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पैसे के लालच में बेटी को बेचने वाले पिता पर केस दर्ज, नौकरी भी गई

पैसे के लालच में बेचनी चाही थी बेटी, अब पिता की नौकरी भी गई।

Dainik Bhaskar

May 16, 2018, 05:06 PM IST
डिस्ट्रिक्ट चाइल्ड वेलफेयर वालों को भी महिला का इंतजार डिस्ट्रिक्ट चाइल्ड वेलफेयर वालों को भी महिला का इंतजार

मोहाली. 14 मई को 2 घंटे की नवजात को कैरीबैग में रखकर बेचने निकले पिता जसपाल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया है। फिलहाल, नवजात का इलाज चल रहा है। घर के बाहर ताला लगवाकर अंदर छुपी थी मां...

- जसपाल सिंह परिवार के साथ शहर के बल्लोमाजरा इलाके में रहता था। घटना के बाद, मंगलवार को जब पुलिस जसपाल के घर पहुंची तो वहां बाहर से ताला लगा था। पुलिस को मकान मालिक ने बताया कि जसपाल की यहीं पड़ोस में ही रहती है। पुलिस बहन के पास गई।

- पुलिस के जाने के बाद मकान मालिक गुरमुख सिंह ने जब जसपाल के बच्चों से पूछताछ की तो बड़े बेटे ने बताया- मम्मी घर के अंदर ही है।

- बाहर मम्मी के कहने पर ही उसने ताला लगाया हुआ था। गुरमुख ने ताला खोलकर जसपाल की पत्नी मंजीत कौर से बात की तो पता चला, डिलीवरी के चलते उसकी हालत गंभीर थी। इसलिए बच्चों से बोलकर बाहर से ताला लगवाया था।

- मकान मालिक ने पुलिस को सूचना है, इसके बाद मंजीत को सिविल अस्पताल ले जाया गया। हालत ठीक न होने के कारण पुलिस भी मंजीत से पूछताछ न कर पाई थी। इसी बीच अस्पताल ने पुलिस को फोन करके बताया गया कि मंजीत के घरवाले उसे किसी अन्य अस्पताल लेकर चले गए।

- एसएमओ डॉक्टर मंजीत सिंह तथा एसएचओ बलौंगी नवीनपाल सिंह लैहल दोनों का एक ही जवाब था कि जसपाल की पत्नी मंजीत कौर अब कहां एडमिट है, इसके बारे कोई जानकारी नहीं।

डिस्ट्रिक्ट चाइल्ड वेलफेयर आॅफिसर ने भी लिया संज्ञान

भास्कर में खबर आने के बाद पुलिस ने पिता को गिरफ्तार कर लिया गया। डिस्ट्रिक्ट चाइल्ड वेलफेयर आॅफिसर नवप्रीत कौर ने भी इस मामले में सिविल सर्जन से बात की है। नवप्रीत ने बताया कि पुलिस नवजात की मां को तलाश रही है। अभी तक उसका कुछ पता नहीं चला। जब मिलेगी तो उनसे पूछा जाएगा कि क्या वो इस नवजात को रखना चाहेंगे या नहीं। यदि वह रखने में असमर्थ हुए तो सरकारी प्रोसिजर के तहत अडॉप्शन की प्रक्रिया शुुरू की जाएगी।

ये था पूरा मामलाः बेचने के लिए पहले मैक्स गया फिर सिविल हॉस्पिटल गया

- 14 मई को मंजीत ने नवजात को जन्म दिया। उससे पहले भी दो बेटे हैं, एक 5 साल व दूसरा 10 साल का। पत्नी ने जसपाल से कहा कि जाओ इसे बेच आआे। वह वीआर मॉल के रिलांयस फ्रेश में लोडिंग का काम करता है। इसलिए उसके पास रिलांयस का बड़ा कैरी बैग था। नवजात बच्चे को पीले रंग के कैरीबैग में डाल शाम 4 बजे वह उसे बेचने निकल पड़ा।

- जसपाल ने बताया, पत्नी की हालत बहुत खराब है। इलाज के लिए उसे पैसे चाहिए थे। पत्नी के कहने पर वो नवजन्मे को बेचने के लिए निकला था। वह 2 घंटे के नवजात को लेकर पहले मैक्स अस्पताल पहुंचा। वहां लंबी लाइन थी। काफी देर खड़ा रहा। जब काउंटर पर गया और बताया कि बच्चा बेचना है तो उन्होंने वहां के स्टाफ ने उसे भगा दिया।

- इसके बाद वह सिविल अस्पताल फेज-6 की एमरजेंसी में पहुंचा। एमरजेंसी के मौजूद लोगों के अनुसार, करीब एक घंटे से जसपाल हाथ में कैरीबैग लिए खड़ा रहा और फिर बैठ गया। डॉक्टर के फ्री होने के बाद वह डॉक्टर के पास उस कैरीबैग को लेकर गया और बेचने की बात कही। एक बार तो जयपाल की बात पर डॉक्टर्स को विश्वास नहीं हुआ। उन्होंने जब कैरीबैग देखा तो उनके भी होश उड़ गए। डॉक्टर ने तत्काल बच्ची को अपने कब्जे में लेते हुए इलाज शुरू कर दिया और पुलिस को सूचना दी।

दो घंटे की नवजात दो घंटे की नवजात
बच्ची की मां कहां गई, अब पुलिस को भी नहीं पता बच्ची की मां कहां गई, अब पुलिस को भी नहीं पता
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