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१० देशों में पहुंचाता था लड़की, ऐसी है कहानी

१० देशों में पहुंचाता था लड़की, ऐसी है कहानी

Danik Bhaskar | Nov 23, 2017, 07:09 PM IST
पुलिस ने आरोपी हर्षल को हरियाण पुलिस ने आरोपी हर्षल को हरियाण

इंदौर। साइबर सेल ने एक ऐसे शातिर आईटी इंजीनियर को गिरफ्तार किया है जो कॉलगर्ल उपलब्ध करवाने वाली साइट्स डेवलप कर उनका ट्रैफिक बढ़वाता था। वह इंडिया के अलावा कई देशों की एस्कॉर्ट साइट्इस को लोकप्रिय बनाने का काम करता था। पिछले तीन साल से इस गोरखधंधे में लगे आरोपी ने खुद की तीन एडल्ट साइट भी बना रखी थी। वह सेक्स रैकेट चलाने वालों को ये साइट्स किराए पर देता था। पुलिस ने छह महीने की मशक्कत के बाद इसे पकड़ा।

- साइबर सेल पुलिस के मुताबिक देह व्यापार के मुख्य सरगना जेल में बंद सेंडो उर्फ सागर जैन के लिए एडल्ट वेबसाइट बनाने वाले बी. टेक हर्षल (30) पिता हरिकिशन झा मूल निवासी सारंगपुर को पंचकुला से गिरफ्तार किया है। उसने सागर के लिए तीन एडल्ट वेबसाइट बनाई थी। इन वेबसाइट में 10 देशों की कॉलगर्ल की पूरी जानकारी उपलब्ध थी। आरोपी इंग्लैंड, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया की एडल्ट वेबसाइट के लिए सर्ज इंजन ऑप्टिमाइजेशन (एसईओ) का काम कर रहा था। इसने सोशल मीडिया पर भी एस्कार्ट ग्रुप बना रखे थे। टीम को चंडीगढ़ के विकास उर्फ राहुल बत्ता की तलाश है। साइबर सेल सागर का भी रिमांड लेकर पूछताछ करेगी।

- पुलिस ऐसी वेबसाइट पर नजर रख रही थी। जुलाई में इस मामले में आईटी एक्ट की धाराओं में केस दर्ज कर हर्षल की तलाश कर रहे थे। टीम उसके डेजी मौर्या गार्डन बंगला नंबर 405 स्थित किराए के घर पहुंची तो वह सारंगपुर भाग गया था। टीम वहां पहुंची तो वहां भी नहीं मिला। इस बीच उसने पैकर्स एंड मूवर्स के माध्यम इंदौर का सामान पंचकुला (हरियाणा) शिफ्ट किया। टीम ने उसे पंचकुला से गिरफ्तार किया। उसे वेबसाइट को मेनटेन करने के लिए सागर से 20 हजार रुपए माह मिलता था।


जॉबवर्क में अच्छा पैसा मिला तो करने लगा अय्याशी
पूछताछ में पता चला हर्षल ने वर्ष 2010 में देहरादून की यूनिवर्सिटी ऑफ पेट्रोलियम एंड एनर्जी से बी.टेक किया। अच्छी कंपनियां आने पर भी उसे नौकरी नहीं मिली। बेंगलुरू में भी नौकरी के लिए गया, पर सफल नहीं होने पर इंदौर में एक कॉल सेंटर में काम करने लगा। फिर फीनिक्स मॉल में सॉफ्टवेयर कंपनी में सर्वर स्क्रिप्टर का जॉब किया। सर्वर स्क्रिप्ट का नॉलेज होने पर घर से जॉबवर्क करने लगा। काम में एक लाख रुपए मिले तो अय्याशी करने लगा। दोस्त की मदद से सागर जैन से बात कर उजबेकिस्तान की लड़की को दस हजार में बुलवाया। फिर तीन बार और उसे बुलवाया। दोनों की दोस्ती गहरी हो गई तो लड़की ने उसकी मुलाकात सागर से करवाई।


आरोपी ने सागर के कहने पर तैयार की थी तीन वेबसाइट
पुलिस ने बताया कि हर्षल 2014 में सागर से मिला। उसके कहने पर तीन वेबसाइट तैयार की। इन पर अलग-अलग स्थानों की लड़कियों की फोटो के साथ पूरी प्रोफाइल रहती थी। लड़कियों की ऑनलाइन बुकिंग होती थी। सागर लड़कियों को ग्राहकों तक पहुंचाता था। इसमें अधिकांश रशियन, थाइलैंड की युवतियां दो-तीन माह में आती थीं। 13 फरवरी को सागर गिरफ्तार किया था।


- सागर के जेल जाने के बाद भी हर्षल वेबसाइट को मेनटेन कर रहा था। इस बीच उसका संपर्क चंड़ीगढ़ के विकास उर्फ राहुल बत्ता से हुआ। उसके कहने पर वह चंड़ीगढ़ गया और विदेशी वेबसाइट के लिए सर्च इंजन ऑप्टीमाइजेशन (गूगल पर सबसे पहले वेबसाइट नजर आए) का काम करने लगा। बाद में वह इंदौर में बैठकर ही यह काम करने लगा।