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केबीसी -९ : महिला पुलिस अधिकारी को १ लाख ५० हजार हारने का नहीं इस बात का है इन्हें गम

केबीसी -९ : महिला पुलिस अधिकारी को १ लाख ५० हजार हारने का नहीं इस बात का है इन्हें गम

Rajeev Tiwari | Last Modified - Nov 03, 2017, 11:39 AM IST

इंदौर।बुधवार को केबीसी में नजर आईं मंदसौर की पुलिस सूबेदार नेहा शर्मा 8 सवालों के सही जवाब देने के बाद भी 10 हजार रुपए जीतकर वापस लौटीं। नौवें सवाल का गलत जवाब देने के कारण वे 80 से सीधे 10 हजार रुपए पर आ गईं। नेहा का कहना है कि उन्हें सवाल का जवाब पता था, लेकिन नर्वस होने के कारण वे गलती कर गईं। उन्हें हारने का गम नहीं है, गम इस बात का है कि बिग बी के सामने पहुंचकर वे इतनी जल्दी बाहर हो गईं। नेहा के मुताबिक, उनके लिए रुपए मायने नहीं रखते, वो बिग बी के साथ मंच पर ज्यादा वक्त बिताना चाहती थीं।


- नेहा पिता सुनिल शर्मा और बहन मेघा शर्मा के साथ मुंबई पहुंची। उनके एपिसोड की शूटिंग 22 अक्टूबर हुई, जिसका प्रसारण 1 नवंबर को हुआ। 8 सवालों का सही जवाब देकर नेहा 80 हजार जीत चुकी थीं। 9वां सवाल 1 लाख 60 हजार रुपए के लिए था। बिग बी ने पूछा कि वर्ष 2016 में विप्रो का सीईओ किसे बनाया गया था? चार विकल्प में कन्फ्यूज होने पर लाइफ लाइन फोन-ओ-फेंड के लिए लोकेंद्र शर्मा को लगाया। वो भी सही जवाब नहीं दे पाए और इसके बाद नेहा ने गलत ऑप्शन को चुन लिया और वे 1 लाख 60 हजार से महज 10 हजार रुपए पर आ गईं।

- dainikbhaskar.com से चर्चा में नेहा ने बताया कि उन्हें इस सवाल का जवाब पता था, लेकिन इतने बड़े मंच और अमिताभ जी के सामने पहुंचकर वो थोड़ा नर्वस हो गईं। दूसरी तरह घड़ी की सुई भी चल रही थी। उन्होंने लाइफ लाइन भी यूज किया, लेकिन गफलत में वे गलत जवाब दे बैठीं। नेहा ने कहा मुझे इस बात का दुख नहीं है कि 10 हजार ही जीते। दुख इस बात का है कि एक अच्छे मंच से वे इतनी जल्दी बाहर आ गईं। उन्होंने कहा कि अगली बार फिर से तैयारी करके जाऊंगी।

- नेहा ने बताया कि वे उनके परिवार में सभी पुलिस में हैंं। इसलिए बचपन से ही उनका झुकाव भी पुलिस की ओर ही रहा, लेकिन परिजन नहीं चाहते थे कि वे पुलिस में आएं। इसलिए उन्होंने प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी की। बैंकिंग में भी हाथ आजमाया, लेकिन झुकाव पुलिस की ओर ही रहा। इसके बाद उनका चयन कॉन्स्टेबल पद के लिए हुआ और परिजनों को मनाते हुए उन्होंने मंदसौर में ज्वाइन किया। उन्होंने बताया कि कॉन्स्टेबल के बाद उन्होंने तैयारी की और आज वे सूबेदार के पद पर मंसदौर में ही पदस्थ हैं।


नीमच के आबिद हैं सीईओ
- गौरतलब है कि विप्रो के सीईओ आबिद अली का जन्म नीमच में हुआ था। आबिद अली को जनवरी 2016 में देश की तीसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी विप्रो का सीईओ बनाया गया था। पिता जैनुद्दीन लाइटवाला पुस्तक बाजार में जनरल स्टोर चलाते थे। बचपन में अली ने पिता के कारोबार में हाथ बंटाया था। उनके परिवार के कई लोग आज भी यहीं रहते हैं। परिवार के अनुसार, स्कूल की पढ़ाई नीमच में ही हुई है।

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