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3 साल पहले खाने के लाले, 12 हजार की नौकरी कर ऐसे बना 80 करोड़ का मालिक

41 करोड़ का आबकारी घोटाला : अमरावती से 5 साल पहले इंदौर आया सिर्फ 8वीं तक पढ़ा दशवंत दो साल तक राजस्व की करता रहा चोरी।

Danik Bhaskar | Nov 28, 2017, 10:58 AM IST
अबकारी घोटाले का मुख्य आरोपी राजू दशवंत। अबकारी घोटाले का मुख्य आरोपी राजू दशवंत।

इंदौर. 41 करोड़ रुपए के आबकारी घोटाले का मुख्य आरोपी राजू दशवंत। उम्र 28 साल। मूल निवासी अमरावती महाराष्ट्र। सिर्फ 8वीं कक्षा तक पढ़ा। परिवार की आर्थिक स्थिति भी खराब। 2012 में इंदौर आया। 2014 में एक शराब ठेकेदार के यहां साढ़े 12 हजार रुपए महीने में नौकरी शुरू की। 2015 में एटीएम ग्रुप के अंश त्रिवेदी (घोटाले में दूसरा मुख्य आरोपी) के यहां सेल्समैन के तौर पर काम करने लगा। अंश से चालानों की हेराफेरी करना सीखा और दो साल तक शासन की आंखों में धूल झोकता रहा और अंश के साथ ट्रेजरी के चालानों में हेराफेरी कर करीब 80 करोड़ संपत्ति का मालिक बन गया। इतना ही नहीं इसने सब्जी का ठेला लगाने वाले और ड्राइवरी करने वालों को भी शराब ठेकेदार बना दिया था।
 

 


 
- एसआईटी के पास आरोपी राजू दशवंत की सारी संपत्ति की जानकारी पहुंच गई है। ये चालानों में हेराफेरी कर प्रति दिन 7 से 8 लाख रुपए कमा लेता था। इसे अंश से भी मोटा कमिशन मिलता था। साथ ही जिस शराब को ये चालानों में हेराफेरी कर एनओसी लेकर उठाते थे उसकी बिक्री पर भी अलग से कमिशन मिलता था। राजू के पास इंदौर के अलावा उदयपुर, अकोला व अमरावती में भी काफी संपत्तियां हैं।

 

आरोपी ने मां, भाई व दोस्तों-रिश्तेदारों के नाम करा रखी है संपत्ति
- अरबिंदो के सामने लंदन विलास में एक 50 लाख से ज्यादा कीमत का बंगला है। सुखलिया में भाई दीपक के नाम पर एक मकान है जो वर्ष 2016 में खरीदा है। एक मकान मां निर्मला के नाम पर है, जिसे 26 मार्च 2016 को खरीदा था। यहीं पास के दो मकान भी खरीद लिए थे। एक में मां और वह खुद संयुक्त मालिक हैं।
 
- निपानिया में गोल्डन पालम टाउनशिप के सी ब्लॉक में 17 लाख 42 हजार का एक बंगला है, जिसकी रजिस्ट्री 29 जून 2017 को करवाई है। इसी साल जुलाई में पलासिया में 18 लाख 58 हजार का बंगला और खरीदा है।
 
- सन सिटी में सवा करोड़ का एक बंगला और महालक्ष्मी में थर्ड फेस में भाई दीपक के नाम पर एक हजार वर्ग फीट का प्लॉट खरीदा था। अपने खास साथी और एटीएम ग्रुप में मैनेजर रहे हेमंत गोयल को भी महालक्ष्मी नगर में एक प्लॉट दिलाया है। कीमत 40 लाख से ऊपर है। एक स्क्वॉडा व एक रेपिड कार भी है।
 
- फरारी में ही इसने महाराष्ट्र में 4 करोड़ रुपए के 6 प्लॉट खरीदे हैं, वहीं अंश के साथ मिलकर उदयपुर में 35 करोड़ रुपए की एक होटल के प्रोजेक्ट में 50 प्रतिशत का पार्टनर भी बना है। घोटाला के बाद ही अंश को इसने 9 करोड़ रुपए भी दे दिए थे। राजू ने गबन की राशि को भुनाने के नाम पर बीमा पॉलिसियों में लाखों का निवेश कर रखा है। ये पॉलिसी भी भाई, मां, दोस्तों और रिश्तेदारों के नाम पर हैं। इसका प्रीमियम भी लाखों रुपए प्रति माह आती है।

