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इस महिला पर पुलिस ने किया है केस दर्ज, कारण जान यकीन नहीं कर पाएंगे आप

इस महिला पर पुलिस ने किया है केस दर्ज, कारण जान यकीन नहीं कर पाएंगे आप

Danik Bhaskar | Dec 08, 2017, 10:54 AM IST
देवास में एक महिला अपने साथ बि देवास में एक महिला अपने साथ बि

इंदौर। देवास के कबीर नगर में एक महिला ने पड़ोसी की बिल्ली के बच्चे को पत्थर मार दिया, जिससे मौत हो गई। दुखी परिवार मृत बिल्ली के बच्चे का शव लेकर कोतवाली पहुंच गया और पत्थर मारने वाली महिला के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस ने बिल्ली के बच्चे के शव का पशु चिकित्सालय में पोस्टमार्टम कराया है। आरोपी महिला का कहना है कि बिल्ली का बच्चा देखकर मेरे यहां के मुर्गा-मुर्गी चिल्लाने लगते थे, इसी कारण छोटा सा पत्थर उसकी तरफ मारा था।


- कबीर नगर निवासी शेर मोहम्मद की बेटी सारा अपनी ससुराल से पिता के घर देवास आई थी। वह अपने साथ एक माह का बिल्ली का बच्चा लाई थी। सारा उसे बच्चों जैसा ही प्यार करती थी। दोपहर में वह अपने पिता के घर पर बैठी थी और बिल्ली का बच्चा ओटले पर खेल रहा था, इसी दौरान पड़ोसन हुसैन बी ने पत्थर मार दिया। कुछ देर तड़पने के बाद बिल्ली के बच्चे ने दम तोड़ दिया। इसके बाद सारा और हुसैन बी में जमकर विवाद हुआ। गुस्साई सारा अपने पिता शेर मोहम्मद के साथ बिल्ली के मृत बच्चे को कफन में लपेटकर कोतवाली पहुंची और रिपोर्ट दर्ज कराई।

200 रुपए में लाई थी
- सारा ने रिपोर्ट में कहा कि 6 दिसम्बर को ससुराल से पापा के यहां कबीर मोहल्ले आई थी। बिल्ली का एक माह का छोटा बच्चा साथ लाई थी, जो एक माह पूर्व ही 200 रुपए देकर लिया था। इधर, पुलिस ने हुसैन बी को बिल्ली के बच्चे की मौत के आरोप में धारा 429, 506 आदि में केस दर्ज किया है।

बिल्ली के बच्चे को मुर्गा-मुर्गी चिल्ला रहे थे, इसलिए छोटा पत्थर मारा था
- आरोपी हुसैन बी ने भी दूसरे पक्ष की सारा के खिलाफ आवेदन दिया है। महिला ने कहा कि हमारे घर मुर्गा-मुर्गी हैं, जो बिल्ली के बच्चे को देखकर चिल्लाने लगे थे। मैंने छोटा-सा पत्थर मारा था। बच्चा बहुत छोटा था, मुझे पता नहीं था कि बिल्ली का बच्चा पला हुआ है। मेरे साथ भी सारा ने अभद्रता की।


50 रुपए से अधिक मूल्य का होने पर एफआईआर का प्रावधान
- पुलिस के अनुसार अगर कोई भी पालतू जानवर जिसकी कीमत 50 रु से अधिक हो और किसी व्यक्ति के द्वारा उसे मारा जाता है तो प्रकरण दर्ज करने का प्रावधान है। 5 साल तक की सजा हो सकती है।