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ससुर को धीमा जहर देने की आरोपी बहू और उसकी मां की जमानत अर्जी खारिज

जबलपुर जिला कोर्ट का आदेश नहीं मानना हत्या के प्रयास की आरोपी मां-बेटी को महंगा पड़ गया। वहां से इस शर्त पर दोनों को...

Danik Bhaskar | Sep 13, 2018, 03:10 AM IST
जबलपुर जिला कोर्ट का आदेश नहीं मानना हत्या के प्रयास की आरोपी मां-बेटी को महंगा पड़ गया। वहां से इस शर्त पर दोनों को जमानत मिल गई थी कि वे इंदौर की जिला कोर्ट में पेश हों, किंतु दोनों नहीं आईं और अग्रिम जमानत लगा दी। इस पर जिला कोर्ट इंदौर ने दोनों की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी। आरोपी भावना पति अमित श्रीवास्तव और उसकी मां कांति पति श्रीकांत पांडे दोनों निवासी जबलपुर हैं। तिलक नगर पुलिस ने फरवरी में ससुर को जान से मारने के लिए धीमा जहर देने के आरोप में बहू भावना के साथ ही उसकी मां कांति व बहन तृप्ति के खिलाफ धारा 307 (हत्या का प्रयास) व धारा 328 में केस दर्ज किया था। भावना मां के पास जबलपुर में रह रही है। भावना व कांति को जबलपुर पुलिस ने 30 अगस्त को गिरफ्तार कर वहां की जिला कोर्ट में पेश कर इंदौर कोर्ट में पेश करने के लिए ट्रांजिट रिमांड मांगा था। जबलपुर कोर्ट में दोनों की ओर से जमानत अर्जी भी लगाई थी। जबलपुर कोर्ट ने पुलिस को ट्रांजिट रिमांड नहीं देते हुए मां-बेटी को इस शर्त पर जमानत दे दी थी कि वे जिला कोर्ट इंदौर में पेश हों। दोनों जिला कोर्ट इंदौर में पेश नहीं हुई और अग्रिम जमानत अर्जी लगा दी। जिला कोर्ट इंदौर में एडीजे एमके शर्मा के समक्ष हुई सुनवाई में एजीपी अभिजीत राठौर ने जमानत का विरोध किया। कोर्ट ने तर्कों से सहमत होकर दोनों की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी।

ससुर का साथ रहना रास नहीं आ रहा था

सॉफ्टवेयर इंजीनियर अमित श्रीवास्तव निवासी आदिनाथ अपार्टमेंट गोयल नगर इंदौर ने भावना से 2010 में प्रेम विवाह किया था। 2011 में अमित की मां का निधन हो गया। उनके पास पिता विनोदकुमार श्रीवास्तव (67) रहते हैं। भावना को ससुर का साथ रहना रास नहीं आ रहा था। इस कारण उसने ससुर उन्हें जहरीली टैबलेट देने लगी थी। अमित को प|ी की हरकतों पर शंका हुई तो उन्होंने पिता का ब्लड टेस्ट कराया। जांच रिपोर्ट में जहर की पुष्टि हुई। काॅल रिकार्डिंग में भी वह मां व बहन से कहती पाई गई कि बुड्ढा अब ज्यादा दिन का मेहमान नहीं है।