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अस्पताल के गेट पर पड़ी दर्द से तड़प रही थी प्रेग्नेंट, चादर के पीछे ऐसे देना पड़ा बच्चे को जन्म

अस्पताल के गेट पर पड़ी दर्द से तड़प रही थी प्रेग्नेंट, चादर के पीछे ऐसे देना पड़ा बच्चे को जन्म

Danik Bhaskar | Dec 12, 2017, 03:05 PM IST
अस्पताल के गेट के बाहर दर्द से अस्पताल के गेट के बाहर दर्द से

इंदौर। मंदसौर के भगवानपुरा में एक प्रेग्नेंट महिला को मजबूरी में अस्पताल के गेट के बाहर चादर की आड़ में अपने बच्चे को जन्म देना पड़ा। दर्द बढ़ने पर पति ने जननी एक्सप्रेस को कॉल किया, जब वह एक घंटे तक नहीं आई तो बाइक पर पत्नी को बिठाकर अस्पताल लेकर पहुंचा, लेकिन यहां अस्पताल का गेट पर ताला लगा था। दर्द से तड़प रही महिला को देख कुछ महिलाएं वहां पहुंची और चादर की आड़ में डिलीवरी करवाई।



- राकेश बघेल ने बताया कि पत्नी संतराबाई सुबह अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। इस पर उसने तत्काल जननी एक्सप्रेस को कॉल किया। एक घंटे तक इंतजार के बाद भी जब गाड़ी नहीं आई तो बाइक पर पत्नी को लेकर गांव से 5 किमी दूर ढाबला माधोसिंह स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचा। यहां गेट पर ताला लगा था।


- दर्द ज्यादा होने के कारण बाइक से आगे का सफर करना मुश्किल था। ऐसे में पत्नी को अस्पताल के गेट के बाहर ही लिटाकर स्टाफ नर्स का इंतजार करने लगा। इस बीच गांव की महिलाएं भी एकत्र हो गईं। परिसर के बाहर एक घंटा इंतजार के बावजूद जननी एक्सप्रेस आई और ना ही नर्स पहुंची। दर्द बढ़ता और स्थिति को देख ग्रामीण महिलाओं ने तत्काल चादर से पर्दाकर नाॅर्मल डिलीवरी करवाई। इसके बाद नर्स भी पहुंच गई और तत्काल प्रसूता को वार्ड में ले गई। शुक्र है जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।

- मिली जानकारी अनुसार ढाबला माधोसिंह स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर वैसे तो 3 स्टाफ नर्स और 1 फार्मासिस्ट हैं, लेकिन मुख्यालय पर कोई भी नहीं रुकता। इस कारण ग्रामीण शाम होते ही शासकीय अस्पताल भानपुरा या प्राइवेट नर्सिंग होम चले जाते हैं। स्वास्थ्य केंद्र से आसपास करीब 15 ग्राम जुड़े हैं और यहां नाॅर्मल डिलीवरी की सुविधा होने से ग्रामीण आते हैं।

दर्द बढ़ा तो पत्नी को बाइक पर बैठाकर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचा
- राकेश ने बताया पत्नी को दर्द होने पर जननी एक्सप्रेस के लिए कॉल किया। पहले तो कॉल लगा नहीं, लगा तो जननी एक्सप्रेस समय पर नहीं आई। करीब एक घंटे तक इंतजार करने के बाद पत्नी को बाइक पर लेकर ढाबला माधोसिंह केंद्र पहुंचा। यहां ताला लगा मिला तो डायल-100 को कॉल किया। इस बीच दर्द ज्यादा बढ़ने के कारण डिलीवरी बाहर ही करवाना पड़ी।

सूचनापर पहुंच गई थी
- स्टाफ नर्स विजिता पौराणिक ने बताया उसे जैसे ही केंद्र आने की सूचना मिली, वह घर से निकल गई। जब तक पहुंची दर्द ज्यादा होने के कारण डिलीवरी हो गई थी। तत्काल वार्ड में ले जाकर जच्चा-बच्चा की जांच की। रात में रुकने का इंतजाम नहीं होने और अकेले रहने के कारण परेशानी आती है, इसलिए समीप ही ग्राम ओसरना चली जाती हूं। संतराबाई के बाद केंद्र पर तीन और डिलीवरी हुई। तीनों नाॅर्मल हुई और जच्चा-बच्चा स्वस्थ हैं।

जननी एक्सप्रेस की शिकायतें भी हैं
- लापरवाही बरतने को लेकर तीनों नर्सों को कारण बताओ नोटिस जारी कर रहा हूं। जननी एक्सप्रेस के समय पर नहीं पहुंचने की शिकायतें पहले भी मिलती रही हैं। स्टाफ की कमी और जननी एक्सप्रेस की लापरवाही को लेकर वरिष्ठ कार्यालय को पत्र लिख चुका हूं। बी.एल.सिसौदिया, बीएमओ, शासकीय अस्पताल भानपुरा