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खून से सनी पड़ी थी सास, बहू के हाथ-पैर बंधे थे मुंह में ठूंसा था कपड़ा, बहू ने बताई ये कहानी

खून से सनी पड़ी थी सास, बहू के हाथ-पैर बंधे थे मुंह में ठूंसा था कपड़ा, बहू ने बताई ये कहानी

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 11:49 AM IST
नेपानगर में बदमाशों ने बहू दीप नेपानगर में बदमाशों ने बहू दीप

इंदौर/बुरहानपुर। नेपानगर में बुधवार को सोफे के कवर बेचने के बहाने दो बदमाश घर में घुस गए। सास-बहू को पीटा, जिसमें सास की मौत हो गई, जबकि बहू के मुंह में कपड़ा ठूंसकर साड़ी से हाथ-पैर बांध दिए। इसके बाद उन्होंने लूट की वारदात को अंजाम दिया। आधे घंटे बाद घर एक लड़की के घर आने पर मामले का खुलासा हुआ। देर रात तक डॉग स्क्वायड, एफएसएल सहित पुलिस टीम ने जांच पड़ताल कर साक्ष्य एकत्र किए। पूरे मामले में बहू पर शक होने से उसे हिरासत में ले लिया गय। गुरुवार सुबह योगिता का गुरुवार सुबह पोस्टमार्टम करवाकर पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। अंतिम संस्कार के लिए पुलिस ने बहू को छोड़ दिया है।

ये है मामला
- पुलिस के अनुसार बुधवार को नेपानगर के सात नंबर मोहल्ला में बाइक से दो युवक फेरी लगाकर सोफे के कवर बेच रहे थे। नगर पालिका योजना शाखा के लिपिक मोतीलाल साहू की पत्नी योगिता व बहू दीपिका साहू ने कवर खरीदने के लिए उन्हें बुलाया। एक युवक ने कवर बताते हुए दीपिका से पीने के लिए पानी मांगा। वह पानी लेने गई। पानी लेकर लौटी तो उसकी सास योेगिता बदमाशों से संघर्ष कर रही थी। दोनों बदमाश याेगिता के साथ मारपीट कर रहे थे। उसके सिर पर लोहे की राॅड मार दी। इससे उसकी मौत हो गई। यह देख बहू दीपिका के होश उड़ गए। वह अचेत होकर गिर गई। बदमाशों ने पूरा घर छान मारा। दो लाख रुपए निकाले और सास-बहू के शरीर से सोने के सभी जेवर निकाल कर फरार हो गए।

इसलिए पुलिस को हुआ बहू पर शक
- एसपी पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि 55 साल की योगिता के गले पर फंदे के निशान दिखाई दे रहे हैं, जिससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि योगिता की पहले हत्या की गई फिर सिर पर वार किया गया, ताकि वह किसी भी तरह से बच न पाए। बहुत ही नृशंस तरीके से वारदात की गई। बहू ने बताया कि दोपहर 3.30 बजे का समय था। 30 व 32 साल उम्र के दो लड़के सोफा कवर बेचने आए। उन्हें हमने घर में बुलाया एक लड़के ने कहा- दीदी पानी पिलाओ। मैं पानी लेने गई। लौटकर आई तो मेरी सास योगिता के साथ मारपीट कर रहे थे। उनके सिर से खून बह रहा था। दोनों युवकों ने मेरे सिर पर भी रॉड मारी। मैं गिर गई इसके बाद मुझे होश नहीं रहा। मेरे मुंह में कपड़ा व हाथ-पैर बांध दिए थे।


- बहू की कहानी पर पुलिस को इसलिए यकीन नहीं हो रहा है क्योंकि बदमाशों किसी ने कॉलोनी में कवर बेचते नहीं देखा था। दूसरी बात ये कि आधे घंटे तक बदमाश मारपीट करते रहे, लेकिन पड़ोसियों को अावाज तक नहीं आई। जबकि पड़ोस में सरकारी क्वार्टर ऐसे हैं कि बर्तन भी गिरता है तो पड़ोसी को आवाज सुनाई देती है। बहू का कहना है कि उसके सिर पर भी रॉड मारा था, लेकिन चोट के निशान दिखाई नहीं दे रहे। दरवाजे पर अंदर से उंगलियों के खून के निशान लगे हुए हैं। दीपिका पानी लेने मात्र 10 फीट दूरी पर गई थी। इसके अलावा भी कई ऐसे साक्ष्य है जो कि संदेह पैदा कर रहे हैं।

काम वाली लड़की ने यह कहा
- बुधवार शाम 4 बजे मैं अपनी मां के साथ सात नंबर मोहल्ला पहुंचीं। मेरी मां राजीव पाटिल के घर चली गईं। मैं योगिता साहू के घर गई। जैसे ही अंदर प्रवेश किया खून के निशान दिखाई दिए। थोड़ा आगे बढ़ने पर योगिता साहू खून से लथपथ पड़ी हुई थी। उन्हें देखते ही मैं पीछे पैर बाहर निकली और राजीव पाटिल के घर अपनी मां व पाटिल की पत्नी व उनके बेटे आशुतोष के साथ हम योगिता के घर में गए उनकी बहू दीपिका के हाथ-पैर बंधे हुए थे। मुंह में कपड़ा ठूंसा हुआ था। फिर हमने मोहल्लों वालों को यह बात बताई। भीड़ लग गई। पुलिस को भी बुलाया। दीपिका के मुंह में ठूंसा कपड़ा लोगों ने निकाला।

ड्यूटी पर थे साहू, दोनों बेटे गए थे भोपाल
- मोतीलाल साहू के दो बेटे हैं। दोनों ही स्वास्थ्य विभाग बुरहानपुर व ग्राम सीवल में पदस्थ हैं। स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर दोेनों भोपाल गए हुए थे। दीपिका छोटी बहू है, वह सास-ससुर के साथ नेपानगर में रहती है। जेठ व जेठानी बुरहानपुर में रहते हैं। घटना के समय घर पर सास-बहू और दो साल का मेहुल था।