सराहना / महिला एसआई के कार्य की मुख्यमंत्री कमलनाथ ने की प्रशंसा, किया ट्वीट



Chief Minister Kamal Nath praises the work of ASI in indore, Tweeted
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Chief Minister Kamal Nath praises the work of ASI in indore, Tweeted
Chief Minister Kamal Nath praises the work of ASI in indore, Tweeted

  • सोमवार को 75 वर्षीय अपाहिज सास को सड़क पर छोड़ गई थी बहू
  • एसआई खुशबू परमार और सुमन तिवारी ने पौन घंटे में बहू को ढूंढा

Dainik Bhaskar

Mar 26, 2019, 01:40 PM IST

इंदौर . हीरानागर थाने की दो महिला एसआई खुशबू परमार और सुमन तिवारी के कार्य की मप्र के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रशंसा की है। गौरतलब है कि आर्थिक तंगी से गुजर रही एक बहू अपनी 75 वर्षीय अपाहिज सास को सड़क पर छोड़कर भाग गई थी। दोनों महिला पुलिसकर्मी ने वृद्धा को खाना खिलाया और पौन घंटे की मशक्कत के बाद बहू को ढूंढा, उन्होंने बहू की काउंसलिंग कर सास को उसके साथ वापस घर भेजा।


इस मामले में मंगलवार को मप्र के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ट्वीट किया। मुख्यमंत्री ने अपनी ट्वीट में लिखा कि इंदौर में एक बुजुर्ग अपाहित महिला को बहु द्वारा लावारिस छोड़ दिए जाने का मामला सामने आने पर उसे खाना खिलाकर, तत्परता दिखाकर, परिजनों केा समझाईश देकर, गलती का अहसास करवाकर, दोबारा घर भिजवाने का कार्य तत्परता से करने वाली महिला एएसआई खुशबू परमार और सुमन तिवारी की कर्तव्यनिष्ठा प्रशंसनीय है।

 

ट्वीट


यह था मामला
 

आर्थिक तंगी से गुजर रही बहू अपनी 75 वर्षीय अपाहिज सास को सड़क पर छोड़कर भाग गई। वृद्धा को सड़क पर परेशान देख क्षेत्र के लोगों ने हीरानगर पुलिस को सूचना दी। थाने से एसआई खुशबू परमार और सुमन तिवारी मौके पर पहुंचीं और वृद्धा से बात की तो उन्होंने अपना नाम रेशम बाई बताया और कहा कि बहू आशा छोड़ गई है।


इस पर एसआई खुशबू वृद्धा काे तत्काल पुलिस वाहन में थाने ले गईं। वहां उन्हें भोजन कराया और सामान्य किया। इसके बाद साथी सब इंस्पेक्टर सुमन के साथ इलाके के सीसीटीवी कैमरे चेक किए। एक फुटेज में उन्हें वृद्धा को गोद में ले जाती एक महिला नजर आई। 


फुटेज से महिला का फोटो निकालकर एसआई ने तत्काल इलाके में सक्रिय जवानों को फोटो वाट्सएप कर महिला को तलाशने के लिए निर्देश दिए। करीब पौन घंटे की मशक्कत के बाद वृद्धा की बहू आशा (38) रघुनंदन बाग इलाके में नजर आ गई। जैसे ही पुलिस ने उसे पकड़ा तो वह बोली कि मैं ही मां (सास) को छोड़ गई थी। 


थाने में पूछताछ के दौरान वह फूट-फूटकर रो पड़ी। उसने बताया- पति अाैर मैं दाेनाें मजदूरी करते हैं। घर में पांच बच्चें हैं। परिवार में बच्चों के साथ सास को संभाल पाना मुश्किल भरा था। आज पति किसी काम से गांव गए थे तभी मैं सास को गोद में उठाकर बाहर छोड़ आई।


बाद में हीरानगर पुलिस ने आशा को अपनी सास की केयर करने के लिए काउंसलिंग की तो रोते हुए उसने अपनी गलती मानी और सेवा करने का बोलकर सास को साथ घर ले आई। एसएसपी रुचि वर्धन मिश्र ने दोनों एसआई को प्रशंसा पत्र देने के लिए भी कहा है।

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