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यहां पहुंचे 40 देशों के मेहमान, फिर कचरे के साथ लेने लगे सेल्फी

40 देशों के 70 शहरों के मेयर और प्रतिनिधियों ने तीन दिन तक कचरे के निपटान पर मंथन किया।

bhaskar news | Last Modified - Apr 13, 2018, 07:05 AM IST

यहां पहुंचे 40 देशों के मेहमान, फिर कचरे के साथ लेने लगे सेल्फी

इंदौर.आठवीं रीजनल 3-आर फोरम इन एशिया एंड द पैसिफिक का गुरुवार को समापन हो गया। 40 देशों के 70 शहरों के मेयर और प्रतिनिधियों ने तीन दिन तक कचरे के निपटान पर मंथन किया। इसका निचोड़ यही निकला कि इंदौर जो कर रहा है, वही काम पूरी दुनिया करे। कॉन्फ्रेंस के अंतिम दिन शहरी विकास मंत्रालय के सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने कहा कि 3-आर (रिसाइकिल, रि-यूज, रि-ड्यूज) का सबसे बड़ा उदाहरण इंदौर है। अगली रैंकिंग 15 मई तक घोषित होगी। यह दुनिया के साफ-सुथरे शहरों में से एक है। यहां थ्री-आर के सभी ऑब्जेक्ट पर काम हो रहा है।

दुनिया थ्री-आर पर काम कर रही, पीएम मोदी ने दिए छह-आर

मिश्रा ने कहा कि आज इंदौर में जो काम दिखाई दे रहे है, वह यहां से दूसरे शहर भी सीख कर जाएंगे। कई इस पर काम भी कर रहे है। पूरे हिंदुस्तान में मिशन को हाथोहाथ लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दुनिया थ्री-आर पर काम कर रही है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 6-आर दिए है। यह पूरे हुए तो रिजॉइस (परमानंद) अपने आप मिल जाएगा। हमारा टारगेट है देश को 2019 तक स्वच्छ कर देंगे। कार्यक्रम को नगरीय प्रशासन मंत्री माया सिंह सहित जापान और थाईलैंड के प्रतिनिधियों ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में इंदौर-ड्राफ्ट जारी करने के बाद घोषणा की गई कि 9वीं एशिया पेसिफिक कान्फ्रेंस थाईलैंड में होगी। कार्यक्रम में महापौर मालिनी गौड़ को भी आयोजन के साथ 3-आर का इंदौर ड्राफ्ट भेंट किया गया। समापन अवसर पर 9वीं एशिया प्रशांत क्षेत्र की 3 आर फोरम की बैठक के मेजबान थाईलैंड सरकार के उपमंत्री जनरल एकेमाई चानसारी को मेजबानी का प्रतीक चिन्ह सौंपा गया।

भारत सरकार : गली-मोहल्ले घूमने के बाद शहरी विकास सचिव बोले; यह जनआंदोलन

- केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के सचिव डी.एस. मिश्रा सुबह साढ़े 6 बजे लोकमान्य नगर पहुंचे। उन्होंने वहां डोर-टू-डोर कलेक्शन देखने के बाद कचरे को घर में ही कैसे खत्म करें, यह देखा। लाेगों से बात भी की। उन्होंने ट्रेंचिंग ग्राउंड, बायोमेथेनेशन प्लांट भी देखा।
- मिश्रा ने कहा कि पब्लिक का जो इन्वॉल्वमेंट इंदौर में है, वह सच में जनआंदोलन है। निगम ने जो स्टेप लिए हंै, बायोमेथेनेशन प्लांट का अच्छा आइडिया है।
- वे बोले कि मैंने कई शहर देखे, लेकिन यहां का काम काफी प्रशंसनीय है। कूड़ा जितनी बड़ी समस्या इंदौर की थी, उसे रिसोर्स में बदल दिया। लोगों की आदत में काफी बदलाव आया है। यह शहर फाइव और सेवन स्टार भी बन सकता है।

ऐसे प्रभावित हुए कि सेल्फी में कचरा भी मंजूर...

- दूसरे देशों के प्रतिनिधियों ने इंदौर में सफाई को लेकर हो रहे हर काम को बारीकी से देखा। कचरा गाड़ी से लेकर कचरा स्टेशन तक गए। प्रतिनिधि इतने प्रभावित हुए कि हर तौर-तरीके के साथ सेल्फी लेने लगे। तस्वीर में मलेशिया की प्रतिनिधि चोइथराम मंडी के बायोमेथेनेशन प्लांट पर फोटो ले रही हैं।

विश्व प्रतिनिधि : इंदौर का यह अपनाएंगे ...

इंडोनेशिया-प्रतिनिधिमंडल ने बिल्डिंग मटेरियल को दोबारा उपयोग करने की तकनीक को समझा। अब इसे अपने देश में लागू करेगा।
कजाकिस्तान-टीम ने जाना कि आईटी का उपयोग सॉलिड वेस्ट मेनेजमेंट में कैसे कर सकते हैं। कचरा गिनने और डिस्पोजल के हाईटेक तरीके सीखे।
थाईलैंड-यहां बायो-डिग्रेबल और प्लास्टिक वेस्ट ज्यादा होता है। टूरिस्ट प्लेस और समुद्री इलाके के कचरे को कम करने की तकनीक समझी।

मलेशिया-यहां वेस्ट मेनेजमेंट का काम आउटसोर्स करते हैं,लेकिन इंदौर मॉडल सस्ता है। अब इसे लागू किया जाएगा।
रिपब्लिक ऑफ कोरिया-ई-वेस्ट पर इस टीम का फोकस रहा। इसके निस्तारण पर और रिसर्च चाहते हैं। निजी कंपनियों ने ई-वेस्ट को लेकर सुझाव दिए।
वियतनाम-प्रतिनिधियों ने आईटी का उपयोग एसडब्लयूएम में कैसे किया जाए, यह जाना।

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