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३ पलटी खाने के बाद लोगों पर गिरा वाहन, सड़क पर ऐसे पड़े थे मृत और घायल

३ पलटी खाने के बाद लोगों पर गिरा वाहन, सड़क पर ऐसे पड़े थे मृत और घायल

Danik Bhaskar | Jan 09, 2018, 05:58 PM IST
मध्य प्रदेश के इंदौर का मामला- मध्य प्रदेश के इंदौर का मामला-

इंदौर। लसुड़िया पुलिस एक वांरटी को पकड़कर थाने लाई तो उसकी तबीयत खराब हो गई। उसे अस्पताल ले गए। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। हिरासत में हुई मौत के बाद मामले की न्यायिक जांच शुरू हो गई है। मृतक का पत्नी से विवाद चल रहा है। कुटुंब न्यायालय में उनका केस चल रहा है। मंगलवार को उसकी पेशी थी। उसका गिरफ्तारी वारंट होने पर पुलिस उसके पकड़ने गई थी।

- लसुड़िया टीआई राजेंद्र सोनी ने बताया मृतक निरंजनपुर निवासी कर्नल सिंह पिता ज्ञानसिह था। वह लोडिंग गाड़ी चलाता था। पत्नी से विवाद के चलते कुटुंब न्यायालय में केस चल रहा था। उसके खिलाफ दो गिरफ्तारी वारंट जारी हुए थे। मंगलवार को उसकी पेशी थी।

- गिरफ्तारी वारंट होने से मंगलवार सुबह साढ़े पांच बजे पुलिस उसे पकड़ने पहुंची। पुलिस उसे पकड़कर थाने लाई। थाने में लाते ही उसकी तबीयत खराब हुई। उसे तुरंत लाइफ केयर अस्पताल ले गए, बेड नहीं होने पर उसे सिनर्जी अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।

- मौत के पहले उसने अपने दोस्त शंभू को कहा था कि वह जेल जाएगा या ऊपर जाएगा, लेकिन उसके ससुरालवालों को मत छोड़ना। उन्होंने मेरी जिंदगी नरक कर दी हैं। मामले में पुलिस ने कर्नल की पत्नी जीत कौर, ससुर नानक सिंह, सास अयोध्या कौर, चाचा ससुर प्रहलाद सिंह, चाची सास चिंता कौर, साले तेजपाल सिंह, रविंद्र सिंह, राजेंद्र सिंह, वीरेंद्र सिंह, हरजीत सिंह के खिलाफ कायमी की है। पुलिस ने एमवाय अस्पताल में पीएम की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई है।

सुबह आई थी पुलिस पकड़कर ले गई

- मृतक के भाई निर्मल सिंह ने बताया मंगलवार सुबह पुलिस घर आई थी। उनका 40 हजार 500 रुपए का भरण-पोषण का गिरफ्तारी वारंट था। कुछ देर बाद पुलिस उन्हें ले गई। बाद में भाई के दोस्त ने फोन कर घटना के बारे में बताया। वे लोग थाने पहुंचते उसके पहले ही पुलिस की पीसीआर में भाई एक ढाबे के पास मिला। उसे इलाज के लिए अस्पताल ले गए। जहां उसकी मौत हो गई थी।

- निर्मल ने बताया 1996 में उसकी शादी जीत कौर के साथ हुई थी। शादी के सालभर बाद ही पत्नी ने भाई की शिकायत तराना में की थी। 2006 में राजीनामा होने के बाद दोनों साथ में रहने लगे थे। उनका 9 साल का बेटा अमनदीप सिंह भी है। कुछ साल साथ में रहने के बाद 2012 में जीत कौर ने फिर से सभी परिवार के लोगों की शिकायत कर दी थी। ये मामला कुटुंब न्यायालय में चल रहा है। भाई भरण पोषण के 4 हजार रुपए प्रतिमाह भी दे रहा था। पिछले साल जनवरी में भाई दो महीने के लिए जेल भी गया था। इसके बाद भी ससुराल वाले भाई के साथ मारपीट व धमकाते थे। हालांकि परिवार के लोगों ने घटना को लेकर पुलिस पर आरोप नहीं लगाए हैं। वहीं उन्होंने ससुराल वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।