--Advertisement--

कुछ एेसी है ३ तलाक के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ने वाली शाहबानो की कहानी

कुछ एेसी है ३ तलाक के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ने वाली शाहबानो की कहानी

Dainik Bhaskar

Dec 28, 2017, 01:19 PM IST
इंदौर की शाहबानो पहली महिला थी इंदौर की शाहबानो पहली महिला थी

इंदौर। तीन तलाक के मुद्दे पर सरकार ने संसद में बिल पेश कर दिया है। बिल पेश करते हुए कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि यह किसी धर्म या मजहब को लेकर नहीं, बल्कि महिलाओं के अधिकारों को लेकर है। कांग्रेस ने बिल के समर्थन की घोषणा कर दी है, जबकि कुछ पार्टियां इसका विरोध कर रही हैं। इसी कड़ी में dainikbhaskar.com आपको बता रहा है उस महिला की कहानी, जिसने सबसे पहले इस कुप्रथा के खिलाफ कानून का दरवाजा खटखटाया था। इंदौर की शाहबानो पहली महिला थी, जिसने तीन तलाक के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट तक लड़कर जीत हासिल की थी, लेकिन राजीव गांधी सरकार के एक फैसले ने उसे उसके हक से दूर कर दिया था। पढ़ें, इस महिला के संघर्ष की कहानी....
 


ऐसी है शाहबानो की स्टोरी
- इंदौर की रहने वाली पांच बच्चों की मां शाहबानो को उसके पति मोहम्मद खान ने 1978 में तलाक दे दिया था। मुस्लिम पारिवारिक कानून के अनुसार, पति पत्नी की मर्ज़ी के खिलाफ़ ऐसा कर सकता है। लेकिन बच्चों और खुद के भरण-पोषण के लिए शाहबानो ने तलाक के खिलाफ आवाज उठाई और हक मांगने अदालत जा पहुचीं। सुप्रीम कोर्ट ने ७ साल तक चले केस के बाद फैसला शाहबानो के पक्ष में सुनाया। कोर्ट ने पति को शाहबानो को भरण-पोषण के लिए भत्ता देने का आदेश दिया।

 


केस जीतने के बाद भी नहीं मिला हक
- शाहबानो के पक्ष में अाए इस फैसले का मुस्लिम समाज ने विरोध शुरू कर दिया। विरोध स्वरूप ऑल इंडिया पर्सनल लॉ बोर्ड नाम की एक संस्था बनाई और सरकार को देशभर में उग्र आंदोलन की धमकी दी। इनकी धमकी के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने उनकी मांगें मानते हुए एक साल के भीतर सुप्रीम कोर्ट के धर्मनिरपेक्ष निर्णय को उलटने वाले, मुस्लिम महिला (तलाक अधिकार सरंक्षण) कानून 1986 को पास करा दिया और सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पलट दिया। इस कानून के बाद शाहबानो को उसका हक नहीं मिल पाया।
पूर्व राष्ट्रपति ने अपनी बुक में किया था शाहबानो प्रकरण का जिक्र
- राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने अपनी किताब 'दि टर्बुलेंट ईयर्स :1980-1996' में शाहबानो प्रकरण का जिक्र किया है। उन्होंने तत्‍कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी के इस फैसले को बड़ी गलती बताया है। किताब में उन्होंने लिखा है कि इस मामले में राजीव के फैसले से उनकी आधुनिक छवि पर गहरा धक्का लगा था।
 

आगे की स्लाइड्स पर तीन तलाक को लेकर कुछ अन्य जानकारी...

 


 
 
X
इंदौर की शाहबानो पहली महिला थीइंदौर की शाहबानो पहली महिला थी
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..