सौगात / 2023 में इंदौर में मेट्रो दौड़ने का दावा, मुख्यमंत्री ने कहा - मेट्रो के जरिए इंदौर-उज्जैन को जोड़ने की जरूरत



Chief Minister Kamal Nath laid the foundation stone of the metro rail project
Chief Minister Kamal Nath laid the foundation stone of the metro rail project
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Chief Minister Kamal Nath laid the foundation stone of the metro rail project
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  • कुमेड़ी में खजराना गणेश मंदिर के मुख्य पुजारी अशोक भट्ट ने पूजा संपन्न करवाई्र
  • जयपुर जैसी होगी इंदौर मेट्रो; पहले दिन से 25 ट्रेनें चलेंगी, हर 15 मिनट में मिलेगी, सिर्फ एक पिलर पर होगा स्टेशन
  • भोपाल में तीन इंदौर में 6 कोच की ट्रेनें चलेंगी, इनमें 1950 यात्री कर सकेंगे सफर
     

Dainik Bhaskar

Sep 14, 2019, 04:30 PM IST

इंदौर. शहर में 2023 तक मेट्रो ट्रेन दौड़ती नजर आएगी। इस सपने को साकार करने के लिए मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शनिवार को एमआर-10 स्थित कुमेड़ी आयोजन स्थल पर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मेट्रो रेल परियोजना का शिलान्यास किया। सीएम ने इंदौर-भोपाल के विस्तार पर बल देते हुए कहा कि हमें मुंबई और दिल्ली की तर्ज पर इन शहरों को बढ़ाना होगा, जिससे इनका भार कम हो सके। हमें आगे इंदौर को मेट्रो के जरिए उज्जैन और पीथमपुर को भी जोड़ने की दिशा में काम करना होगा। 

 

 

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि मैं मेट्राे के कायर्क्रम में शामिल होने जयपुर गया था। उस समय में केंद्र में मंत्री था। यहां मेरे मन में विचार आया कि मध्यप्रदेश में मेट्रो को लेकर कोई चर्चा ही नहीं है। इसके बाद लौटकर मैंने उस समय भाजपा सरकार में मंत्री रहे बाबूलाल गौर से भाेपाल और एक अन्य शहर के लिए मेट्रो की डीपीआर बनाने काे कहा। इस पर उन्होंने कहा कि इस पर काफी खर्च अाएगा, इस पर मैंने कहा कि खर्च की चिंता ना करें। इसके बाद डीपीआर बनी, लेकिन अब तक वे कागज दबे रह गए। मप्र में हमारी सरकार आने पर मैंने मंत्री जयवर्धन सिंह से इस पर काम करने को कहा।

 

उन्होंने कहा कि हमसे पूछा जा रहा कि इंदौर में मेट्रो की क्या आवश्यकता है। मैं उन्हें कहना चाहता हूं कि इंदौर की जनसंख्या बढ़ती जा रही है। हमें अब इंदौर, भोपाल के विस्तार के बारे में सोचना होगा, जिससे इनका भार कम हो सके। हमें इन शहरों को दिल्ली, मुंबई की तरह फैलाना होगा। जैसे वहां नोएडा, गुडगांव बनाया गया, मुंबई में नवी मुंबई बनी, थाणे तक विस्तार किया गया। हमें यह सोचना होगा कि आज से पांच या 10 साल बाद हमें भोपाल इंदौर को कहां देखना चाहते हैं। हमें सड़क, बिजली, पानी सभी पर ध्यान देना होगा। हमें इंदौर को सुरक्षित रखना है कि मेट्रो की नितांत आवश्यकता है। 

 

मंत्री तुलसी सिलावट ने मेट्रो को सांवेर तक चलाने की मांग की। मैं उन्हें कहना चाहता हूं कि ये मांग ना करें यह तो हमारी आवश्यकता है। हमें सांवेर ही नहीं उज्जैन, पीथमपुर तक मेट्रो का विस्तार करना होगा। आवागमन के लिए जहां जरूरत होगी, मेट्रो को वहां तक पहुंचाया जाएगा। इसके कुछ हिस्सा महू का होगा, धार का होगा, देवास का होगा, उज्जैन का होगा। यानि इसे विस्तार करते रहना होगा। इंदौर के बोझ को कम करना है तो हमें मेट्रोपोलेटन एरिया बनाना होगा।

 

कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
दौरान नगरीय विकास एवं आवास मंत्री जयवर्द्धन सिंह, गृहमंत्री बाला बच्चन, उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी, स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट, लोक निर्माण मंत्री सज्जनसिंह वर्मा, महापौर मालिनी गौड़, सांसद शंकर लालवानी, विधायक रमेश मेंदोला, महेंद्र हार्डिया, संजय शुक्ला और विशाल पटेल उपस्थित रहे। खजराना गणेश मंदिर के मुख्य पुजारी अशोक भट्ट ने 11 पुजारियों के साथ पूजा संपन्न करवाई।

 

इंदौर में छह कोच, भोपाल में तीन कोच वाली मेट्रो

इंदौर में चलने वाली मेट्रो ट्रेन लगभग जयपुर जैसी होगी, जिसमें छह कोच होंगे। हालांकि पहले चरण में तीन कोच ही रहेंगे। पहले ही दिन से हर 15 मिनट में यात्रियों को हर स्टेशन पर ट्रेन मिले, इसके लिए 25 ट्रेन एक साथ दौड़ेंगी। एक ट्रेन के तीन कोच में 975 यात्री सफर कर सकेंगे। हालांकि भोपाल में तीन कोच की ट्रेन ही रहेगी। यही वजह है कि इंदौर के प्रोजेक्ट के लिए 7500.8 और भोपाल के लिए 6941.4 करोड़ रुपए मंजूर हुए हैं। हर स्टेशन की डिजाइन कैंटिलिवर स्टाइल में होगी। मतलब- हर स्टेशन सिर्फ एक पिलर पर टिका रहेगा। स्टेशन पर यात्रियों के लिए लिफ्ट, एस्केलेटर और सीढ़ियां होंगी ताकि टिकट काउंटर से होकर वे सीधे प्लेटफाॅर्म तक जा सकें।

 

इंदौर में मेट्रो का रूट।


मेट्रो की वह बातें, जो अब तक आपको पता नहीं थीं

  • 80 की स्पीड, सीट पर इमरजेंसी फोन
  • 80 किमी प्रति घंटे की स्पीड से मेट्रो ट्रेन शहर में चलेगी।
  • विकलांगों के लिए मेट्रो के डीटी यानी ड्राइवर ट्रेलर में आगे और पीछे की ओर दो-दो सीटें रहेंगी। ये सीटें गेट में प्रवेश के साथ ही लगी होंगी।
  • एलसीडी पर स्टेशन और शहर की जानकारी मिलेगी।
  • इमरजेंसी में कॉल के लिए यात्री सीट के पास फोन रहेगा।
  • ऑनलाइन पब्लिक एड्रेसिंग सिस्टम होगा। ट्रेन ने कौन सा स्टेशन छोड़ा, कौन सा आने वाला है, पता चलेगा।

 

किराया अभी तय नहीं : जयपुर में मेट्रो का किराया पांच से 15 रु. है। हालांकि इंदौर में किराया अभी तय नहीं हुआ है।


चलेगी कब 2023 का दावा : मेट्रो कंपनी के अधिकारियों का दावा है कि मार्च 2023 तक पूरा रूट तैयार कर दिया जाएगा। इसके बाद मेट्रो चलने लगेगी।

 

कम हो सकता है ट्रैफिक लोड
मुख्यमंत्रीजी, जयपुर ने रिकॉर्ड सवा चार साल में मेट्रो चला दी, आप आज घोषणा करें हम इससे भी जल्द कर दिखाएंगे।
शहर की आबादी 25 लाख है, जबकि वाहन 19 लाख। ऐसे में ट्रैफिक का दबाव ज्यादा रहता है। पांच सड़कों पर पीक ऑवर्स में डेढ़ से दो लाख वाहन गुजरते हैं। एमजी रोड पर ही इसका रूट होने से ट्रैफिक का दवाब कम होने की संभावना है।

 

एक नजर इन शहरों के मेट्रो पर

  • जयपुर : मेट्रो का 9.2 किमी का पहला चरण 2023 करोड़ में सवा चार साल में पूरा हुआ। वहीं, ट्रैफिक लोड कम होने की बात है तो बहुत नहीं रहा, पर अगले चरण में चांदपोल से बड़ी चौपड़ के बीच चलने से कम हो जाएगा।
  • अहमदाबाद : मार्च 2014 में मेट्रो का काम शुरू हुआ। 10773 करोड़ में छह किमी का ट्रैक 4 मार्च 2019 को चालू हुआ। यहां मेट्रो पूरी तरह क्रियाशील नहीं हुई है। इसलिए ट्रैफिक पर असर के बारे में कुछ कहना संभव नहीं है।
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