Hindi News »Madhya Pradesh »Indore »News» Defamation Notice To Kavita Raina Murder Case Investigation Team

कविता रैना हत्याकांड: बरी हुए बैरागी का पूर्व डीआईजी सहित 16 को नोटिस- 5 करोड़ हर्जाना दो

नोटिस में उसने कहा है कि वह पौने तीन साल तक जेल में रहा, जिससे उसके मौलिक अधिकारों का हनन हुआ।

Bhaskar News | Last Modified - Jun 13, 2018, 08:28 AM IST

कविता रैना हत्याकांड: बरी हुए बैरागी का पूर्व डीआईजी सहित 16 को नोटिस- 5 करोड़ हर्जाना दो

इंदौर.कविता रैना हत्याकांड में जिला कोर्ट से बरी होने के बाद महेश बैरागी ने पूर्व डीआईजी समेत 16 पक्षकारों पर मानहानि का कानूनी नोटिस भेजा है। उसने झूठा फंसाने का आरोप लगाते हुए पांच करोड़ का हर्जाना मांगा है। नोटिस में उसने कहा है कि वह पौने तीन साल तक जेल में रहा, जिससे उसके मौलिक अधिकारों का हनन हुआ। उसके परिवारजन तहस-नहस हुए, जिसके जवाबदार पुलिस अफसर और गवाह हैं। नोटिस में कहा गया कि दो माह में हर्जाना भुगतान नहीं किया तो कोर्ट में केस लगाया जाएगा।

कहा- 5 करोड़ हर्जाना दो या मानहानि का केस भुगतो

- 18 मई को जिला अदालत ने महेश बैरागी को दोषमुक्त कर दिया था। उसके बाद बचाव पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले सीनियर एडवोकेट चंपालाल यादव की अध्यक्षता वाली वकीलों की संस्था ‘जस्टिस फॉर लायर्स’ ने कविता रैना हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग करते हुए राज्य शासन को नोटिस दिया है।

- बैरागी के एडवोकेट ओमप्रकाश सोलंकी ने नोटिस में कहा है कि आरोपी 9 दिसंबर 2015 से 18 मई 2018 तक न्यायिक हिरासत में जेल में रहा। यह उसके मौलिक अधिकार का उल्लंघन और हनन है। उसे झूठा फंसाए जाने से उसके बच्चों को स्कूलों में यह कहते हुए एडमिशन नहीं दिया कि बच्चों का पिता हत्या का आरोपी है।

- जेल अवधि के दौरान आरोपी का परिवार तहस-नहस हो गया और परिजन खाने के लिए मोहताज गए। इसके लिए तत्कालीन पुलिस अफसर और गवाह संयुक्त रूप से जिम्मेदार हैं।

- नोटिस में कहा गया है इसकी क्षतिपूर्ति के रूप में सभी पक्षकार संयुक्त रूप से पांच करोड़ रुपए का हर्जाना दो माह में भुगतान करें वरना जिला अदालत में मानहानि का प्रकरण प्रस्तुत किया जाएगा।

ये हैं वे अधिकारी व गवाह जिन्हें भेजा गया कानूनी नोटिस
तत्कालीन डीआईजी संतोषकुमार सिंह, एएसपी क्राइम ब्रांच विनय पाल, तत्कालीन भंवरकुआं थाना प्रभारी राजेंद्र सोनी, तत्कालीन एसआई क्राइम ब्रांच श्रद्धा यादव, तत्कालीन फोरेंसिक विशेषज्ञ डॉ. सुधीर शर्मा, तत्कालीन तहसीलदार राजकुमार हलधर, गवाह- लोकेंद्रसिंह भदकारिया, शैलेंद्र अमोदिया, मुकेश चौहान, संजीव विश्वकर्मा, महेंद्रसिंह कुशवाह, अंकित नामदेव, रुखसाना बी, राहुल नागर व टीकमचंद देवड़ा व अन्य।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From News

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×