 

सब्जी वाले और ड्राइवर को भी बना दिया शराब दुकानों का ठेकेदार
- सूत्रों के मुताबिक राजू ने फर्जीवाड़े का खेल दिसंबर 2015 में धरमपुरी की देशी मदिरा की दुकान से शुरू किया था, लेकिन एसआईटी को पिगडंबर की एक शराब दुकान से फर्जीवाड़े की शुरुआत होने की जानकारी है। यह दुकान एटीएम ग्रुप ने लेकर शहर में कदम रखा था।


- आरोपी राजू एटीएम ग्रुप में बतौर सेल्स मेन के रूप में जुड़ा था। ग्रुप के संचालक अंश के साथ मिलकर ट्रेजरी के चालानों की हेराफेरी सीखी। इसने अपने ग्रुप से जुड़े जितेंद्र शिव रामे, जो की सब्जी का ठेला लगाता था उसे और लवकुश पांडे जो ड्राइवरी करता था, दोनों कई शराब दुकानों का ठेकेदार बना दिया था।

 

पांच दिन पहले पकड़ने गई टीम को घेर लिया था गांव वालों ने
- राजू के सरेंडर करने से 5 दिन पहले ही क्राइम ब्रांच की टीम राजू तक पहुंच गई थी। वह अकोला क्षेत्र के गांव में छिपा था लेकिन उसके गांव वालों ने उसे गिरफ्तार नहीं होने दिया उल्टा एकजुट होकर क्राइम ब्रांच की टीम को घेर लिया था। डीआईजी हरिनारायणाचारी मिश्र ने बताया कि पहले भी राजू तक तीन बार क्राइम ब्रांच की टीम पहुंच चुकी थी। इस बार टीम को गांव वालों ने घेरा तो अकोला एसपी से बात कर वहां फोर्स भी भेजा, लेकिन तब तक राजू निकल गया था। एएसपी संपत उपाध्याय ने बताया राजू को सोमवार को कोर्ट पेश किया गया उसका 4 दिसंबर तक का रिमांड मिला है। उससे कई बिंदुओं पर पूछताछ की जा रही है। वहीं उसकी तीन साल में अर्जित संपत्ति सील की जाएगी।

 

साला और परिचित भी हिरासत में
- फरारी के दौरान आरोपी राजू दशवंत को मदद करने और उसे रहने, खाने व ठहरने की व्यवस्था करवाने वाले उसके साले मोनू, चंदू उर्फ आनंद जाट व एक अन्य को एसआईटी ने उठाया है। पुलिस इन्हें भी आरोपी बनाएगी। वहीं गिरफ्तारी के पहले राजू ने किसी से मोबाइल रिकार्डिंग कर एक वीडियो भी बनवाया है जिसमें उसने फर्जीवाड़े के लिए महू के एक आबकारी अधिकारी को 40 से 50 लाख रुपये देने की बात स्वीकारी है। वीडियो की भी अफसर जांच करा रहे हैं।


- आबकारी घोटाले के आरोपी राजू दशवंत की करीब 10 करोड़ संपत्ति की जानकारी ऑन रिकॉर्ड आ चुकी है। अभी पड़ताल जारी है। संपत्ति का आंकड़ा 50 करोड़ के पार जा सकता है। - हरिनारायणाचारी मिश्र, डीआईजी

 

 

राजू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। राजू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
अारोपी राजू दशवंत। अारोपी राजू दशवंत।
राजू ने अपनी काली कमाई प्रॉपर्टी में लगाई है। राजू ने अपनी काली कमाई प्रॉपर्टी में लगाई है।
पुलिस राजू से पूछताछ कर रही है। पुलिस राजू से पूछताछ कर रही है।
राजू ने तीन साल पहले शुरू की थी नौकरी। राजू ने तीन साल पहले शुरू की थी नौकरी।
राजू ने चालान में हेरफेर कर कमाई मोटी रकम। राजू ने चालान में हेरफेर कर कमाई मोटी रकम।
राजू का खेत। राजू का खेत।