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​बगैर सीएम की सहमति के हो ही नहीं सकता अवैध रेत उत्खनन, पौधा रोपण में भी हुआ बड़ा घोटाला : दिग्विजय सिंह

नर्मदा परिक्रमा यात्रा पूरी करने के बाद इंदौर में साझा किए अपने अनुभव।

Dainik Bhaskar

Apr 17, 2018, 04:35 PM IST
Digvijay Singh's Narmada Parikrama Yatra, charges against Shivraj Sarkar

इंदौर. पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि छह महीने नर्मदा परिक्रमा करने के बाद अब मैं प्रदेश परिक्रमा करूंगा। इसमें कांग्रेस नेताओं को एकजुट करूंगा। जनता के बीच जाऊंगा। इसका मकसद एक ही होगा- प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनाना। प्रदेश सरकार के खिलाफ किसान से लेकर हर वर्ग में आक्रोश है। इसलिए यात्रा में लोगों की समस्याएं सुनकर उनका निराकरण करूंगा। पीसीसी और एआईसीसी की मंजूरी के बाद यह यात्रा निकालूंगा।

मंगलवार को शहर में मीडिया से मुखातिब होते हुए सिंह ने कहा कि अकसर मुझसे पूछा जाता है कि नर्मदा परिक्रमा के बाद क्या करेंगे? मेरा एक ही जवाब है कि जीवनभर राजनीति की है। अब भी वही करूंगा और दमखम से करूंगा। पकौड़े थोड़े ही तलूंगा। हालांकि उन्होंने साफ कर दिया कि वे मुख्यमंत्री पद की दौड़ में नहीं हैं। कांग्रेस के कमलनाथ या सीएम का चेहरा प्रोजेक्ट करने पर कहा कि यह आला कमान तय करेगा।

जो पौधे गिनने की बात कहते हैं, सरकार उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा दे देती है

सिंह ने कहा कि शिवराज सरकार ने नर्मदा किनारे 6.25 करोड़ पौधे लगाने का दावा किया था, लेकिन मैं नर्मदा परिक्रमा के दौरान 1800 किमी घूमा तो महज तीन पौधे जिंदा मिले। जब वापस लौटा तो जरूर पौधे लग रहे थे। पता चला कि ये ताबड़तोड़ लगवाए जा रहे हैं क्योंकि मैं यात्रा पर हूं। उन्होंने कहा 60 हजार से एक लाख पौधे ही लगे होंगे। उन्होंने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि जो पौधे गिनने की बात कहते हैं, सरकार उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा दे देती है। प्लांटेशन पैसा खाने का रास्ता है। गड्ढे खुदाई से लेकर पौधा खरीदने तक में भ्रष्टाचार हुआ है।

नर्मदा में रेत का अवैध खनन इतना कि 50 फीट तक गड्ढे हो गए, सब मुख्यमंत्री की शह पर, कई जगह पानी ही नहीं है

सिंह ने कहा कि नर्मदा यात्रा के दौरान मैंने काफी दर्दनाक दृश्य देखा। आंखों में आंसू भी आ गए। सरदार सरोवर बांध के बाद नर्मदाजी में कई जगह पानी ही नहीं बचा। अरब सागर से 80 किमी तक नर्मदाजी का पानी पीने योग्य नहीं है। पानी खारा हो चुका है। गुजरात को डेवलपमेंट मॉडल कहा जाता है लेकिन वहां नर्मदा तट पर 30-40 गांव ऐसे हैं जो पीने के पानी के लिए तरस रहे हैं। मप्र में रेत का अवैध खनन भारी मात्रा में हो रहा है। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के गांव के निकट इतना खनन हो चुका है कि 50 फीट तक गड्ढे हो गए। खास बात यह है कि वहां एक भी लीज, पट्टा नहीं है। मैं साफ कहता हूं कि मुख्यमंत्री की बिना शह के अवैध खनन संभव नहीं है।

संघी आतंकवाद कहा था
- भगवा आतंकवाद मैंने कभी नहीं कहा। संघी आतंकवाद जरूर कहा है। मैं उस बात पर आज भी कायम हूं।
- आरक्षण को लेकर बंद के दौरान हुई हिंसा पर कहा कि मैं हिंसा का विरोधी हूं। चाहे वो हिंसा कोई भी करे। उन्होंने कहा आरक्षण को लेकर जो हालात देश में हैं, उस पर समन्वय से सामंजस्य बैठाकर निराकरण करने की जरूरत है।

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Digvijay Singh's Narmada Parikrama Yatra, charges against Shivraj Sarkar
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