रजिस्ट्रेशन कार्ड के बिना ही ट्रांसफर हुई भय्यूजी की गाड़ी / रजिस्ट्रेशन कार्ड के बिना ही ट्रांसफर हुई भय्यूजी की गाड़ी

Bhaskar News Network

Dec 09, 2018, 04:20 AM IST

Indore News - भय्यू महाराज की मौत के 10 दिन बाद फर्जी तरीके से उनकी गाड़ी के ट्रांसफर के मामले में रोज नई गड़बड़ियां सामने आ रही हैं।...

Indore News - due to transfer of registration without registration card
भय्यू महाराज की मौत के 10 दिन बाद फर्जी तरीके से उनकी गाड़ी के ट्रांसफर के मामले में रोज नई गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। गाड़ी के ट्रांसफर की फाइल की जांच में सामने आया है कि ट्रांसफर के वक्त गाड़ी का रजिस्ट्रेशन कार्ड मौजूद ही नहीं था, बावजूद 22 जून को ही ट्रांसफर का आवेदन कर दिया गया था और इसके एक दिन बाद यानी 23 जून को डुप्लीकेट रजिस्ट्रेशन कार्ड को जारी करने का आवेदन किया गया। उसी दिन गाड़ी ट्रांसफर भी कर दी गई। ट्रांसफर के लिए जो फाइल तैयार की गई उस पर लगाई गई नोटशीट गाड़ी के ट्रांसफर के लिए ही तैयार की गई थी, जबकि उस समय गाड़ी का डुप्लीकेट कार्ड जारी ही नहीं हुआ था। सूत्रों के मुताबिक इसके बाद भी एआरटीओ निशा चौहान ने इसे लौटाने के बजाय इस पर ही डुप्लीकेट कार्ड जारी करने की टीप लिख दी।

गाड़ी ट्रांसफर के घोषणा पत्र पर भी नहीं थे सचिव के साइन, गाड़ी के ट्रांसफर के वक्त गाड़ी के विक्रेता और क्रेता द्वारा एक घोषणा पत्र अपने फोटो और हस्ताक्षर के साथ दाखिल किया जाता है, जिसमें गाड़ी के ट्रांसफर की जानकारी होती है। इस गाड़ी के ट्रांसफर की फाइल में यह घोषणा पत्र तो मिला है, इस पर विक्रेता के रूप में ट्रस्ट सचिव तुषार पाटिल का फोटो भी लगा है, लेकिन उनके साइन नहीं हैं।

भास्कर संवाददाता | इंदौर

भय्यू महाराज की मौत के 10 दिन बाद फर्जी तरीके से उनकी गाड़ी के ट्रांसफर के मामले में रोज नई गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। गाड़ी के ट्रांसफर की फाइल की जांच में सामने आया है कि ट्रांसफर के वक्त गाड़ी का रजिस्ट्रेशन कार्ड मौजूद ही नहीं था, बावजूद 22 जून को ही ट्रांसफर का आवेदन कर दिया गया था और इसके एक दिन बाद यानी 23 जून को डुप्लीकेट रजिस्ट्रेशन कार्ड को जारी करने का आवेदन किया गया। उसी दिन गाड़ी ट्रांसफर भी कर दी गई। ट्रांसफर के लिए जो फाइल तैयार की गई उस पर लगाई गई नोटशीट गाड़ी के ट्रांसफर के लिए ही तैयार की गई थी, जबकि उस समय गाड़ी का डुप्लीकेट कार्ड जारी ही नहीं हुआ था। सूत्रों के मुताबिक इसके बाद भी एआरटीओ निशा चौहान ने इसे लौटाने के बजाय इस पर ही डुप्लीकेट कार्ड जारी करने की टीप लिख दी।

गाड़ी ट्रांसफर के घोषणा पत्र पर भी नहीं थे सचिव के साइन, गाड़ी के ट्रांसफर के वक्त गाड़ी के विक्रेता और क्रेता द्वारा एक घोषणा पत्र अपने फोटो और हस्ताक्षर के साथ दाखिल किया जाता है, जिसमें गाड़ी के ट्रांसफर की जानकारी होती है। इस गाड़ी के ट्रांसफर की फाइल में यह घोषणा पत्र तो मिला है, इस पर विक्रेता के रूप में ट्रस्ट सचिव तुषार पाटिल का फोटो भी लगा है, लेकिन उनके साइन नहीं हैं।

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