मकर संक्रांति / उज्जैन पहुंचे मुख्य सचिव आरएस मोहंती, पर्व पर होने वाले स्नान की व्यवस्थाओं का किया अवलोकन



Chief Secretary Ujjain visits, Makar Sankranti festival on Monday
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Chief Secretary Ujjain visits, Makar Sankranti festival on Monday

  • शनिश्चरी अमावस्या (5 जनवरी) पर शिप्रा नदी में कीचड़ युक्त पानी से श्रद्धालुओं को करना पड़ा था स्नान
  • मामले में लापरवाही बरतने पर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कलेक्टर व संभागायुक्त का कर दिया था तबादला
     

Dainik Bhaskar

Jan 13, 2019, 03:18 PM IST

इंदौर. शनिश्चरी अमावस्या (5 जनवरी) पर उज्जैन में शिप्रा नदी में कीचड़ युक्त पानी से श्रद्धालुओं को स्नान करना पड़ा था। इस मामले में मप्र के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अफसरों की गंभीर लापरवाही मानते हुए उज्जैन कलेक्टर व संभागायुक्त को हटा दिया था। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि आगे ऐसी स्थिति ना बने इसका विशेष ध्यान रखा जाए। सीएम के सख्त निर्देश के चलते रविवार को मप्र के मुख्य सचिव आरएस मोहंती उज्जैन पहुंचे। 


सोमवार को मकर संक्रांति का पर्व है और इस दिन उज्जैन में शिप्रा नदी में स्नान के लिए हजारों श्रद्धालु पहुंचेंगे। स्नान पर्व की व्यवस्थाओं का अवलोकन करने के लिए मप्र के मुख्य सचिव आरएस मोहंती उज्जैन पहुंचे। मुख्य सचिव ने त्रिवेणी एवं रामघाट पर मकर संक्रांति स्नान पर्व की व्यवस्थाओं का अवलोकन करने के बाद अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। उनके साथ जल संसाधन के अपर मुख्य सचिव राधेश्याम जुलानिया, नगरीय विकास के पीएस प्रमोद अग्रवाल, पीएचई के पीएस विवेक अग्रवाल भी थे।


नींद खराब नहीं करना है तो हर दम अपडेट रहना होगा
नर्मदा का पानी रामघाट तक पहुंचाने की तैयारियों का जायजा लेने शनिवार को श्रम विभाग के प्रमुख सचिव संजय दुबे शहर आए। बृहस्पति भवन में तैयारियों की बैठक में पानी आने का रूटमैप देखा। प्रमुख सचिव बोले- आप सभी को यदि अपनी नींद खराब नहीं करना है तो हर दम अपडेट रहना होगा। सभी को यह पता होना चाहिए कि पानी कब-कब, कहां-कहां पहुंचा और जैसे ही वह जिले में आता है तो और चौकन्ना होने की जरूरत रहेगी। बैठक के बाद प्रमुख सचिव दुबे ने कहा अब मुझे घाटों का निरीक्षण करना है। आईजी राकेश गुप्ता ने कहा- रामघाट चलिए। संभागायुक्त अजीत कुमार ने कहा- क्रिटिकल तो त्रिवेणी है, वहां चलते हैं। त्रिवेणी पर दुबे ने कहा फव्वारे बंद न हो, बिजली जाने पर जनरेटर की व्यवस्था रखें। 


न अनुमति की अड़चन और न ही फंड की कमी आई 
साफ-स्वच्छ रामघाट का नजारा सिंहस्थ में दिखाई दिया था, इसके बाद अब दिखाई दे रहा है। इसे इस स्वरूप में लाने में निगम ने पांच दिन में तीन लाख रु. खर्च किए और नजारा बदल गया। इसके पहले न शिप्रा में साफ पानी था और न कचरा निकल रहा था, न ही घाटों पर इस तरह की व्यवस्था नजर आ रही थी। शनिश्चरी अमावस्या पर नर्मदा का पानी नहीं आने के बाद जब हड़कंप मचा तो सरकार को मकर संक्रांति स्नान की भी फिक्र हो गई। ताबड़तोड़ अफसरों की फौज मैदान में आ गई। न अनुमति की जरूरत पड़ी और न फंड स्वीकृति की। 

 

उज्जैन

 


रामघाट तक पर्याप्त पानी के लिए 24 घंटे चल रहे पंप 
मकर संक्रांति का पर्व स्नान 15 को होने के बाद 4 फरवरी को सोमवती अमावस्या का स्नान होगा। इसके लिए पानी की व्यवस्था अभी से शुरू कर दी है। देवास के शिप्रा डेम को भरने के लिए 24 घंटे नर्मदा-शिप्रा लिंक योजना के पंप चलाए जा रहे हैं। 


संक्रांति पर पानी की पूर्ति होने के बाद देवास के शिप्रा डेम के गेट बंद करेंगे लेकिन इंदौर स्थित नर्मदा-शिप्रा लिंक योजना के संगम से पानी छोड़ने का क्रम चलता रहेगा। योजना के चार पंप चलाए जा रहे हैं। इससे देवास डेम में 24 घंटे में 50 सेमी पानी आ रहा है। मकर संक्रांति के लिए डेम का लेवल 488 कर दिया है। इसके बाद डेम से पानी नहीं निकलता। 


जून तक ये 14 प्रमुख पर्व स्नान होंगे 
4 फरवरी सोमवती अमावस्या 
15 फरवरी-डांडा रोपण पूर्णिमा 
4 मार्च- महाशिवरात्रि 
21 मार्च- होली धुलेंडी, 
5 अप्रैल- भूतड़ी अमावस्या 
6 मार्च- गुड़ी पड़वा 
11 अप्रैल- रामनवमी 
19 अप्रैल- हनुमान जयंती 

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