हादसा / तीर्थ यात्रियों से भरी बस पलटी, 32 पेड़ तोड़ नीम के पेड़ पर लटकी, मंदसाैर के 3 लाेग घायल



बस असंतुलित होकर पलटी खा गई। बस असंतुलित होकर पलटी खा गई।
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बस असंतुलित होकर पलटी खा गई।बस असंतुलित होकर पलटी खा गई।

  • ब्रेक का प्रेशर पाइप फटा, नागदा-गुजरी हाईवे पर तारापुर घाटी के पास हादसा
  • 55 यात्रियाें सहित नीमच का बस चालक भी घायल

Dainik Bhaskar

Apr 08, 2019, 12:06 PM IST

मांडू/धार. मांडू से महेश्वर नर्मदा स्नान करने जा रहे तीर्थ यात्रियों की लक्झरी बस रविवार को नागदा-गुजरी हाईवे स्थित तारापुर घाटी में ब्रेक का प्रेशर पाइप फटने से हादसे का शिकार हो गई। बस असंतुलित होकर घाटी के दूसरे मोड़ में खाई में जा गिरी।

 

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस 23 पलटी खाते हुए 32 पेड़ों को तोड़ते हुए 140 फीट पर एक नीम के पेड़ पर टिक गई। यदि यह पेड़ भी उखड़ जाता तो बस सीधे गहरी खाई में जा गिरती। घटना में बस में सवार 55 यात्री घायल हो गए। लोगों ने पुलिस को सूचना दी। प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और घायलों को एम्बुलेंस से धामनोद व नालछा अस्पताल पहुंचाया। जहां से 13 लोगों को धार जिला अस्पताल रैफर किया गया। घायलाें में मंदसाैर के 3 व नीमच का 1 यात्री शामिल है। 

 

मंदसौर जिले के यात्री भूतड़ी अमावस्या पर ओंकारेश्वर, महेश्वर, मांडू, जीरापुरा आदि की तीर्थ यात्रा पर निकले थे। रविवार को वे मांडू से महेश्वर के लिए रवाना हुए थे। कुछ ही दूरी पर तारापुर घाटी में बस (एमपी 13 पी 1074) के ब्रेक का प्रेशर पाइप फट गया। जिससे असंतुलित होकर बस खाई में जा गिरी। पुलिसकर्मि और उपचार के लिए अस्पताल भेजा। 

 

एक बस तेज गति से आई, उसे देखकर हमें लगा था कि कोई नहीं बचेगा : प्रत्यक्षदर्शी राजगढ़ निवासी बलराम ने बताया कि वह केबल लाइन खुदवा रहा था। इसी दौरान एक बस तेजी से आई, उसे देखकर हमारी पूरी टीम मौके से भागी, कुछ ही पलों में बस खाई में जा गिरी। बलराम ने बताया कि बस चालक ने एकदम ब्रेक लगाए लेकिन इस हिस्से में दीवार नहीं थी। इससे बस खाई में उतरते ही पलटियां खाने लगीं। कई पेड़ टूट गए, हमें लगा हादसे में कोई नहीं बचेगा, लेकिन गनीमत रही कि बस एक पेड़ की वजह से अटक गई अन्यथा कई लोगों की जान चली जाती। 

 

बस को असंतुलित होता देख चालक ने लगा दी छलांग : प्रत्यक्षदशिर्यों के अनुसार बस जैसे ही असंतुलित हुई ड्राइवर ने बस से छलांग लगा दी। ड्राइवर मौके पर काफी देर तक नजर नहीं आया। इससे लोगों को लगा कि वो भाग गया है। सभी घायलों को निकालने के बाद ड्राइवर श्यामलाल पिता मधुलाल (40) निवासी नीमच को भी इलाज के लिए जिला अस्पताल लाए। खाई में पेड़ पर लटकी बस को जेसीबी और अन्य उपकरणों से बाहर निकाला। बस पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है।
 
पहले गियर में थी बस, प्रेशर पाइप फटने पर कंट्रोल नहीं हुई : जिला अस्पताल में भर्ती बस चालक श्यामलाल ने कहा उतार में बस कंट्रोल में रहे इसलिए मैं पहले गियर में चला रहा था। जब ब्रेक लगाया तो ब्रेक काम नहीं कर रहा था। अचानक पाइप फट गया और प्रेशर निकल गया। जिससे बस का संतुलन बिगड़ा और खाई में जा गिरी। मैं भागा नहीं था, घायल हो गया था। 

 

यात्रियों ने लिया हर साल एक पेड़ लगाने का संकल्प  : बस जब खाई में गिरी तो 32 सागौन के पेड़ धराशायी हो गए। बाद में बस नीम से पेड़ पर लटक गई। पेड़ों को नुकसान हुआ। लोगों की जान बच गई। इसलिए यात्रियों ने यह संकल्प लिया कि वे हर साल एक पेड़ लगाएंगे। 

 

हादसे में रतलाम जिले के घायल : घटना में आलोट तहसील के ग्राम झांगरिया निवासी कचरूसिंह (35), कैलाश पिता गोपाल मालवीय (30), मुकेश पिता देवीलाल मालवीय (21), दिनेश पिता शंकरलाल (24), मोहन पिता रामजी (60), प्रकाश पिता बद्रीलाल (28), संजय पिता मोहन मालवी (18), अंजना पति धनसिंह (60), कान्हा पिता रामसिंह (12), शिमला पिता प्रभुलाल (25), कैलाश बाई पति प्रभुलाल (30), विक्रम पिता रुघनाथसिंह पटेल (35), रामसिंह पिता भागुसिंह (35), बादर पिता धनसिंह (18), ताल के पास ग्राम माधूपुर निवासी बद्री पिता नंदा (60), नहारसिंह पिता पन्नाजी (25), सुनील पिता प्रकाश मालदी (17), मालवीय जी पिता चंपालाल (55), नीतू पिता पेमा (13), कमलाबाई पति नंदा (50), लालाराम पिता रामलाल (32), सुनिल पिता प्रकाश (28), रामसिंह पिता सागू (40), ग्राम पाटन निवासी प्रतापसिंह पिता रूपसिंह (48), रामचंद्र पिता नंदाजी (60) निवासी बरखेड़ा, जीवन पिता लइसिंह (30) निवासी धतरावदा, प्रहलाद पिता बाबू (15) साल निवासी विक्रमगढ़ आलोट, मीनाक्षी पिता देवीलाल (6) एवं नंदाबाई पति चम्पालाल (65) प्रहलाद पिता बाबू चन्द्रवंशी (25), राहुल पिता बाबूलाल (18) साल निवासी पिपलिया आलोट, जगन्नाथ पिता मोतीलाल व्यास (64) निवासी धामनोद, श्याम पिता माधुलाल (35) निवासी मनासा (शिवगढ़) तथा रतलाम निवासी पप्पू पिता मोहनलाल (26), राहुल पिता बालू (24), कच्चू पिता मागुजी (30), गंगाराम पिता नागूजी (60), भादरसिंह पिता धनसिंह (25) घायल हुए। 
 

मंदसौर के घायल : कैलाश बाई पति गोपाल (35) निवासी महखेडा, रामू पिता गोवर्धन (18), निवासी सीतामऊ, पप्पू पिता अमराजी (24) साल निवासी मानपुराद्ध। 

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