इंदौर

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कावड़ियों द्वारा लाया गया जल भी फिल्टर होकर महाकाल पर चढ़ेगा, जांच के बाद विशेषज्ञों का सुझाव

सु्प्रीम कोर्ट की जांच समिति ने गर्भगृह के तापमान को 22 डिग्री से कम रखने की सलाह दी है।

Danik Bhaskar

Jun 15, 2018, 06:10 AM IST
कावड़ियों के जल को शिवलिंग तक प कावड़ियों के जल को शिवलिंग तक प

उज्जैन. महाकालेश्वर मंदिर के शिवलिंग को क्षरण से बचाने के लिए श्रावण में कावड़ियों द्वारा लाया जल भी अब फिल्टर होकर महाकाल पर चढ़ेगा। श्रावण के पहले यह व्यवस्था होगी। इसके लिए कावड़ियों के जल को शिवलिंग तक पहुंचाने वाली पाइप लाइन में दो फिल्टर लगाए जाएंगे।सुप्रीम कोर्ट द्वारा कराई जांच में विशेषज्ञों ने शिवलिंग पर चढ़ाए जाने वाले जल की पीएच वैल्यू 6.8 से कम रखे जाने का सुझाव दिया है। इससे शिवलिंग के क्षरण की संभावना नहीं रहेगी। कावड़ियों द्वारा लाए जल की पीएच वैल्यू 7.2 से ज्यादा होती है। इसे कम करने के लिए श्रावण के पहले नई व्यवस्था की जा रही है।

जल की पीएच वैल्यू 6.8 से कम करने किया जाएगा फिल्टर

कलेक्टर व मंदिर समिति अध्यक्ष मनीष सिंह के अनुसार कावड़ियों का जल शिवलिंग तक पहुंचाने के लिए पीतल की पाइप लाइन लगाई जाती है। इस पाइप लाइन में दो फिल्टर लगाए जाएंगे। इन्हें दिन में दो बार साफ भी किया जाएगा। फिल्टर होने से जल की पीएच वैल्यू 6.8 से कम हो जाएगी।


कोटितीर्थ का जल भी होगा साफ
शिवलिंग पर चढाएं जाने वाले कोटितीर्थ कुंड के जल की भी पीएच वेल्यु मापदंड के अनुसार करने के लिए कुंड के समीप लगे आरओ सिस्टम की क्षमता बढ़ाने के साथ जेएनएनयूआरएम में लगाए गए फिल्टर प्लांट को भी चालू करेंगे। जल इतना साफ होगा कि उसमें काई का अंश भी नहीं रहेगा। पूरी तरह साफ किए गए जल को टेंक में एकत्र किया जाएगा जिससे श्रद्धालु जल लेकर शिवलिंग पर चढ़ा सकेंगे।

गर्भगृह में लगेंगे अत्याधुनिक कुलिंग सिस्टम
सु्प्रीम कोर्ट की जांच समिति ने गर्भगृह के तापमान को 22 डिग्री से कम रखने की सलाह दी है। अभी कुलिंग सिस्टम, एक्जास्ट आदि से गर्भगृह का तापमान इससे ज्यादा होता है। अहमदाबाद के कंसल्टेंट योमेंद्र शाह के माध्यम से मंदिर में अत्याधुनिक कुलिंग सिस्टम लगाने के लिए प्रोजेक्ट तैयार कराया जा रहा है। जिससे गर्मी में भी यहां तापमान 22 डिग्री तक नहीं पहुंचेगा। नंदीगृह के कुलिंग सिस्टम को बदला जाएगा।

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