मप्र / फरवरी से मार्च के बीच जारी हुए थे 379 करोड़ के फर्जी बिल



Fake bills of Rs 379 crore issued between February and March
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Fake bills of Rs 379 crore issued between February and March

  • कर सलाहकार की खुदकुशी के बाद खुलीं घाेटाले की परतें
  • इंदौर के कर सलाहकार गोविंद अग्रवाल पर था 20 करोड़ टैक्स भरने का दबाव

Dainik Bhaskar

Jul 13, 2019, 03:24 AM IST

इंदौर | कर सलाहकार गोविंद अग्रवाल की आत्महत्या के बाद जीएसटी घोटाले की परतें खुलने लगी हैं। यह पूरा घोटाला 26 फरवरी से 22 मार्च 2019 के बीच 379 करोड़ रुपए के 795 फर्जी बिल और 259 करोड़ के फर्जी ईवे बिल (एक हजार गलत ट्रकों के नंंबरों पर) जारी करने का था। इस घोटाले की लिंक दीपक सचेदवा की फर्म सारू इंटरप्राइजेज से जुड़ी हुई है। सचदेवा, उनके पार्टनर देवेंद्र शर्मा और सीए रवि गोयल इस घोटाले का मास्टरमाइंड अग्रवाल को बताकर छह जून को ही पुलिस को शिकायत कर चुके थे, जिसमें जांच जारी है।

 

वहीं अग्रवाल के परिजनों ने इस घोटाले के लिए शर्मा और सचदेवा को जिम्मेदार बताया है। घोटाले पर सेल्स टैक्स विभाग की नजर मई में ही पड़ गई थी और कंपनी पर 15 करोड़ रुपए टैक्स भरने की जिम्मेदारी आ गई थी। खबर लगते ही कारोबारियों ने ब्याज के साथ करीब 20 करोड़ रुपए टैक्स भरने की जिम्मेदारी अग्रवाल पर डाल दी। लेकिन मामला सुलझते नहीं देख सचेदवा ने अग्रवाल पर जीएसटी घोटाला करने और 1.70 करोड़ की राशि खाते से लेने की शिकायत पुलिस काे कर दी।

 

फर्म से कारोबार नहीं, सिर्फ 2% कमीशन पर फर्जी बिल : सारू इंटरप्राइजेज शकर कारोबार के लिए खुली थी, लेकिन सचदेवा ने इसे चलाने के लिए शर्मा को पॉवर ऑफ अटाॅर्नी दे दी और शर्मा ने इसमें अग्रवाल को साथ ले लिया। आशंका है कि इस फर्म और सचदेवा की एक और फर्म श्री ट्रेडलिंक से कारोबार नहीं हो रहा था और केवल दो फीसदी कमीशन पर फर्जी बिल जारी हो रहे थे। शर्मा और सचदेवा का कहना है कि हमने अग्रवाल को यह फर्म चलाने के लिए दी थी और उन्होेंने एक महीने में ही 379 करोड़ के फर्जी बिल जारी कर दिए। हम इसकी टैक्स जिम्मेदारी वहन करने के लिए ही अग्रवाल को बोल रहे थे। वे नहीं माने तो पुलिस को शिकायत कर दी थी। गौरतलब है कि 250 करोड़ के जीएसटी घोटाले में गोविंद अग्रवाल की फर्म पर छापा पड़ा था। इसके बाद से उनसे पूछताछ की जा रही थी। अग्रवाल ने शुक्रवार को आत्महत्या कर ली थी।

 

पुलिस को शिकायत मिली थी, जांच जारी : जून में सचदेवा की शिकायत मिली थी, इस पर उनके बयान भी हुए थे, अग्रवाल बयान देने के लिए नहीं आए थे, जांच जारी है। - अनिल पाटीदार, एएसपी

 

हमारा ज्यादा ध्यान टैक्स की रिकवरी पर : विभाग की पूरे नेटवर्क पर जांच जारी है, हमारा ध्यान किसी को गिरफ्तार करने की जगह, टैक्स रिकवरी पर है, पूरी चेन को पकड़ने में लगे हैं। - डीपी आहूजा, स्टेट टैक्स कमिशनर

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