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मैं भागते हुए ऊपर पहुुंचा तो धुआं और अंधेरा था, बॉक्स में ऐसे ले गए मृत बच्चे को

मैं भागते हुए ऊपर पहुुंचा तो धुआं और अंधेरा था, बॉक्स में ऐसे ले गए मृत बच्चे को

Rajeev Tiwari | Last Modified - Nov 24, 2017, 11:03 AM IST

इंदौर। एमपी के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एमवाय में गुरुवार शाम लगी आग मामले में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। गुरुवार को यहां शिशु वार्ड में लगी आग के बाद एक व्यक्ति ने बताया कि अस्पताल प्रशासन ने एक बक्से में एक जली हुई बच्ची का शव देकर उससे कहा कि उसकी नवजात शिशु की मौत हो गई है। व्यक्ति का दावा है कि वह शव उसकी बेटी का नहीं है। इसी बात को लेकर परिजनों ने जमकर हंगामा किया। डीएनए करवाने के आश्वासन के बाद वे शांत हुए। उधर, अस्पताल प्रशासन ये दावा कर रहा है कि बच्ची उसी व्यक्ति की है उसकी मौत पहले ही हो चुकी थी। पूरे मामले में सीएम शिवराज सिंह चौहान ने अस्पताल प्रशासन से तीन दिन में रिपोर्ट मांगी है।

ये है मामला...

- गुरुवार शाम को शिशु वार्ड में आग लगने से बाद पूरे वार्ड में धुंआ भर गया था, बच्चे धुएं से घिर गए। प्रसव पीड़ा से गुजरी मांओं की जान हलक में अटक गई। हादसा सिक न्यूबोर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) में हुआ। स्टेप डाउन वार्ड में एक वेंटीलेटर की नली से अचानक धुआं निकलता देखकर वहां मौजूद एक नर्स ललिता बागरे चिल्लाई। इस वार्ड में एक दिन से लेकर 25 दिन तक के 47 बच्चे भर्ती थे। फायर ब्रिगेड के पहुंचने के पहले दीवार और खिड़की तोड़कर 40 बच्चों को बाहर निकाल लिया था।

- अस्पताल प्रशासन का दावा है कि आग में कोई बच्चा हताहत नहीं हुआ, लेकिन कबीटखेडी निवासी मुलायम रजक ने दावा किया कि उसकी 5 दिन की बेटी का पता नहीं चल रहा है।अस्पताल प्रशासन ने उसे एक मासूम का शव देकर कहा कि तुम्हारी बेटी की आग लगने से पहले ही मौत हो चुकी थी, उसका पीएम करवाया जा रहा है। मुलायम का कहना है कि ये शव उसकी बेटी का नहीं है।

- Bhaskar.com से चर्चा में मुलायम ने कहा कि उसकी बेटी का वजन करीब 4 किलो का था जबकि अस्पताल वाले जिस बच्ची का शव मुझे बताकर उसका पीएम करवा रहें है वो सिर्फ डेढ़ किलो की है।उसने बताया कि बच्ची का जन्म रविवार को अरविंदो अस्पताल में हुआ था वहां तबियत बिगड़ने के बाद उसे एमवाय में भर्ती किया था।

- घटना के कुछ समय पहले किसी काम से बाहर गया था। तभी अस्पताल से फोन आया कि आपकी बच्ची की तबीयत ज्यादा खराब है, जल्दी आ जाओ। मैं दौड़ता-भागता ऊपर गया तो धुआं और अंधेरा दिखा। मुझे लगा मेरी बच्ची की जान खतरे में है। मैंने खिड़की के कांच फोड़ना शुरू कर दिए। धुआं बाहर हुआ, स्थिति कुछ ठीक हुई तो अस्पताल वाले एक नवजात का जला हुआ शव दिखाकर कहने लगे कि यह आपकी बच्ची है। मैं यह मानने को तैयार नहीं हूं। कपड़े भी वह नहीं जो मैंने पहनाए थे। इस अफरा-तफरी में मेरी बच्ची कहीं दिख नहीं रही। उसकी मां भी बार-बार मुझसे पूछ रही है। जहां-जहां बच्चों को रखा है सब जगह जाकर देख चुका हूं। बिटिया कहीं मिल नहीं रही। अब मुझसे अस्पताल वाले कह रहे हैं कि हमने जो तुम्हें फोन लगाया था, उसकी कॉल डिटेल डिलीट कर दो। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मृतक बच्ची मुलायम की ही बेटी है उसकी मौत आग लगने से पहले ही हो गई थी, जांच के बाद पूरे मामले का खुलासा हो जाएगा ।

सुबह जमकर हंगामा, सीएम ने मामले में मांगी रिपोर्ट

- इधर, शुक्रवार सुबह एमवाय अस्पताल में गुम बच्ची के पिता और रिलेटिव ने जमकर हंगामा किया। उनका कहना है कि वह बेटी उनकी नहीं है। घंटों विवाद के बाद अस्पातल ने पूरे मामले में जांच और बच्ची का डीएनए टेस्ट करवाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद वे शांत हुए। उधर, सीएम ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए अस्पताल प्रशासन ने तीन दिन में रिपोर्ट देने को कहा है।

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Web Title: aspatal mein baaks de khaa- ismein hai tumhaari mri beti, fir pitaa ne khi ye baat
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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