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मप्र / आईडीए-निगम की मंजूरी में अटकी 6 संस्थाओं के 767 सदस्यों को सीएम आज देंगे प्लाॅट, भूमाफिया पीड़ित अभी भी इंतजार में

25 जनवरी 2020 सीएम कमलनाथ ने अफसरों से प्लॉट आवंटन के मामले की जानकारी ली। 25 जनवरी 2020 सीएम कमलनाथ ने अफसरों से प्लॉट आवंटन के मामले की जानकारी ली।
25 मई 2010 को तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान ने भी पीड़ितों को अधिकार पत्र बांटे थे। 25 मई 2010 को तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान ने भी पीड़ितों को अधिकार पत्र बांटे थे।
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25 जनवरी 2020 सीएम कमलनाथ ने अफसरों से प्लॉट आवंटन के मामले की जानकारी ली।25 जनवरी 2020 सीएम कमलनाथ ने अफसरों से प्लॉट आवंटन के मामले की जानकारी ली।
25 मई 2010 को तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान ने भी पीड़ितों को अधिकार पत्र बांटे थे।25 मई 2010 को तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान ने भी पीड़ितों को अधिकार पत्र बांटे थे।

  • 189 संस्थाओं के कुल 3557 पीड़ित, शेष 2790 हितग्राहियों को चरणबद्ध तरीके से 30 जून तक प्लाॅट या मुआवजा देने का दावा

दैनिक भास्कर

Jan 26, 2020, 07:03 AM IST

इंदौर . माफिया के खिलाफ अभियान के तहत रविवार को छह गृह निर्माण सहकारी संस्थाओं के 767 सदस्यों को प्लाॅट आवंटन पत्र खुद सीएम कमलनाथ सौंपेंगे। इनमें लक्ष्मणनगर, सुविधा, कसेरा तो वे संस्थाएं हैं, जो स्थापना के बाद से ही सदस्यों को वरीयता सूची से प्लाॅट देती आई है। 


आईडीए द्वारा जमीन लिए जाने से उठे विवाद के बाद प्लाॅट देना मुश्किल हो गया था। रूपरेखा संस्था (जिसमें सबसे ज्यादा 536 सदस्यों को प्लाॅट मिल रहे हैं) की मूल समस्या ही नगर निगम से अटकी मंजूरी थी। जो अब जारी की गई है। मुहिम के पहले चरण में भूमाफिया से पीड़ित संस्था जैसे देवी अहिल्या, जागृति, जयहिंद, सविता, कर्मचारी, मजदूर पंचायत, श्रीराम कृपा आदि में प्रशासन ने हाथ नहीं डाला है। इन संस्थाओं में माफिया जमीन बेच चुके हैं या वैध सदस्यों को बाहर कर चुके हैं। कमिशनर आकाश त्रिपाठी ने 30 जून तक सभी को प्लाॅट या मुआवजा देने का लक्ष्य रखा है। 

संस्था संचालक बोले- पहले भी देते रहे हैं प्लाॅट

  •  लक्ष्मणनगर संस्था के संचालक विपुल पसारी बताते हैं, साल 1981 में संस्था बनी थी। पहले भी प्लाॅट देते रहे हैं। आईडीए स्कीम में कुछ जमीन अटकने से दिक्कत आई थी, जो अब दूर हो गई है।
  •   सुविधा संस्था संचालक सुरेंद्र सिंह ठाकुर कहते हैं, साल 1979 में संस्था बनी। आईडीए के साथ विकास काे लेकर विवाद था, अब दूर हुआ है। 
  •  कसेरा संस्था के संचालक विपुल बरोनिया बताते हैं, साल 1969 से संस्था बनी हुई है। पहले 154 सदस्यों को प्लाॅट दे चुके हैं। बाकी में खसरे, नपती और वरीयता सूची में शिकायत थी, अब दूर हुई है।  
  •  रूपरेखा संस्था 1996 में संस्था बनी थी। विकास के मसले पर निगम से विवाद था। अब निराकरण हो गया है। शेष|पेज 12 पर  
  •  महात्मा गांधी संस्था के गोपाल सिंह ने बताया कि संस्था 1980 में बनी थी, वरीयता सूची का विवाद है क्योंकि केवल 23 ही प्लाॅट है और सदस्य 50 से ज्यादा, मुहिम के दौरान यह विवाद दूर हुए।  
  •  आस्था संस्था 1991 में बनी है, संचालक वीरेंद्र जैन ने बताया कि वरीयता सूची का विवाद था।  क्योंकि प्लाॅट कम है, मुहिम में यह समस्याएं दूर हुई, इसलिए प्लाॅट दे रहे हैं।

फिलहाल इन्हें राहत


लक्ष्मणनगर गृह निर्माण 
31 को प्लॉट और 50 हितग्राहियों को फ्लैट आवंटित किए जाएंगे
महात्मा गांधी संस्था
23 पीड़ितों को प्लॉट
कसेरा गृह निर्माण संस्था
58 सदस्यों को प्लॉट
रूपरेखा गृह निर्माण 
536 को देंगे प्लॉट
सुविधा गृह निर्माण 
19 सदस्यों को आवंटित किए जाएंगे प्लॉट  
आस्था सहकारी संस्था
50 को प्लॉट देंगे

गृह निर्माण संस्थाएं... पांच तरह की समस्या और उनके पांच तरह के निराकरण  

1. एक प्लॉट की कई रजिस्ट्रियां : पहले को प्लॉट मिलेगा। दूसरा व्यक्ति संस्था संचालकों, माफिया के खिलाफ धोखाधड़ी का केस कर सकता है।

2. वरीयता सूची : प्रशासन जिन्हें प्लॉट दे रहा है, उनकी सूची जारी की जा रही है। फिर दावे-आपत्ति बुलाकर सुनवाई कर रहा है, जिससे सही वरीयता सूची बन सके।

3.   जहां पर प्लॉट से ज्यादा सदस्य हैं : प्लॉट की साइज छोटी कर सभी को प्लॉट दिए जा सकते हैं। जमीन कम होने पर संस्था सदस्यों की सहमति से मल्टी बनाकर फ्लैट भी दिए जा सकते हैं। मुआवजे का भी विकल्प।

4. अवैध कॉलोनियों में प्लॉट : प्रशासन सभी विभागों से एनओसी दिलाकर वैध कराने की कोशिश कर रहा है। टीएंडसीपी से लेआउट, निगम की मंजूरी जरूरी।  

5. लैंड यूज बदलाव : बिना लैंड यूज के आवासीय नक्शा पास नहीं होगा। लंबी प्रक्रिया है या फिर उसी लैंड यूज के हिसाब से ही नक्शा पास कराकर उसके प्लॉट लेने होंगे।

अब शिक्षा व हेल्थ माफिया की भी बारी

उधर, सीएम कमलनाथ ने शनिवार रात अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने शिक्षा व स्वास्थ्य माफिया पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा, नकली दवाइयां, गुटखा बनाने और बेचने वालों पर जड़ तक जाकर कड़ी कार्रवाई हो। माफियाओं के विरुद्ध दर्ज एफआईआर को अंजाम तक पहुंचाया जाए।  

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