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सास की हत्या करने वाली बहुओं ने बताई ये कहानी, नहाने जाती तो सास छेद से झांकती थी

सास की हत्या करने वाली बहुओं ने बताई ये कहानी, नहाने जाती तो सास छेद से झांकती थी

Danik Bhaskar | Mar 07, 2018, 11:55 AM IST
बुरहानपुर में बहू रूपा और दीपि बुरहानपुर में बहू रूपा और दीपि

इंदौर। बुरहानपुर के नेपानगर में योगिता साहू मर्डर केस में मृतका की दोनों बहुओं को 9 मार्च तक पुलिस रिमांड भेजा गया है। रिमांड के दौरान पुलिस इनसे हत्या में शामिल पत्थर, गला दबाने वाला कपड़ा सहित नकदी रुपए व सोने के जेवर संबंधी जानकारी हासिल करेगी। रूपा को ऑटो से नेपानगर लाने वाले ड्राइवर ने पूछताछ में लालच उसे लाने की बात स्वीकारी है। पूछताछ में बहुओं ने हत्या के पीछे की बहुत ही चौंकाने वाली कहानी बताई है।



बाथरूम में गेट के छेद से झांकती थी सास
- मृतका योगिता साहू ने तीन वर्ष पहले अपने दोनों बेटे विजय और रितेश का विवाह छिंदवाडा की दो सगी बहनें दीपिका और रूपा से कराया था। दोनों को दो-दो साल के एक-एक बेटे हैं। सास योगिता हमेशा ताने देकर मारपीट करती थी। दीपिका व रूपा ने बताया कि तीन साल में एक दिन भी ऐसा नहीं गया जब हमें प्रताड़ना न मिली हो। हम परेशान हो गए थे। योगिता कहती थी कि मुझे तो बेटों के लिए 40 हजार रुपए महीना कमाने वाली बहू मिल रही थी, लेकिन मेरी किस्मत फूटी जो तुम मिल गई। मेरे दोनों बेटे सर्विस में है। नंगे-भूखे घर की लड़कियां ले आई।


- उन्होंने बताया कि अगर हम नहाने भी जाते तो सास री में झांककर देखती थी कि कहीं ज्यादा साबुन का इस्तेमाल तो नहीं कर रही है। थोड़ा बहुत खाना बच जाने व ज्यादा खाना खाने पर भी प्रताड़ना मिलती थी। सास की प्रताड़ना से तंग होकर दोनों छह महीने तक मायके में रुकी। खाने-पीने की परेशानी और पिता की तंगहाली देख दोनों वापस लौट आई। पहले तो हमने स्वयं आत्महत्या करने का मन बनाया, लेकिन दोनों के बच्चों का चेहरा देख मन बदल गया। फिर दोनों ने मिलकर तय किया कि क्यों न सास को ही रास्ते से हटा दिया जाए।

- उन्होंने बताया कि हमने 15 दिनों तक क्राइम सीरियल देखे। उसमें बचने का रास्ता भी निकाला, लेकिन पैर की बिछिया के फिंगर प्रिंट के मिलान से हम नहीं बच पाए। हमने अपने पतियों को भी बताया लेकिन वह भी मां के आगे कुछ नहीं बोलते थे। ससुर मोतीलाल खुद योगिता से प्रताड़ित थे। लोगों ने बताया कि तुम्हारी शादी से पहले वह पति को भी प्रताड़ित करती थी। पुलिस गिरफ्त में आरोपी बहनों ने कहा हमें कोई अफसोस नहीं है। वैसे भी घुट-घुटकर जी रहे थे। हमारा जीवन नर्क बन गया था। बड़ी बहू रूपा एमए इंग्लिश, छोटी बहू दीपिका बीए पास है।



ये है मामला...
28 फरवरी को बुरहानपुर जिले के नेपानगर के 7 नंबर गेट एरिया में निगम के लिपिक मोतीलाल साहू की पत्नी योगिता साहू (55) की खून से सनी लाश मिली थी। बहू योगिता ने बताया था कि दोपहर में फेरीवालों को सोफे का कवर लेने घर पर बुलाया था। कवर दिखाते समय एक ने पीने के लिए पानी मांगा था। जब तक मैं पानी लेकर लौटती तब तक युवकों ने सास की हत्या कर दी थी। उन्होंने मुझे भी मारा और मेरे हाथ-पैर और मुंह में कपड़ा ठूसकर फरार हो गए। शाम 4 बजे के करीब जब कामवाली बाई आई तब घटना का खुलासा हुआ।


ऐसे पहुंची पुलिस आरोपी बहुओं तक
- पुलिस को शुरू से ही छोटी बहूू दीपिका पर शक था। पुलिस ने कॉल डिटेल व फिंगर प्रिंट का मिलान किया। घटनास्थल पर दरवाजे व जमीन पर पैर व हाथ की अंगुलियों के निशान मिले। दोनों से अलग-अलग पूछताछ की। फिंगर प्रिंट में बिछिया का मिलान हो गया। इसके बाद पूछताछ में छोटी बहू टूट गई। उसने कहा- मेरे साथ बड़ी बहन भी है। दोनों ने हत्या के पहले 15 दिन तक मोबाइल पर बात नहीं की, लेकिन हत्या कर देने के बाद दोनों के बीच बहुत देर तक बातें होती थीं।

स्पेशल ऑटो कर सास की हत्या करने पहुंची थी बहू
बहुओं ने योगिता की हत्या के लिए 28 फरवरी दोपहर का समय तय किया। उस दिन दोनों के पति संविदा कर्मचारियों की हड़ताल में शामिल होने भोपाल गए थे। ससुर ऑफिस में थे। फोन पर बातचीत के बाद योगिता की बड़ी बहू रूपा बुरहानपुर से 700 रु. में ऑटो कर नेपानगर आई। घर से दूर ऑटो खड़ा कर कुछ देर बाद आने को कहा। रूपा के आते ही दीपिका ने मुसली उठाकर योगिता के सिर पर वार किया। वह गिर गईं। सांसें चल रही थीं। कपड़े का फंदा बनाकर गला घोंट दिया। रूपा ने दीपिका के हाथ-पैर बांधकर टी-टेबल पर पटक दिया और रूपा बुरहानपुर चली गई। वहीं दो साल का बेटा मेहुल रो रहा था।