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राजनीतिक, सामाजिक मुद्दों पर युवाओं ने की प्रभावी अभिव्यक्ति

इंदौर | डीएवीवी में सोमवार को यूथ फेस्ट के इंटर डिपार्टमेंट सिलेक्शन में डांस, स्किट, मिमिक्री, माइम, सोलो...

Danik Bhaskar | Sep 11, 2018, 03:35 AM IST
इंदौर | डीएवीवी में सोमवार को यूथ फेस्ट के इंटर डिपार्टमेंट सिलेक्शन में डांस, स्किट, मिमिक्री, माइम, सोलो इंस्ट्रुमेंटल, कार्टूनिंग, पोस्टर मेकिंग और स्पॉट पेंटिंग प्रतियोगिताएं हुईं। फोक डांस में लाइव म्यूज़िक पर प्रस्तुति देना थी लेकिन कई ग्रुप्स ने फ़िल्मी गीतों पर डांस किया तो कुछ ने रिकॉर्डेड म्यूज़िक पर। चूंकि प्रतियोगिता यूटीडी लेवल पर थी इसलिए इन गलतियों को नज़रअंदाज़ कर प्रतियोगियों की प्रतिभा को ही आंका गया। अगली प्रतियोगिता स्किट की थी। 6 टीमों ने प्रस्तुति दी। दो टीमों कोड क्रमांक 4 और 6 ने प्रभावित किया।

राजनीतिक कटाक्ष : गधों को हम अपना ब्रैंड एम्बेसडर बनाएंगे

कोड 4 के नाटक की कहानी यूं थी कि धोबी का गधा गुम हो गया। वो 4 भाषाएं बोलता था। रिपोर्टर धोबी का इंटरव्यू लेने पहुंच गया। परेशान धोबी को वो नेता के पास ले जाता है। नेता कहता है देख रहे हैं आप लोग इस सरकार की हालत, इनके राज में गधे तक सुरक्षित नहीं है। लेकिन हम यदि सत्ता में आए तो गधों को हम अपना ब्रैंड एम्बेसडर बनाएंगे। हम उसे मुख्यमंत्री के लिए प्रोजेक्ट करेंगे।

धोबी - लेकिन एक गधे को समर्थन कौन देगा हुज़ूर ?

नेता - बुद्धिमान देंगे , और कौन देगा, वर्षों से देते आ रहे है।

धोबी - वो क्यूं ?

नेता - वो समान विचार धारा वाले लोग हैं, इसलिए।

धोबी - और यदि दंगे हो गए तो ?

नेता - गधों के राज्य में दंगे नहीं हो सकते क्योंकि यह बुद्धिमानों का खेल है।

कोड क्रमांक 6 ने जो प्रस्तुति दी उसके पात्र, स्फूर्ति 2018 में हो चुकी है लेकिन संवाद बदल दिए गए थे। संवाद पढ़िए :

चूहा : मुझे छुट्टी चाहिए, सरकारी गोदाम में जाऊंगा, अपनी पसंदीदा डिश खाऊंगा।

गधा : चूहा कहीं भी, अफसर किसी का भी बिल बना देता है।

चूहा : मैं कुतरूंगा उन पन्नों को जो फ़ाइलों में लगे हैं। प्लेग फैलाऊंगा उनमें जो इंसानियत को कुतरने में लगे हैं।

भैंसा : मुझे छुट्टी से ज़्यादा ड्यूटी प्यारी है। मैं यमराज के हिसाब से बहुत चला। अब मैं चाहता हूं कुछ दिन यमराज मेरे हिसाब से चलें। मैं भारत जाकर भ्रष्टाचारियों की जड़ें खोदना चाहता हूं।