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बेटी को दर्दनाक मौत देकर भाग गया था पिता, पकड़ाया तो बोला- साहब पत्नी अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रही थी और बच्ची भी मां की मदद करती थी, इसलिए उसे मार डाला

3 वर्ष पहले
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इंदौर20 वर्षीय बेटी का गमछे से गला घोंटकर हत्या करने के मामले में गुरुवार को पुलिस ने एमवायएच में भर्ती आरोपी बबलेश अहिरवार (48) के बयान लिए। उसने बताया कि कुछ दिन पहले ही उसने चरित्र शंका के चलते पहले बेटी, फिर पत्नी और उसके बाद खुद को मारने की प्लानिंग की थी। क्योंकि इंदौर में उसने चार जगहों पर शंका के चलते घर खाली कर दिया था, लेकिन समझाइश देने के बाद भी पत्नी हरकतों से बाज नहीं आ रही थी। इसमें बेटी भी मां की मदद करती थी। इसी के चलते बेटी की मार डाला। पत्नी पर भी कुल्हाड़ी से हमला किया। खुदकुशी करने के लिए उसने पहले से ही गिलास में कुछ जहरीली गोलियां घोलकर रखी थी, जिसे हमले के बाद पी लिया था। परदेशीपुरा के एसआई व जांच अधिकारी पीएल शर्मा ने बताया कि पिता के बयान लिए। फिर पोस्टमॉर्टम के बाद युवती का शव परिजनों को सौंप दिया।

चार माह पहले ही इंदौर आए थे, रोजाना करते थे मारपीट

आरोपी की पत्नी सुदामा बाई ने भास्कर को बताया कि हम मूलत: ग्राम देहरीखुर्द जिला गुना के रहने वाले हैं। करीब 23 साल पहले बबलेश के साथ शादी हुई थी। इसी साल मार्च में पति के कहने पर रोजगार के लिए हम लोग इंदौर आए। बेटा, बेटी और मैं पहले आ गए थे। घर में कुछ काम बाकी था, उसे पूरा कर एक माह बाद बबलेश भी इंदौर आ गया। लेकिन उसका व्यवहार पूरी तरह से बदल गया था। वह जरा-जरा सी बातों पर मेरे ऊपर शंका करने लगा। इसके कारण हमने तीन से चार जगह घर भी बदल दिए। दोनों बच्चे मेरा पक्ष लेते थे तो वह उनके साथ भी मारपीट करता था। मैं एमवाय अस्पताल के पास एक होस्टल में खाना बनाने जाती थी। बेटी रानी भी एक निजी प्ले स्कूल में बच्चों को संभालने का काम करती थी। बेटा अंकेश रीगल तिराहा पर एक बिल्डिंग में लिफ्ट चलाने का काम करता था। वह नशे का आदी है। आए दिन मेरे साथ मारपीट करता था। मैं दिनभर काम कर जो रुपए लाती थी उन्हें छीनकर शराब पी लेता था। सांस, ससुर, चार जेठ और एक ननद इसे समझाते थे तो मेरे साथ मारपीट करता था।


छत पर सो रहे थे, फोन बजा तो करने लगे शंका
कुछ दिन पहले गर्मी हो रही थी। मकान मालकिन ने कहा कि तुम्हारे घर में पंखा नहीं है, इसलिए परिवार सहित छत पर सो जाया करो। एक दिन हम सब छत पर सो रहे थे और मेरा मोबाइल सिरहाने रखा था। पड़ोस में रहने वाले तीन से चार परिवार भी छत पर सो रहे थे। एक व्यक्ति रात को मोबाइल पर बात कर रहा था और उसी दौरान मेरा मोबाइल भी बजा तो पति को लगा कि उसी ने मुझे कॉल किया है। इसी बात को लेकर पति ने बहुत विवाद किया। कई बार मारपीट की तो बच्चों ने उनका विरोध किया और मेरा पक्ष लेने लगे तो वह कहने लगे कि ये गलत काम कर रही है और तुम दोनों इसका ही पक्ष ले रहे हो। लेकिन बच्चों ने कहा कि मां कोई गलत काम नहीं कर रही है। अपनी बात मनवाने के लिए वह 24 घंटे जहरीली गोलियां अपनी जेब में रखते थे।


बेटी का पूछा तो पहले बताया डॉक्टर के यहां गई है
सुदामा बाई के मुताबिक काम से रात करीब 8.30 बजे घर आई और बेटी का पूछा तो पति कहने लगे वह डॉक्टर के यहां गई है। मैंने ने कहा वह अकेली डॉक्टर के यहां नहीं जा सकती। मैं बेटी को आवाज लगाते हुए घर में घुसी तो पति ने दरवाजा बंदकर कुल्हाड़ी से मेरे सिर पर वार कर दिया। कुल्हाड़ी छीनी तो चाकू से पेट पर वार कर दिया। जैसे-तैसे दरवाजा खोला तो बेटे ने हम दोनों को अलग किया और मुझे तुरंत एमवायएच लेकर पहुंचा।

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