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तो क्या यह सब होता था सुसाइड करने वाली इंजीनियर के साथ, ऐसी बातें आईं सामने

तो क्या यह सब होता था सुसाइड करने वाली इंजीनियर के साथ, ऐसी बातें आईं सामने

Rajeev Tiwari | Last Modified - Nov 10, 2017, 11:23 AM IST

इंदौर। रूम में फांसी लगाने वाली नगर निगम की 25 वर्षीय इंजीनियर रितिका सिंह के परिजनों ने निगम के कार्यपालन यंत्री पर परेशान करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि उससे देररात तक काम करवाते थे और छुट्टी पर आने के बाद भी उसे किसी ना किसी बहाने से प्रताड़ित करते थे। हालांकि कार्यपालन यंत्री ने परेशान किए जाने से इनकार किया है। वहीं रितिका ने सुसाइड नोट में माता-पिता के लिए भावुक बातें लिखी थी और यह भी लिखा था कि अब जीना ज्यादा मुश्किल हो गया है। गौरतलब है कि रितिका ने 6 नवंबर को रूम में फांसी लगा ली थी।


मामा ने लगाया आरोप - लगातार प्रताड़ना के कारण डिप्रेशन में थी रितिका
- रितिका के मामा केके सिंह का कहना है कि 18 अक्टूबर को वह छुट्टी लेकर रीवा आई थी, लेकिन 22 अक्टूबर को उसे वापस बुला लिया गया था। उसे भोपाल में मीटिंग में भेजा था, लेकिन वहां कोई मीटिंग नहीं थी। कार्यपालन यंत्री अनूप गोयल काम को लेकर रितिका को परेशान करते थे। रात में 10 बजे तक काम करवाते थे। छुट्टी पर आने पर उसके यहां से एक फाइल भी गायब कर दी थी। फिर उसे फोन कर पूछा गया था। बाद में पता किया तो फाइल मिल गई थी। लगातार प्रताड़ना से रितिका डिप्रेशन में थी। रितिका ने बहन को भी ये बातें बताई थीं। कमिश्नर से शिकायत करने पर गोयल को हटा भी दिया था। फिर रितिका को हेड बना दिया था।
रास्ते में युवक ने पानी फेंका था, तब से डर गई थी
- मामा ने बताया छुट्टी पर आने से कुछ दिन पहले वह ऑफिस जा रही थी। तभी एक युवक ने उस पर पानी फेंक दिया था। इस दौरान ड्राइवर ने कहा था कि ये धमकी हो सकती है। पानी की जगह तेजाब भी हो सकता है। इसके बाद वह काफी डर गई थी। रितिका के पिता रीवा में एक बैंक में असिस्टेंट मैनेजर हैं। डेढ़ साल से उनकी तबीयत खराब चल रही थी। इसलिए वह उनके साथ अपनी बात शेयर नहीं करती थी। परेशानी का पता चलने पर रितिका की मां लता ने भी निगमायुक्त को फोन कर बात की थी। एएसपी राय का कहना है कि रितिका के मोबाइल और लैपटॉप की जांच की जाएगी। निगम में भी दस्तावेज की जांच की जाएगी।

ये लिखा था सुसाइड नोट में
सब लोग खुश रहना। जाते हुए आज कुछ बोलना नहीं चाहती। आई विश! कोई मुझे रोक पाता, पर अब जीना मुश्किल हो गया है। दीदी अच्छे से रहना। अपना हर ड्रीम पूरा करना। लव यू मा-पापा एंड दीदी। सॉरी मैं लड़ नहीं पाई।
यह है मामला
- एमआईजी पुलिस के मुताबिक श्रीनगर में किराए के मकान में रहने वाली रितिका पिता देवेंद्र सिंह परिहार ने 6 नवंबर को फांसी लगा ली थी। तब बड़ी बहन रचना घर में ही थीं। रितिका को फंदे पर लटका देख उन्होंने ने शव को फंदे से उतारा और सूचना दी थी।

देर तक काम नहीं करवाया
- रितिका ने मेरे साथ 10-15 दिन ही काम किया। देर तक काम नहीं करवाया। बाकी ऑफिशियल होता है तो ऐसा लगता होगा। उनके परिजन आरोप क्यों लगा रहे हैं, ये वो ही बता सकते हैं। - अनूप गोयल, कार्यपालन यंत्री नगर निगम
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