 PM IST
मंगलवार को श्रीनगर में हुई मौत मंगलवार को श्रीनगर में हुई मौत

इंदौर। देवास के घिचलाय के रहने वाले सेना के जवान नीलेश धाकड़ का गुरुवार शाम सैन्य सम्मान के साथ गांव में अंतिम संस्कार हुआ। सेना के जवान गुरुवार दोपहर नीलेश की पार्थिव देह गांव पहुंचे तो वहां मातम छा गया। फौजी बेटे का शव पहुंचे के कुछ देर पहले गांव में लगे पोस्टर देख पिता को बेटे की मौत की जानकारी लगी तो वे बदहवास हो गए। मां और बहन काे भी दोपहर में ही लोगों ने बताया। नीलेश का अंतिम संस्कार गार्ड ऑफ ऑनर के साथ सम्मानपूर्वक उसके खेत पर किया गया। गौरतलब है कि नीलेश श्रीनगर में दुर्घटनावश गोली चलने से मंगलवार को मौत हो गई थी।

पूरे रास्ते सम्मान में जयकारे लगते रहे
- सेना के जवान गुरुवार सुबह 8 बजे महू से पार्थिव शरीर लेकर रवाना हुए। फौजी के सम्मान में महू से लेकर गांव तक लोग जुलूस के रूप में खड़े रहे। जहां से भी पार्थिव शरीर गुजरा। लोगों ने अंतिम दर्शन किए और भारत माता की जय लगाकर उसे विदा किया। कहीं सम्मान में पोस्टर लगाए गए तो कहीं रंगोली बनाई गई। देवास में अंतिम दर्शन को सैकड़ाें लोग उमड़ पड़े।

बेटे का शव पहुंचने के कुछ देर पहले ही पिता, मां और बहन को बताया
- 48 घंटे तक बेटे की मौत से बेखबर पिता को गुरुवार को शहीद बेटे के पोस्टर से पता चला कि अब वह दुनिया में नहीं रहा। परिवार को सांत्वना देने पहुंचे विधायक राजेंद्र वर्मा से पिता ने कहा कि भारत माता की सेवा के लिए गया मेरा बहादुर बेटा शहीद हो गया। मैं भी सेना में जाना चाहता हूं। यदि मेरे लायक कुछ भी वहां हो तो मुझे भेज दो। यह कहते हुए उनकी आंखें छलक उठीं।


- गांव के पास में ही ब्याही बहन को जब उसके पति ने भाई के न रहने की की जानकारी दी तो वह बदहवास हो गई। पति ने उसे संभाला और गांव लेकर पहुंचे। बेटे का शव तिरंगे में लिपटा घर पहुंचा तो परिवार के साथ ही यहां हजारों की संख्या में पहुंचे लोगों की आंखें नम हो गई। गांववाले बस यही करते रहे कि अभी तो बेटा गांव आया था। चार महीने बाद दूल्हा बनने वाला था। ये क्या हो गया। सेना के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर अपने साथी को सम्मानपूर्वक विदा किया। नीलेश के भाई से मुखाग्नि दी।

12वीं के बाद सेना में हुआ था भर्ती

- नीलेश के दोस्त ने बताया कि उसने 12वीं के बाद सेना में ट्रॉय किया और उसकी पहली पोस्टिंग पंजाब में हुई थी। निलेश की प्रारंभिक पढ़ाई घिचलाय में ही की थी। इसके बाद उसने 12वीं पीपलरावां से पास किया था। नीलेश करीब 3 महीने पहले ही गांव आया था। यहां एक्सीडेंट होने के बाद उसने करीब 15 दिन यहीं गुजारे थे। फिर ड्यूटी पर चला गया था।

- 28 अप्रैल 2018 को उसकी शादी होने वाली थी। इसलिए उसने अपनी 15 दिन की छुट्टी बचा रखी थी। हादसे के एक दिन पहले उसने रात में दोस्तों से बात कर कहा था कि शादी के लिए वीडियो शूटिंग वाले से तुम लोग ही बात कर लेना।

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